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Sant Kabir Nagar News: घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन बढ़ाने का प्रयास करेंगे शिक्षक
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मेंहदावल। परिषदीय विद्यालयों में शत प्रतिशत नामांकन लक्ष्य प्राप्त करने के लिए जून से ही विशेष जोर दिया जाएगा। ग्रीष्मावकाश के बाद प्रवेशोत्सव के दूसरे चरण में शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया को गति देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने रणनीति तैयार की है। इसमें स्कूल चलो अभियान, ड्राॅप आउट बच्चों के साथ बालिकाओं की शिक्षा पर जोर व एसएमसी सदस्यों को साथ में घर-घर संपर्क करके अभिभावकों को विद्यालयों से मिलने वाली बुनियादी व सरकारी सुविधाओं से जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूलों के खुलने के साथ ही ''स्कूल चलो अभियान'' और ''प्रवेशोत्सव'' का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है। इसके तहत शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन कराने के प्रयास तेज करेंगे। 6 से 14 वर्ष की आयु के स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉप आउट) बच्चों को खोजकर वापस स्कूल से जोड़ा जाएगा।
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समाज में महिला साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए बालिकाओं के नामांकन को भी प्राथमिकता दी जाएगी। शिक्षकों और शिक्षा समितियों द्वारा गांव-गांव रैलियां निकालकर और घर-घर संपर्क करके अभिभावकों को सरकारी सुविधाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि परिषदीय विद्यालयों में निशुल्क किताबें, बैग, जूते-मोजे और पौष्टिक मिड-डे मील जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।
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बीईओ महेंद्रनाथ त्रिपाठी ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया को गति देने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने रणनीति तैयार की है। इसमें स्कूल चलो अभियान, ड्राॅप आउट बच्चों के साथ बालिकाओं की शिक्षा पर जोर व एसएमसी सदस्यों को साथ में घर-घर संपर्क करके अभिभावकों को विद्यालयों से मिलने वाली बुनियादी व सरकारी सुविधाओं से जागरूक किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूलों के खुलने के साथ ही ''स्कूल चलो अभियान'' और ''प्रवेशोत्सव'' का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है। इसके तहत शिक्षक घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन कराने के प्रयास तेज करेंगे। 6 से 14 वर्ष की आयु के स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉप आउट) बच्चों को खोजकर वापस स्कूल से जोड़ा जाएगा।
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समाज में महिला साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए बालिकाओं के नामांकन को भी प्राथमिकता दी जाएगी। शिक्षकों और शिक्षा समितियों द्वारा गांव-गांव रैलियां निकालकर और घर-घर संपर्क करके अभिभावकों को सरकारी सुविधाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा। उन्हें बताया जाएगा कि परिषदीय विद्यालयों में निशुल्क किताबें, बैग, जूते-मोजे और पौष्टिक मिड-डे मील जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं।