{"_id":"69cd811d26be96246c081310","slug":"soil-crisis-on-khalilabad-bansi-rail-project-khalilabad-news-c-209-1-kld1026-148395-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: खलीलाबाद-बांसी रेल परियोजना पर मिट्टी का संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: खलीलाबाद-बांसी रेल परियोजना पर मिट्टी का संकट
विज्ञापन
-निर्माण में हो सकती है देरी, दो साल में 10 लाख घनमीटर के सापेक्ष केवल पांच लाख घनमीटर ही मिली मिट्टी
- रेल पटरी बिछाने के लिए चल रहा मिट्टी भराई का काम
- मलोरना से देवडाड़ तक काम करा रही कंपनी को मिट्टी नहीं मिलने के कारण उठानी पड़ रही दिक्कत
संतकबीरनगर। खलीलाबाद-बांसी रेल लाइन के निर्माण में देरी हो सकती है। पटरी बिछाने के लिए मिट्टी न मिलने के कारण इस परियोजना के पूरा होने में समय लग सकता है। स्थिति यह है कि पुल और रेल लाइन के लिए मिट्टी भराई का काम करा रही कंपनी को 10 लाख घनमीटर के सापेक्ष अभी केवल पांच लाख घनमीटर ही मिट्टी मिल सकी है। इस तरह देखा जाए तो जरूरत की आधी मिट्टी ही पटरी बिछाने के लिए मिली है। खलीलाबाद से इस नई रेल लाइन को बहराइच तक बनाया जाना है। प्रथम चरण में बांसी तक काम कराया जा रहा है। इस कार्य को इस साल दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। 54 किलोमीटर की इस दूरी में कई कंपनियां का काम रही हैं।
मलोरना से देवडाड़ तक 9.4 किमी तक का काम जेपीडब्ल्यू इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड करा रही है। कंपनी को इस दूरी में ग्रामीण सड़कों पर कुल 10 पुल बनाने हैं। इसमें पांच का काम पूरा हो गया है। तीन जगहों पर काम चल रहा है, जबकि अन्य स्थानों पर अभी रेलवे ने स्वीकृति नहीं दी है। पुल का काम तो चल रहा है, लेकिन रेल लाइन बिछाने के लिए मिट्टी नहीं मिलने के कारण काम धीया चल रहा है।
कंपनी को बड़ी मुश्किल से मिट्टी मिल पा रही है। किसी गांव में खाली पड़े किसान के खेत अथवा अन्य स्थान से किसी तरह मिट्टी मंगाकर रेल रूट पर गिराई जा रही है। अभी खेतों में गेहूं की फसल लगी है तो मिट्टी मिलना और भी मुश्किल हो गया है। गेहूं की कटाई के बाद इस काम में थोड़ी तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि अब खेतों से मिट्टी कम लोग निकलवाना चाहते हैं।
विज्ञापन
वहीं दो साल में 10 लाख घनमीटर के सापेक्ष कंपनी को केवल पांच लाख घनमीटर मिट्टी ही मिल सकी है। ऐसे में मिट्टी मिलने में कितनी परेशानी है। इसे आसानी से समझा जा सकता है।
जेपीडब्ल्यू की अतरौरा में स्थापित इकाई के सहायक परियोजना प्रबंधक शलभ सिंह ने बताया कि मलोरना, सूगापंखी, चांदीडीहा, बारीगांव और मकदुमपुर में पुल बनाने का काम पूरा हो गया है। सरैया, देवडाड़ और चांदडीहा में एक अन्य पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। नाउडाड़ और मलोरना में एक अन्य पुल की रेलवे की ओर से अभी स्वीकृति नहीं मिली है।
खलीलाबाद-बांसी के बीच बनेंगे चार रेलवे स्टेशन
खलीलाबाद-बांसी के बीच चार जगहों पर रेलवे स्टेशन का निर्माण कराया जाएग। बखिरा इलाके में काम में तेजी दिख रही है। इस रेल परियोजना के तहत बखिरा के गौरा गांव में रेलवे स्टेशन का निर्माण शुरू हो गया है। यहां पिलर की ढलाई का काम चल रहा है। नींव तक पिलर का काम पूरा कर लिया गया है। अब उससे ऊपर काम कराया जा रहा है। इसी तरह गौरा से समदा गांव तक रेल पटरी बिछाने के लिए मिट्टी गिराकर उसे समतल करा दिया गया है। गौरा गांव के पास अंडरपास का भी काम पूरा कर लिया गया है। वहीं खलीलाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए सर्विस लेन का काम शुरू हो गया है।
खलीलाबाद-बहराइच रेल मार्ग करीब 240 किलोमीटर लंबा होगा। प्रथम चरण में खलीलाबाद से बांसी तक काम चल रहा है। इस रेल मार्ग पर चार स्थानों पर रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। इसमें खलीलाबाद, मेंहदावल, पसाई व बांसी शामिल हैं। रेल मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा करा लिया है। खलीलाबाद के मलोरना में हाईवे पर ओवरब्रिज के सर्विसलेन का कार्य शुरू करा दिया गया है, ताकि हाईवे से गुजरने वाले वाहन सर्विस लेन से होकर चलाए जाएं। रेल लाइन के निर्माण में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
