{"_id":"66ef0c7b8ff29e9011062716","slug":"seven-years-imprisonment-to-husband-found-guilty-of-dowry-death-khalilabad-news-c-209-1-skn1001-121114-2024-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: दहेज हत्या के दोषी पति को सात वर्ष की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: दहेज हत्या के दोषी पति को सात वर्ष की कैद
Sat, 21 Sep 2024 11:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 21 Sep 2024 11:42 PM IST
विज्ञापन
- न्यायालय अपर सत्र न्यायधीश ने दिया आदेश, जेठ, जेठानी और ननद बरी
- तीन हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय देवेंद्र नाथ गोस्वामी की कोर्ट ने दहेज के लिए पत्नी को जहर देकर हत्या करने के दोषी पति को सात वर्ष कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड का आदेश दिया है। साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए जेठ, जेठानी और ननद को बरी कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी ने बताया कि सत्यभामा ऊर्फ मीरा के पिता राम कवल मिश्र निवासी ग्राम रामपुर थाना कलवारी बस्ती ने 31 जुलाई 2012 को कोतवाली पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया कि पुत्री सत्यभामा का विवाह 29 मई 2010 को मनीष मिश्र उर्फ दीपक पुत्र ज्वाला प्रसाद मिश्र वर्तमान पता मोहल्ला बंजारिया पूर्वी थाना कोतवाली खलीलाबाद के साथ किया था।
बेटी की शादी में नकदी व जेवरात, कपड़ा, बाइक आदि दिया था। इसके बाद भी ससुराली एक राय होकर दो लाख रुपए नकद दहेज में मांगकर लड़की को प्रताड़ित करते थे। 27 जुलाई 2012 को सुबह दस बजे ससुरालियों ने बेटी के खाने में जहर मिलाकर दे दिए। जिससे उसकी 28 जुलाई को मेडिकल काॅलेज गोरखपुर में मौत हो गई।
विज्ञापन
केस की विवेचना तत्कालीन सीओ अनिल कुमार ने किया और आरोपी मनीष ऊर्फ दिलीप समेत अन्य के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सात गवाहों ने गवाही दी। अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। कोर्ट ने साक्ष्य का अवलोकन करने तथा पक्षों की बहस को सुनने के बाद जेठ, जेठानी, ननद को साक्ष्य के अभाव में बरी करते हुए दोषी पति जहर देकर हत्या का दोषी पाए जाने पर सात वर्ष के कारावास और तीन हजार रुपया अर्थदंड भी लगाया।
विज्ञापन
- तीन हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी द्वितीय देवेंद्र नाथ गोस्वामी की कोर्ट ने दहेज के लिए पत्नी को जहर देकर हत्या करने के दोषी पति को सात वर्ष कारावास और तीन हजार रुपये अर्थदंड का आदेश दिया है। साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए जेठ, जेठानी और ननद को बरी कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी ने बताया कि सत्यभामा ऊर्फ मीरा के पिता राम कवल मिश्र निवासी ग्राम रामपुर थाना कलवारी बस्ती ने 31 जुलाई 2012 को कोतवाली पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया कि पुत्री सत्यभामा का विवाह 29 मई 2010 को मनीष मिश्र उर्फ दीपक पुत्र ज्वाला प्रसाद मिश्र वर्तमान पता मोहल्ला बंजारिया पूर्वी थाना कोतवाली खलीलाबाद के साथ किया था।
विज्ञापन
बेटी की शादी में नकदी व जेवरात, कपड़ा, बाइक आदि दिया था। इसके बाद भी ससुराली एक राय होकर दो लाख रुपए नकद दहेज में मांगकर लड़की को प्रताड़ित करते थे। 27 जुलाई 2012 को सुबह दस बजे ससुरालियों ने बेटी के खाने में जहर मिलाकर दे दिए। जिससे उसकी 28 जुलाई को मेडिकल काॅलेज गोरखपुर में मौत हो गई।
विज्ञापन
केस की विवेचना तत्कालीन सीओ अनिल कुमार ने किया और आरोपी मनीष ऊर्फ दिलीप समेत अन्य के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सात गवाहों ने गवाही दी। अभिलेखीय साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। कोर्ट ने साक्ष्य का अवलोकन करने तथा पक्षों की बहस को सुनने के बाद जेठ, जेठानी, ननद को साक्ष्य के अभाव में बरी करते हुए दोषी पति जहर देकर हत्या का दोषी पाए जाने पर सात वर्ष के कारावास और तीन हजार रुपया अर्थदंड भी लगाया।