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Sant Kabir Nagar News: विधानसभा का घेराव करने जा रहे शिक्षकों काे पुलिस न घेरा
Sat, 02 Dec 2023 12:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 02 Dec 2023 12:42 AM IST
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माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष महेश राम को लखनऊ जाते उनके आवास पर धनघटा पुलिस नजरबंद किया।
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष को घर में किया नजरबंद
फोटो है
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने शुक्रवार को पुरानी पेंशन और तदर्थ शिक्षकों की बहाली को लेकर विधान सभा घेराव का एलान किया था। इसको देखते हुए पुलिस ने संघ के जिलाध्यक्ष समेत अन्य शिक्षकाें को धनघटा में ही रोक दिया। उन्हें लखनऊ नहीं जाने दिया। इसके बाद जिलाध्यक्ष को घर ले जाकर छोड़ा और उन्हें घर से नहीं निकलने दिया। इस दौरान शिक्षकों ने प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस एक बजे तक शिक्षकों पर नजर रखी। उसके बाद लौट गई।
जिलाध्यक्ष महेश राम ने कहा कि सरकार दमनकारी नीति अपना रही है, किंतु शिक्षक संघ झुकेगा नहीं। माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त तदर्थ शिक्षकों के परिवार आर्थिक विपन्नता एवं भुखमरी के शिकार हो रहे हैं। उनकी सेवा समाप्ति पर पुनर्विचार करते हुए विनियमित किया जाए तथा उनका रोका हुआ वेतन तत्काल निर्गत किया जाए।
उन्होंने कहा कि शासन के आदेश नौ नवंबर 2023 को वापस लिया जाए। पुरानी पेंशन बहाल की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें रोक दिया। लखनऊ नहीं जाने दिया। घर ले जाकर बैठा दिया। पूरे दिन उन पर नजर रखी। उसके बावजूद विधान सभा का घेराव ऐेतिहासिक रहा। सरकार को उनकी मांग माननी पड़ेगी।
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इसी तरह से मंडलीय मंत्री संजय द्विवेदी को बस्ती के कंपनी बाग चौराहे पर रोक दिया गया। पुलिस ने सभी शिक्षकों को दोपहर एक बजे के करीब छोड़ा। इस दौरान गिरिजानंद यादव, शिवजीत कुशवाहा, जयहिंद, मिथिलेश त्रिपाठी, उदय भान शर्मा, महेंद्र यादव, सुधीर कुमार, संजय शुक्ला आदि लखनऊ नहीं जा पाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने शुक्रवार को पुरानी पेंशन और तदर्थ शिक्षकों की बहाली को लेकर विधान सभा घेराव का एलान किया था। इसको देखते हुए पुलिस ने संघ के जिलाध्यक्ष समेत अन्य शिक्षकाें को धनघटा में ही रोक दिया। उन्हें लखनऊ नहीं जाने दिया। इसके बाद जिलाध्यक्ष को घर ले जाकर छोड़ा और उन्हें घर से नहीं निकलने दिया। इस दौरान शिक्षकों ने प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस एक बजे तक शिक्षकों पर नजर रखी। उसके बाद लौट गई।
जिलाध्यक्ष महेश राम ने कहा कि सरकार दमनकारी नीति अपना रही है, किंतु शिक्षक संघ झुकेगा नहीं। माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्त तदर्थ शिक्षकों के परिवार आर्थिक विपन्नता एवं भुखमरी के शिकार हो रहे हैं। उनकी सेवा समाप्ति पर पुनर्विचार करते हुए विनियमित किया जाए तथा उनका रोका हुआ वेतन तत्काल निर्गत किया जाए।
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उन्होंने कहा कि शासन के आदेश नौ नवंबर 2023 को वापस लिया जाए। पुरानी पेंशन बहाल की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें रोक दिया। लखनऊ नहीं जाने दिया। घर ले जाकर बैठा दिया। पूरे दिन उन पर नजर रखी। उसके बावजूद विधान सभा का घेराव ऐेतिहासिक रहा। सरकार को उनकी मांग माननी पड़ेगी।
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इसी तरह से मंडलीय मंत्री संजय द्विवेदी को बस्ती के कंपनी बाग चौराहे पर रोक दिया गया। पुलिस ने सभी शिक्षकों को दोपहर एक बजे के करीब छोड़ा। इस दौरान गिरिजानंद यादव, शिवजीत कुशवाहा, जयहिंद, मिथिलेश त्रिपाठी, उदय भान शर्मा, महेंद्र यादव, सुधीर कुमार, संजय शुक्ला आदि लखनऊ नहीं जा पाए।