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Sant Kabir Nagar News: खेल-खेल में बच्चों को सिखाने के तरीके बताए
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। तीन से छह वर्ष के विद्यार्थियों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा से जोड़ने के लिए सभी को सक्रिय भूमिका निभाएं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक व विद्यालय प्रबंध समिति के जिम्मेदार इस दिशा में सार्थक पहल करना सुनिश्चित करें।
यह बातें बीआरसी सांथा में चल रहे दो दिवसीय ‘हमारा आंगन, हमारे बच्चे उत्सव’ कार्यक्रम में बीईओ गरिमा यादव ने सभी प्रशिक्षणार्थियों से कही। एआरपी रतनलाल वर्मा ने कहा कि छोटे बच्चों को शिक्षित करने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और शिक्षकों व नामांकन, नियमित उपस्थिति का ध्यान रखने की जिम्मेदारी सभी अभिभावकों की है। बच्चों को इस प्रकार से शिक्षा दिया जाए कि उनके मानसिक क्षमता का विकास हो तथा शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बना रहें।
एआरपी विजय कुमार पांडेय ने कहा आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता के अंतर्गत कई प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत ही परिषदीय स्कूलों में बेसिक शिक्षा विभाग और बाल विकास विभाग की ओर से नौनिहालों को शिक्षा से जोड़ने की पहल की जाएगी। अभिभावकों को पूर्व प्राथमिक एवं बुनियादी शिक्षा में उनकी एवं घर की भूमिका से अवगत कराया जाएगा। अब खेल-खेल में सीखेंगे प्री प्राइमरी के बच्चे प्री प्राइमरी व बाल वाटिका में पढ़ रहे नन्हे मुन्ने बच्चों को खेल खेल में ही शिक्षा प्राप्त होगी। इससे उनका मानसिक और बौद्धिक दोनों विकसित होगा।
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इसमें अध्यापकों को वंडर बॉक्स पर आधारित प्रशिक्षण देते हुए अनेक गतिविधियों से परिचय कराया गया। बच्चों को खेल-खेल में सहजता से सिखाने के तरीकों से परिचित कराया गया। इस प्रशिक्षण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वंदना मिश्रा, ऊषा देवी सहित आदि मौजूद रहीं।
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मेंहदावल। तीन से छह वर्ष के विद्यार्थियों को पूर्व प्राथमिक शिक्षा से जोड़ने के लिए सभी को सक्रिय भूमिका निभाएं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक व विद्यालय प्रबंध समिति के जिम्मेदार इस दिशा में सार्थक पहल करना सुनिश्चित करें।
यह बातें बीआरसी सांथा में चल रहे दो दिवसीय ‘हमारा आंगन, हमारे बच्चे उत्सव’ कार्यक्रम में बीईओ गरिमा यादव ने सभी प्रशिक्षणार्थियों से कही। एआरपी रतनलाल वर्मा ने कहा कि छोटे बच्चों को शिक्षित करने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और शिक्षकों व नामांकन, नियमित उपस्थिति का ध्यान रखने की जिम्मेदारी सभी अभिभावकों की है। बच्चों को इस प्रकार से शिक्षा दिया जाए कि उनके मानसिक क्षमता का विकास हो तथा शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बना रहें।
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एआरपी विजय कुमार पांडेय ने कहा आंगनबाड़ी केंद्रों, प्राथमिक विद्यालयों में बुनियादी साक्षरता के अंतर्गत कई प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत ही परिषदीय स्कूलों में बेसिक शिक्षा विभाग और बाल विकास विभाग की ओर से नौनिहालों को शिक्षा से जोड़ने की पहल की जाएगी। अभिभावकों को पूर्व प्राथमिक एवं बुनियादी शिक्षा में उनकी एवं घर की भूमिका से अवगत कराया जाएगा। अब खेल-खेल में सीखेंगे प्री प्राइमरी के बच्चे प्री प्राइमरी व बाल वाटिका में पढ़ रहे नन्हे मुन्ने बच्चों को खेल खेल में ही शिक्षा प्राप्त होगी। इससे उनका मानसिक और बौद्धिक दोनों विकसित होगा।
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इसमें अध्यापकों को वंडर बॉक्स पर आधारित प्रशिक्षण देते हुए अनेक गतिविधियों से परिचय कराया गया। बच्चों को खेल-खेल में सहजता से सिखाने के तरीकों से परिचित कराया गया। इस प्रशिक्षण में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वंदना मिश्रा, ऊषा देवी सहित आदि मौजूद रहीं।