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Sant Kabir Nagar News: आश्रय केंद्र बना नहीं...सड़कों पर धूम रहे छुट्टा पशु बढ़ा रहे संकट
Sat, 23 Aug 2025 11:36 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 23 Aug 2025 11:36 PM IST
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गोला बाजार में सड़क पर घूमते छुट्टा पशु
संतकबीरनगर। शहर में विचरण करने वालों पशुओं से निजाते दिलाने के लिए शहर के मोहद्दीनपुर में एक करोड़ 65 लाख की लागत से पशु आश्रय केंद्र निर्माण कराया जाना है। इसके लिए नगर पालिका प्रशासन ने करीब तीन पूर्व स्थान चिह्नित करते हुए शासन को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन अभी तब बजट नहीं मिला।
शहर के मुख्य मार्ग सहित मोहल्लों में छुट्टा पशुओं की भरमार हो गई है। इन छुट्टा पशुओं के चलते शहर में आए दिन जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। वजह यह है कि यह छुट्टा पशु सड़क पर विचरण करते रहते हैं।
साथ ही चौराहों व अन्य स्थानों पर झुंड में बैठ जाते हैं। इसके चलते आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं छुट्टा पशु सब्जी, फल आदि की दुकानों पर सामान को नुकसान पहुंचाते हैं।
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इन्हें हटाने का प्रयास करने पर यह छुट्टा पशु हमलावर हो जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए पालिका प्रशासन ने आधुनिक सुविधाओं से लैस पशु आश्रय केंद्र के लिए मोहद्दीनपुर में जमीन चिन्हित किया है। यहां पर एक करोड़ 65 लाख की लागत से पशु आश्रय केंद्र बनाया जाना है, लेकिन अभी तक इसके लिए बजट उपलब्ध नहीं हो सका है, जिसके कारण पशु आश्रय केंद्र का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
इससे लोगों को शहर में विचरण करने वाले पशुओं के चलते समस्या झेलनी पड़ रही है। शहर के निवासी प्रमोद कुमार जायसवाल, आदर्श कुमार आदि ने बताया कि यदि पशु आश्रय केंद्र बने तो काफी हद तक समस्या से निजात मिल सकती है।
हालांकि पालिका प्रशासन का दावा है कि समय-समय पर अभियान चलाकर पशुओं को पकड़कर मडया में बने कान्हा पशु आश्रय केंद्र भेजा जाता रहा है, लेकिन यहां पर 60 से अधिक पशुओं के रखने की व्यवस्था नहीं है।
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शहर के मुख्य मार्ग सहित मोहल्लों में छुट्टा पशुओं की भरमार हो गई है। इन छुट्टा पशुओं के चलते शहर में आए दिन जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है। जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। वजह यह है कि यह छुट्टा पशु सड़क पर विचरण करते रहते हैं।
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साथ ही चौराहों व अन्य स्थानों पर झुंड में बैठ जाते हैं। इसके चलते आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं छुट्टा पशु सब्जी, फल आदि की दुकानों पर सामान को नुकसान पहुंचाते हैं।
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इन्हें हटाने का प्रयास करने पर यह छुट्टा पशु हमलावर हो जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए पालिका प्रशासन ने आधुनिक सुविधाओं से लैस पशु आश्रय केंद्र के लिए मोहद्दीनपुर में जमीन चिन्हित किया है। यहां पर एक करोड़ 65 लाख की लागत से पशु आश्रय केंद्र बनाया जाना है, लेकिन अभी तक इसके लिए बजट उपलब्ध नहीं हो सका है, जिसके कारण पशु आश्रय केंद्र का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
इससे लोगों को शहर में विचरण करने वाले पशुओं के चलते समस्या झेलनी पड़ रही है। शहर के निवासी प्रमोद कुमार जायसवाल, आदर्श कुमार आदि ने बताया कि यदि पशु आश्रय केंद्र बने तो काफी हद तक समस्या से निजात मिल सकती है।
हालांकि पालिका प्रशासन का दावा है कि समय-समय पर अभियान चलाकर पशुओं को पकड़कर मडया में बने कान्हा पशु आश्रय केंद्र भेजा जाता रहा है, लेकिन यहां पर 60 से अधिक पशुओं के रखने की व्यवस्था नहीं है।