फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sant Kabir Nagar News ›   Still locks in community toilets

Sant Kabir Nagar News: हर माह देखरेख पर 51 लाख खर्च, फिर भी सामुदायिक शौचालयों में ताले

Mon, 28 Nov 2022 11:40 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 28 Nov 2022 11:40 PM IST
विज्ञापन
Still locks in community toilets
विकास खंड पौली के भोतहा गांव में सामुदायिक शौचालय पर बंद ताला।संवाद - फोटो : KHALILABAD
हर माह देखरेख पर 51 लाख खर्च, फिर भी सामुदायिक शौचालयों में ताले
विज्ञापन

संतकबीरनगर। गांवों में बने सामुदायिक शौचालयों में ताला लटक रहा है। जबकि प्रत्येक माह इनकी देखरेख और मरम्मत पर 51 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। अधिकारियों के निरीक्षण में ही सामुदायिक शौचालयों में ताला बंद मिल रहे हैं।
शासन की प्राथमिकता में ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण और उपयोगिता शामिल है। जिले के 754 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनाने हैं। 567 शौचालय बन चुके हैं। इनकी देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। समूहों को हर माह 6,000 रुपये मानदेय और मरम्मत के नाम पर तीन हजार रुपये दिए जाते हैं।
विज्ञापन

एक सप्ताह पहले डीडीओ सुदामा प्रसाद ने मेंहदावल क्षेत्र के नरायनपुर में निरीक्षण किया था। सामुदायिक शौचालय में ताला बंद मिला था। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद की जांच में सेमरियावां क्षेत्र के दरियाबाद गांव में यहीं हाल रहा। सेमरियावां के एडीओ पंचायत मैनुद्दीन सिद्दीकी की जांच में सामुदायिक शौचालय में ताला बंद मिला और केयर टेकर के अयोध्या में रहने की बात सामने आई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

धनघटा तहसील क्षेत्र के मटौली, नरायनपुर और भोतहा में सामुदायिक शौचालयों में ताला लटका मिला। ग्रामीण राम उजागिर, शंभू, परमेश्वर, सुरेंद्र, कमलेश, रमाकांत, राम सजीवन, सुग्रीव, सुरेंद्र, रामकेस, रामअचल आदि ने बताया कि सामुदायिक शौचालयों में ताला बंद रहता है।
...
कोट
सामुदायिक शौचालयों में ताला बंद रहने की शिकायतें मिल रही हैं। निरीक्षण में भी यह बात सामने आ रही है। एडीओ पंचायतों को कड़े निर्देश के साथ पत्र जारी किया गया है कि हर हाल में सामुदायिक शौचालयों में ताला बंद नहीं रहना चाहिए। यदि ताला बंद मिला तो संबंधित केयर टेकर को हटा दिया जाएगा। एडीओ पंचायत और ग्राम सचिव पर भी कार्रवाई की जाएगी।

- राजेंद्र प्रसाद, डीपीआरओ
...
स्वच्छता के मकसद से सामुदायिक शौचालयों का निर्माण हुआ है। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूहों को सौंपी गई है। डीपीआरओ को निर्देश दिए गए हैं कि वह खुद निरीक्षण करें। यदि लापरवाही सामने आई तो जिम्मेदारी तय की जाएगी।
-अतुल मिश्र, सीडीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed