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Sant Kabir Nagar News: जलवायु संकट से निपटने के लिए निभाएं सामूहिक जिम्मेदारी
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मेंहदावल। पृथ्वी दिवस पर बुधवार को जनता वैदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में जागरूकता संगोष्ठी हुई। इसमें प्राचार्य डॉ. अजय कुमार त्रिपाठी ने इस वर्ष पृथ्वी दिवस के मुख्य थीम हमारी शक्ति हमारा ग्रह विषय पर नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और जलवायु संकट से निपटने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि इस थीम का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को अपनाकर 2030 तक हरित ऊर्जा क्षमता को बढ़ावा देना है। पृथ्वी दिवस हमें यह एहसास दिलाता है कि हमारे दैनिक जीवन के किए जाने वाले कार्य ग्रहों के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। इसलिए हमारे हर कार्य पृथ्वी और अन्य ग्रहों के अनुकूल होना चाहिए।
प्रवक्ता इरशाद अहमद ने कहा कि पर्यावरणीय प्रदूषण कम करके पर्यावरण संरक्षण के कार्य जैसे वृक्ष लगाना, गेहूं एवं धान के डंठल न जलाना, प्लास्टिक का उपयोग कम करना जैसे कार्यों के जरिए ग्रहों के कार्यों एवं स्वास्थ्य को ठीक किया जा सकता है। कार्यक्रम के संरक्षक गजेंद्रनाथ राय ने बताया कि यह दिन हमें अपनी धरती को हरा-भरा और जीवन जीने योग्य बनाने के संकल्प लेने और सिंगल यूज प्लास्टिक के समाप्त करने के लिए प्रेरित करता है।
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प्राचीन इतिहास की प्रवक्ता डॉ. रीतू पांडेय ने संचालन किया। गोष्ठी में यशस्यी राय, जय कुमार पांडेय, शिवलाल यादव, अनिल चौरसिया, मो. जावेद के साथ छात्र-छात्राएं एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि इस थीम का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को अपनाकर 2030 तक हरित ऊर्जा क्षमता को बढ़ावा देना है। पृथ्वी दिवस हमें यह एहसास दिलाता है कि हमारे दैनिक जीवन के किए जाने वाले कार्य ग्रहों के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। इसलिए हमारे हर कार्य पृथ्वी और अन्य ग्रहों के अनुकूल होना चाहिए।
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प्रवक्ता इरशाद अहमद ने कहा कि पर्यावरणीय प्रदूषण कम करके पर्यावरण संरक्षण के कार्य जैसे वृक्ष लगाना, गेहूं एवं धान के डंठल न जलाना, प्लास्टिक का उपयोग कम करना जैसे कार्यों के जरिए ग्रहों के कार्यों एवं स्वास्थ्य को ठीक किया जा सकता है। कार्यक्रम के संरक्षक गजेंद्रनाथ राय ने बताया कि यह दिन हमें अपनी धरती को हरा-भरा और जीवन जीने योग्य बनाने के संकल्प लेने और सिंगल यूज प्लास्टिक के समाप्त करने के लिए प्रेरित करता है।
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प्राचीन इतिहास की प्रवक्ता डॉ. रीतू पांडेय ने संचालन किया। गोष्ठी में यशस्यी राय, जय कुमार पांडेय, शिवलाल यादव, अनिल चौरसिया, मो. जावेद के साथ छात्र-छात्राएं एवं अन्य लोग मौजूद रहे।