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Sant Kabir Nagar News: कताई मिल की जमीन इंडस्ट्री को मिलने की जगी उम्मीद, शासन को भेज रखी है रिपोर्ट
Sat, 11 Mar 2023 11:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर।
Updated Sat, 11 Mar 2023 11:09 AM IST
सार
यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक सुभाष चंद्र पांडेय ने बताया कि नगर पंचायत मगहर में बंद सूती मिल की करीब 47 एकड़ जमीन निष्प्रयोज्य पड़ी है। उद्योग स्थापित करने के लिहाज से बंद सूती मिल की जमीन काफी उपयुक्त है। इसमें छोटे-बड़े करीब 40 से 45 प्लाट बनाए जा सकते हैं।
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मगहर में बंद पड़ी कताई मिल ।संवाद
विस्तार
यूपी कैबिनेट ने बंद मिलों की जमीन को नई इंडस्ट्री को उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इससे उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) की ओर से पूर्व में सर्वे करके मगहर स्थित बंद कताई मिल की जमीन को औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने की मांग पूरी होने की उम्मीद जग गई है। यदि ऐसा हुआ तो उद्यमियों को उद्योग लगाने में सहूलियत होगी और बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा।
उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद पाठक ने कहा कि जिले में 64 उद्यमियों ने करीब 6,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा हैं। इसमें सबसे बड़ी चुनौती नए उद्योगों को स्थापित करने में जमीन की है। प्रशासन इस दिशा में पहल रहा है। उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से मगहर स्थिति बंद सूती मिल को औद्योगिक क्षेत्र घोषित कराने की रिपोर्ट पूर्व में शासन को भेजी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि यूपी कैबिनेट ने बंद मिलों की जमीनों को इंडस्ट्री को उपलब्ध कराने का जो निर्णय लिया है, यह स्वागत योग्य है। इस निर्णय से मगहर स्थिति बंद कताई मिल की जमीन यदि इंडस्ट्री के लिए मिल गई तो नए उद्योग लगाने में काफी आसानी होगी। बशर्ते जमीन का आवंटन उद्यमियों को उचित दर पर किया जाए। कैबिनेट में पारित कलस्टर योजना के तहत यदि जनपद में एक जिला एक उत्पाद में चयनित होजरी उद्योग का कलस्टर बनाया जा सके तो फलैटेड फैक्ट्री के माध्यम से सैकड़ों उद्यमियों को लाभ पहुंचाया जा सकता है। इससे जिला होजरी का हब बनेगा।
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यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक सुभाष चंद्र पांडेय ने बताया कि नगर पंचायत मगहर में बंद सूती मिल की करीब 47 एकड़ जमीन निष्प्रयोज्य पड़ी है। उद्योग स्थापित करने के लिहाज से बंद सूती मिल की जमीन काफी उपयुक्त है। इसमें छोटे-बड़े करीब 40 से 45 प्लाट बनाए जा सकते हैं।
सूती मिल की जमीन को औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने के लिए यूपीसीडी की टीम सर्वे करके रिपोर्ट को शासन में भेजवाया था। कैबिनेट के निर्णय से उम्मीद जग गई कि शासन स्तर से बंद सूती मिल की जमीन को औद्योगिक क्षेत्र घोषित कर दिया जाएगा। डीएम संदीप कुमार ने बताया कि यूपीसीडा की ओर से बंद सूती मिल को औद्योगिक क्षेत्र घोषित किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृत कराने की शासन में पहल की गई है।
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उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद पाठक ने कहा कि जिले में 64 उद्यमियों ने करीब 6,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा हैं। इसमें सबसे बड़ी चुनौती नए उद्योगों को स्थापित करने में जमीन की है। प्रशासन इस दिशा में पहल रहा है। उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ओर से मगहर स्थिति बंद सूती मिल को औद्योगिक क्षेत्र घोषित कराने की रिपोर्ट पूर्व में शासन को भेजी जा चुकी है।
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उन्होंने कहा कि यूपी कैबिनेट ने बंद मिलों की जमीनों को इंडस्ट्री को उपलब्ध कराने का जो निर्णय लिया है, यह स्वागत योग्य है। इस निर्णय से मगहर स्थिति बंद कताई मिल की जमीन यदि इंडस्ट्री के लिए मिल गई तो नए उद्योग लगाने में काफी आसानी होगी। बशर्ते जमीन का आवंटन उद्यमियों को उचित दर पर किया जाए। कैबिनेट में पारित कलस्टर योजना के तहत यदि जनपद में एक जिला एक उत्पाद में चयनित होजरी उद्योग का कलस्टर बनाया जा सके तो फलैटेड फैक्ट्री के माध्यम से सैकड़ों उद्यमियों को लाभ पहुंचाया जा सकता है। इससे जिला होजरी का हब बनेगा।
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यूपीसीडा के क्षेत्रीय प्रबंधक सुभाष चंद्र पांडेय ने बताया कि नगर पंचायत मगहर में बंद सूती मिल की करीब 47 एकड़ जमीन निष्प्रयोज्य पड़ी है। उद्योग स्थापित करने के लिहाज से बंद सूती मिल की जमीन काफी उपयुक्त है। इसमें छोटे-बड़े करीब 40 से 45 प्लाट बनाए जा सकते हैं।
सूती मिल की जमीन को औद्योगिक क्षेत्र घोषित करने के लिए यूपीसीडी की टीम सर्वे करके रिपोर्ट को शासन में भेजवाया था। कैबिनेट के निर्णय से उम्मीद जग गई कि शासन स्तर से बंद सूती मिल की जमीन को औद्योगिक क्षेत्र घोषित कर दिया जाएगा। डीएम संदीप कुमार ने बताया कि यूपीसीडा की ओर से बंद सूती मिल को औद्योगिक क्षेत्र घोषित किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृत कराने की शासन में पहल की गई है।