मलोरना से देवडाड़ तक कुल 10 पुल बनाए जाने हैं। इसमें पांच का काम पूरा कर लिया गया है। तीन जगहों पर काम कराए जा रहे हैं। दो पुलों के निर्माण की स्वीकृति रेलवे की ओर से अभी नहीं मिली है। स्वीकृति मिलते ही उसे शुरू करा दिया जाएगा। सभी काम समय से पूरे हो जाएंगे।
-अवधेश द्विवेदी, परियोजना प्रबंधक, जेपीडब्ल्यू
विज्ञापन
- रेल पटरी बिछाने के लिए चल रहा मिट्टी भराई का काम
- मलोरना से देवडाड़ तक काम करा रही कंपनी को मिट्टी नहीं मिलने के कारण उठानी पड़ रही दिक्कत
संतकबीरनगर। खलीलाबाद-बांसी रेल लाइन के निर्माण में देरी हो सकती है। पटरी बिछाने के लिए मिट्टी न मिलने के कारण इस परियोजना के पूरा होने में समय लग सकता है। स्थिति यह है कि पुल और रेल लाइन के लिए मिट्टी भराई का काम करा रही कंपनी को 10 लाख घनमीटर के सापेक्ष अभी केवल पांच लाख घनमीटर ही मिट्टी मिल सकी है। इस तरह देखा जाए तो जरूरत की आधी मिट्टी ही पटरी बिछाने के लिए मिली है। खलीलाबाद से इस नई रेल लाइन को बहराइच तक बनाया जाना है। प्रथम चरण में बांसी तक काम कराया जा रहा है। इस कार्य को इस साल दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। 54 किलोमीटर की इस दूरी में कई कंपनियां का काम रही हैं।
मलोरना से देवडाड़ तक 9.4 किमी तक का काम जेपीडब्ल्यू इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड करा रही है। कंपनी को इस दूरी में ग्रामीण सड़कों पर कुल 10 पुल बनाने हैं। इसमें पांच का काम पूरा हो गया है। तीन जगहों पर काम चल रहा है, जबकि अन्य स्थानों पर अभी रेलवे ने स्वीकृति नहीं दी है। पुल का काम तो चल रहा है, लेकिन रेल लाइन बिछाने के लिए मिट्टी नहीं मिलने के कारण काम धीया चल रहा है।
विज्ञापन
कंपनी को बड़ी मुश्किल से मिट्टी मिल पा रही है। किसी गांव में खाली पड़े किसान के खेत अथवा अन्य स्थान से किसी तरह मिट्टी मंगाकर रेल रूट पर गिराई जा रही है। अभी खेतों में गेहूं की फसल लगी है तो मिट्टी मिलना और भी मुश्किल हो गया है। गेहूं की कटाई के बाद इस काम में थोड़ी तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि अब खेतों से मिट्टी कम लोग निकलवाना चाहते हैं।
विज्ञापन
वहीं दो साल में 10 लाख घनमीटर के सापेक्ष कंपनी को केवल पांच लाख घनमीटर मिट्टी ही मिल सकी है। ऐसे में मिट्टी मिलने में कितनी परेशानी है। इसे आसानी से समझा जा सकता है।
जेपीडब्ल्यू की अतरौरा में स्थापित इकाई के सहायक परियोजना प्रबंधक शलभ सिंह ने बताया कि मलोरना, सूगापंखी, चांदीडीहा, बारीगांव और मकदुमपुर में पुल बनाने का काम पूरा हो गया है। सरैया, देवडाड़ और चांदडीहा में एक अन्य पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। नाउडाड़ और मलोरना में एक अन्य पुल की रेलवे की ओर से अभी स्वीकृति नहीं मिली है।
खलीलाबाद-बांसी के बीच बनेंगे चार रेलवे स्टेशन
खलीलाबाद-बांसी के बीच चार जगहों पर रेलवे स्टेशन का निर्माण कराया जाएग। बखिरा इलाके में काम में तेजी दिख रही है। इस रेल परियोजना के तहत बखिरा के गौरा गांव में रेलवे स्टेशन का निर्माण शुरू हो गया है। यहां पिलर की ढलाई का काम चल रहा है। नींव तक पिलर का काम पूरा कर लिया गया है। अब उससे ऊपर काम कराया जा रहा है। इसी तरह गौरा से समदा गांव तक रेल पटरी बिछाने के लिए मिट्टी गिराकर उसे समतल करा दिया गया है। गौरा गांव के पास अंडरपास का भी काम पूरा कर लिया गया है। वहीं खलीलाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग पर ओवरब्रिज बनाने के लिए सर्विस लेन का काम शुरू हो गया है।
खलीलाबाद-बहराइच रेल मार्ग करीब 240 किलोमीटर लंबा होगा। प्रथम चरण में खलीलाबाद से बांसी तक काम चल रहा है। इस रेल मार्ग पर चार स्थानों पर रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। इसमें खलीलाबाद, मेंहदावल, पसाई व बांसी शामिल हैं। रेल मार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा करा लिया है। खलीलाबाद के मलोरना में हाईवे पर ओवरब्रिज के सर्विसलेन का कार्य शुरू करा दिया गया है, ताकि हाईवे से गुजरने वाले वाहन सर्विस लेन से होकर चलाए जाएं। रेल लाइन के निर्माण में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
मलोरना से देवडाड़ तक कुल 10 पुल बनाए जाने हैं। इसमें पांच का काम पूरा कर लिया गया है। तीन जगहों पर काम कराए जा रहे हैं। दो पुलों के निर्माण की स्वीकृति रेलवे की ओर से अभी नहीं मिली है। स्वीकृति मिलते ही उसे शुरू करा दिया जाएगा। सभी काम समय से पूरे हो जाएंगे।
-अवधेश द्विवेदी, परियोजना प्रबंधक, जेपीडब्ल्यू