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Sant Kabir Nagar News: साहब का खेल, दो बार हो चुका कोटा चयन फेल
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संतकबीरनगर। विकासखंड हैंसर बाजार के ग्राम पंचायत बभनौली में कोटे की दुकान का चयन अधिकारियों- कर्मचारियों के खेल में दो बार फेल हो चुका, जिससे गांव के लोगों में रोष व्याप्त है। गांव वालों का आरोप है कि अधिकारी- कर्मचारी कोटे की दुकान के चयन करने में मनमाना पन रवैया अपना रहे हैं।
गांव वालों का कहना है कि करीब एक वर्ष से बभनौली में कोटे की दुकान रिक्त है, जिसके कारण कार्ड धारकों को बगल के गांव रजनौली में जाकर खाद्यान्न लेना पड़ता है। कोटे की दुकान के चयन के लिए आदेश आया तो नगर पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई, जिसके कारण कोटे की दुकान के चयन के लिए ग्राम पंचायत की खुली बैठक नहीं हो सकी। तीन जून को बैठक बुलाई गई थी।
बैठक में गांव के लोग और अधिकारी कर्मचारी पहुंचे थे। कार्रवाई शुरू होती की अचानक ग्राम प्रधान ने तबीयत खराब होने की बात कही। जिसके कारण बैठक टाल दी गई। बुधवार को फिर बैठक बुलाई गई थी। गांव के लोग अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे। कार्रवाई शुरू होने वाली थी कि उसी समय एक जिम्मेदार अधिकारी के पास किसी का फोन आया। फोन आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी ने कहा कि कोरम पूर्ण नहीं है। जिसके कारण बैठक स्थगित की जाती है। अगली बैठक 13 जून को होगी। ग्रामीण रामनाथ, श्री भागवत, सुभाष, रामानुज, प्रेमचंद, रघुवर आदि का कहना है कि गांव के एक प्रभावशाली व्यक्ति को कोटे की दुकान आवंटित करने के चक्कर में बैठक को बार-बार स्थगित की जा रही है।
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गांव के लोग प्रभावशाली व्यक्ति के हाथ में कोटे की दुकान नहीं जाना देना चाहते हैं। जबकि अधिकारी कर्मचारी उसी कोटेदार बनाना चाहते हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर एडीओ पंचायत गजानन पाल ने बताया कि बैठक को इस कारण स्थगित किया गया कि कोरमपूर्ण नहीं था। अगली बैठक 13 जून को बुलाई गई है। जिसमें कोटे की दुकान का चयन किया जाएगा। गांव के लोगों ने जो आरोप लगाया वह निराधार है।
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गांव वालों का कहना है कि करीब एक वर्ष से बभनौली में कोटे की दुकान रिक्त है, जिसके कारण कार्ड धारकों को बगल के गांव रजनौली में जाकर खाद्यान्न लेना पड़ता है। कोटे की दुकान के चयन के लिए आदेश आया तो नगर पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई, जिसके कारण कोटे की दुकान के चयन के लिए ग्राम पंचायत की खुली बैठक नहीं हो सकी। तीन जून को बैठक बुलाई गई थी।
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बैठक में गांव के लोग और अधिकारी कर्मचारी पहुंचे थे। कार्रवाई शुरू होती की अचानक ग्राम प्रधान ने तबीयत खराब होने की बात कही। जिसके कारण बैठक टाल दी गई। बुधवार को फिर बैठक बुलाई गई थी। गांव के लोग अधिकारी और कर्मचारी पहुंचे। कार्रवाई शुरू होने वाली थी कि उसी समय एक जिम्मेदार अधिकारी के पास किसी का फोन आया। फोन आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी ने कहा कि कोरम पूर्ण नहीं है। जिसके कारण बैठक स्थगित की जाती है। अगली बैठक 13 जून को होगी। ग्रामीण रामनाथ, श्री भागवत, सुभाष, रामानुज, प्रेमचंद, रघुवर आदि का कहना है कि गांव के एक प्रभावशाली व्यक्ति को कोटे की दुकान आवंटित करने के चक्कर में बैठक को बार-बार स्थगित की जा रही है।
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गांव के लोग प्रभावशाली व्यक्ति के हाथ में कोटे की दुकान नहीं जाना देना चाहते हैं। जबकि अधिकारी कर्मचारी उसी कोटेदार बनाना चाहते हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर एडीओ पंचायत गजानन पाल ने बताया कि बैठक को इस कारण स्थगित किया गया कि कोरमपूर्ण नहीं था। अगली बैठक 13 जून को बुलाई गई है। जिसमें कोटे की दुकान का चयन किया जाएगा। गांव के लोगों ने जो आरोप लगाया वह निराधार है।