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शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर किया कार्य
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सेमरियावां में काली पट्टी बांध कर प्रदर्शन करते शिक्षक।
- फोटो : KHALILABAD
शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर किया कार्य
सेमरियावां (संतकबीरनगर)। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के प्रांतीय के आह्वान पर 21 सूत्री मांगों के समर्थन में विभिन्न ब्लॉक में शिक्षकों का विरोध पांचवें दिन भी जारी रहा। शिक्षक, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों ने काली पट्टी बांध कर शिक्षण कार्य करते हुए विरोध दर्ज कराया।
जिलाध्यक्ष अशोक कुमार गुप्त कहा कि जनपद के जूनियर हाईस्कूल के शिक्षक, अनुदेशक और शिक्षामित्रों ने एक से पांच मार्च तक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कर विरोध जताया। सरकार जल्द ही सभी मांगें पूरी नहीं की तो संगठन आगे की रणनीति बनाकर धरना-प्रदर्शन करने पर बाध्य होगा। जिला महामंत्री अब्दुर्रहीम ने बताया कि शिक्षकों की 21 सूत्री मांगों में प्रमुख रूप से शिक्षकों के चरित्र पंजिका का अंकन नियम विरुद्ध करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, न्यूनतम वेतनमान 17140 व 18150 का लाभ देने, टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को शिक्षक पद पर समायोजित करने व अन्य शिक्षामित्रों का मानदेय कम से कम 25000 रुपये प्रतिमाह, अनुदेशकों को भी 25000 रुपये मासिक मानदेय का भुगतान आदि मांग है। विरोध जताने वालों में कोषाध्यक्ष भूपेंद्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जलालुद्दीन अंसारी, रामजीत, चेमा सिंह, अनिल विश्वकर्मा, अवधेश मणि त्रिपाठी, अर्चना पटेल, अनीशा खातून, साजदा खातून, नसीबा खातून, ममता सोनी, जुनैद अहमद, मो युनुस, बच्चू लाल आदि शामिल रहे।
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सेमरियावां (संतकबीरनगर)। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ के प्रांतीय के आह्वान पर 21 सूत्री मांगों के समर्थन में विभिन्न ब्लॉक में शिक्षकों का विरोध पांचवें दिन भी जारी रहा। शिक्षक, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों ने काली पट्टी बांध कर शिक्षण कार्य करते हुए विरोध दर्ज कराया।
जिलाध्यक्ष अशोक कुमार गुप्त कहा कि जनपद के जूनियर हाईस्कूल के शिक्षक, अनुदेशक और शिक्षामित्रों ने एक से पांच मार्च तक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कर विरोध जताया। सरकार जल्द ही सभी मांगें पूरी नहीं की तो संगठन आगे की रणनीति बनाकर धरना-प्रदर्शन करने पर बाध्य होगा। जिला महामंत्री अब्दुर्रहीम ने बताया कि शिक्षकों की 21 सूत्री मांगों में प्रमुख रूप से शिक्षकों के चरित्र पंजिका का अंकन नियम विरुद्ध करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, न्यूनतम वेतनमान 17140 व 18150 का लाभ देने, टीईटी उत्तीर्ण शिक्षामित्रों को शिक्षक पद पर समायोजित करने व अन्य शिक्षामित्रों का मानदेय कम से कम 25000 रुपये प्रतिमाह, अनुदेशकों को भी 25000 रुपये मासिक मानदेय का भुगतान आदि मांग है। विरोध जताने वालों में कोषाध्यक्ष भूपेंद्र प्रताप सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जलालुद्दीन अंसारी, रामजीत, चेमा सिंह, अनिल विश्वकर्मा, अवधेश मणि त्रिपाठी, अर्चना पटेल, अनीशा खातून, साजदा खातून, नसीबा खातून, ममता सोनी, जुनैद अहमद, मो युनुस, बच्चू लाल आदि शामिल रहे।
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