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Sant Kabir Nagar News: समर्पण आज भी भक्ति मार्ग के लिए है आदर्श
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डाॅ.धरणीधर
तिघरा। विकास खंड बघौली के ग्राम सभा उतरावल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में बृहस्पतिवार को डाॅ.धरणीधर महाराज ने भगवान की रासलीला का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि रास तो जीव का परब्रह्म ईश्वर के साथ मिलन की कथा है। आस्था और विश्वास के साथ भगवत प्राप्ति का फल प्राप्त होता है तो उसे रास कहा जाता है।
जो भक्त ईश्वर प्रेम में आनंदित होते हैं वही जीवन में वास्तविक सुख का अनुभव कर पाते है। जब जीव में अभिमान आता है, भगवान उनसे दूर हो जाते हैं। कथा वाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मिणी के साथ हुआ, लेकिन रुक्मिणी को श्रीकृष्ण द्वारा हरण कर विवाह किया गया।
कथा में समझाया गया कि स्वयं साक्षात लक्ष्मी है और वह नारायण से दूर रह ही नहीं सकती। यदि जीव अपने धन अर्थात लक्ष्मी को भगवान के काम में लगाए तो ठीक, नहीं तो फिर वह धन चोरी द्वारा, बीमारी द्वारा या अन्य मार्ग से हरण हो ही जाता है। धन को परमार्थ में लगाना चाहिए। इसीलिए व्यक्ति को अभिमान की राह छोड़कर संस्कार युक्त जीवन जीना चाहिए।
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इस अवसर पर मुख्य यजमान राधेश्याम राय, शशिकला राय, मधुसूदन राय, शशि प्रकाश राय, रमेश राय, अनिल राय, नरेंद्र राय, डाॅ.अजय पांडेय, हेमलता सिंह, अनिल राय, अखिलेश राय, रिंकु राय, राम उजागिर राय, विजयी राय, देवचंद पांडेय, वीरेंद्र राय, मंटू राय, बैजनाथ राय आदि लोग मौजूद रहे।
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जो भक्त ईश्वर प्रेम में आनंदित होते हैं वही जीवन में वास्तविक सुख का अनुभव कर पाते है। जब जीव में अभिमान आता है, भगवान उनसे दूर हो जाते हैं। कथा वाचक ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का प्रथम विवाह विदर्भ देश के राजा की पुत्री रुक्मिणी के साथ हुआ, लेकिन रुक्मिणी को श्रीकृष्ण द्वारा हरण कर विवाह किया गया।
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कथा में समझाया गया कि स्वयं साक्षात लक्ष्मी है और वह नारायण से दूर रह ही नहीं सकती। यदि जीव अपने धन अर्थात लक्ष्मी को भगवान के काम में लगाए तो ठीक, नहीं तो फिर वह धन चोरी द्वारा, बीमारी द्वारा या अन्य मार्ग से हरण हो ही जाता है। धन को परमार्थ में लगाना चाहिए। इसीलिए व्यक्ति को अभिमान की राह छोड़कर संस्कार युक्त जीवन जीना चाहिए।
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इस अवसर पर मुख्य यजमान राधेश्याम राय, शशिकला राय, मधुसूदन राय, शशि प्रकाश राय, रमेश राय, अनिल राय, नरेंद्र राय, डाॅ.अजय पांडेय, हेमलता सिंह, अनिल राय, अखिलेश राय, रिंकु राय, राम उजागिर राय, विजयी राय, देवचंद पांडेय, वीरेंद्र राय, मंटू राय, बैजनाथ राय आदि लोग मौजूद रहे।