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Sant Kabir Nagar News: सुलह-समझौता के आधार पर मामलों का निस्तारण
Fri, 13 Sep 2024 11:08 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 13 Sep 2024 11:08 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को किया जाएगा। इसमें किसी भी न्यायालय अथवा विभागीय मामलों का सुलह- समझौता के आधार पर निस्तारण कराया जा सकता है।
जिला जज अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने बताया कि लोक अदालत में पक्षकार स्वयं उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र दे सकता है। लोक अदालत में सुलह योग्य फौजदारी मामले, दीवानी वाद, भरण पोषण वाद, मोटर अधिनियम वाद, स्टांप वाद एवं पंजीयन वाद, चकबंदी वाद, श्रम वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, उपभोक्ता फोरम वाद, किराएदारी वाद, चेक बाउंस से संबंधित मामले, बैंक लोन मामले, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र से संबंधित मामले, कराधान प्रकरण, बिजली चोरी से संबंधित शमनीय वाद आदि सुलह योग्य वाद निस्तारित कराए जा सकते हैं।
इसके अलावा वैवाहिक एवं पारिवारिक मामलों का भी निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया जा सकता है। ऐसे पारिवारिक मामलों जो किसी न्यायालय में लंबित नहीं है वो प्री-लिटिगेशन स्तर पर पक्षकार द्वारा प्रार्थना पत्र देकर सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित कराया जा सकता है। उन्होंने जनमानस से अपील है किया कि लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा संख्या में भाग लेकर आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने वादों का निस्तारण कराते हुए सफल बनाएं।
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संतकबीरनगर। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को किया जाएगा। इसमें किसी भी न्यायालय अथवा विभागीय मामलों का सुलह- समझौता के आधार पर निस्तारण कराया जा सकता है।
जिला जज अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने बताया कि लोक अदालत में पक्षकार स्वयं उपस्थित होकर प्रार्थना पत्र दे सकता है। लोक अदालत में सुलह योग्य फौजदारी मामले, दीवानी वाद, भरण पोषण वाद, मोटर अधिनियम वाद, स्टांप वाद एवं पंजीयन वाद, चकबंदी वाद, श्रम वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, उपभोक्ता फोरम वाद, किराएदारी वाद, चेक बाउंस से संबंधित मामले, बैंक लोन मामले, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र से संबंधित मामले, कराधान प्रकरण, बिजली चोरी से संबंधित शमनीय वाद आदि सुलह योग्य वाद निस्तारित कराए जा सकते हैं।
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इसके अलावा वैवाहिक एवं पारिवारिक मामलों का भी निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर किया जा सकता है। ऐसे पारिवारिक मामलों जो किसी न्यायालय में लंबित नहीं है वो प्री-लिटिगेशन स्तर पर पक्षकार द्वारा प्रार्थना पत्र देकर सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित कराया जा सकता है। उन्होंने जनमानस से अपील है किया कि लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा संख्या में भाग लेकर आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अपने वादों का निस्तारण कराते हुए सफल बनाएं।
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