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Sant Kabir Nagar News: लंगूर पकड़ने नहीं पहुंची टीम, दहशत में ग्रामीण
Mon, 16 Dec 2024 11:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 16 Dec 2024 11:23 PM IST
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धनघटा। लंगूरों के हमले से बारीडीहा गांव में दहशत का माहौल है। रविवार को लंगूरों के हमले में वृद्ध पल्टन की मौत के बाद गांव के लोग अकेले घर से निकलने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैंं। सोमवार को तहसीलदार ने मृतक के घर पहुंच कर परिजनों को ढांढस बंधाया। साथ ही आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने लंगूरों को जल्द पकड़वाने की बात कही।
ग्रामीणों का कहना है कि 15 दिन पूर्व 20 से 25 की संख्या में लंगूरों का एक झुंड गांव में पहुंचा और यहीं अपना ठिकाना बना लिया। धीरे-धीरे लंगूर आक्रामक होते गए और लोगों को दौड़ाना शुरू कर दिया। हद तब हो गई जब रविवार की सुबह शौच के लिए गए 70 वर्षीय वृद्ध पल्टन पर हमला बोलकर लंगूरों ने मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से गांव में भय का माहौल कायम है। लोग अपने छोटे-छोटे बच्चों को अकेले घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। चार-पांच की संख्या में लोग हाथ में लाठी लेकर घर से निकलने को विवश हैं।
ग्रामीण रमेश चौरसिया, राजेंद्र प्रसाद, राम आधार, सीताराम आदि का कहना है कि लंगूर कब किस पर हमला बोल दें, इसका कोई अंदाजा नहीं है। इतना ही नहीं लंगूर घर में घुसकर खाने पीने का सामान भी उठा ले जा रहे हैं। वन विभाग से बार-बार शिकायत के बाद भी पकड़ने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ि
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ग्रामीणों का कहना है कि 15 दिन पूर्व 20 से 25 की संख्या में लंगूरों का एक झुंड गांव में पहुंचा और यहीं अपना ठिकाना बना लिया। धीरे-धीरे लंगूर आक्रामक होते गए और लोगों को दौड़ाना शुरू कर दिया। हद तब हो गई जब रविवार की सुबह शौच के लिए गए 70 वर्षीय वृद्ध पल्टन पर हमला बोलकर लंगूरों ने मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से गांव में भय का माहौल कायम है। लोग अपने छोटे-छोटे बच्चों को अकेले घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। चार-पांच की संख्या में लोग हाथ में लाठी लेकर घर से निकलने को विवश हैं।
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ग्रामीण रमेश चौरसिया, राजेंद्र प्रसाद, राम आधार, सीताराम आदि का कहना है कि लंगूर कब किस पर हमला बोल दें, इसका कोई अंदाजा नहीं है। इतना ही नहीं लंगूर घर में घुसकर खाने पीने का सामान भी उठा ले जा रहे हैं। वन विभाग से बार-बार शिकायत के बाद भी पकड़ने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ि
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