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Sant Kabir Nagar News: एसडीएम ने आरोपी लेखपाल को किया निलंबित
Thu, 16 Mar 2023 12:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 16 Mar 2023 12:06 AM IST
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रिश्वत लेते पकड़ा गया आरोपी भेजा गया जेल
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। जमीन बंटवारे की फाइल पर रिपोर्ट लगाने के एवज में 50,000 रुपये रिश्वत लेते गोरखपुर की भ्रष्टाचार निवारण शाखा के हत्थे चढ़े आरोपी लेखपाल अश्वनी मिश्रा को जेल भेज दिया गया। एसडीएम मेंहदावल योगेश्वर सिंह ने आरोपी लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसडीएम ने प्रकरण की जांच तहसीलदार को सौंपी है। तहसील में चर्चा है कि आरोपी लेखपाल हमेशा अधिकारियों का चहेता रहा है।
मेंहदावल तहसील के भिटिया कला निवासी लेखपाल अश्वनी मिश्रा कुछ दिनों तक प्रभारी कानूनगो पद का दायित्व निभा चुका है। लेखपाल अश्वनी मिश्रा नौकरी पाने से पूर्व भी संस्था चलाकर धन उगाही करने को लेकर चर्चाओं में रहा है। तहसील के कर्मचारी बताते हैं कि कुछ दिन पूर्व यहां से स्थानांतरित एक उपजिलाधिकारी का खास था। कर्मचारी बताते हैं कि 30 दिसंबर 2020 को ब्लॉक क्षेत्र संख्या 25 बेलहर कला के रसूलपुर के रहने वाले शिकायतकर्ता मोहनलाल पुत्र भगवानदास ने लेखपाल अश्वनी मिश्रा पर जमीन का पट्टा करने के नाम पर 6,000 की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था।
मामला सही पाए जाने पर तत्कालीन उप जिलाधिकारी ने उसे निलंबित भी किया था। वहीं मंगलवार को पुन: गोरखपुर की भ्रष्टाचार निवारण शाखा ने सहजनवां क्षेत्र के तिवरान गांव निवासी शैलेश कुमार की शिकायत पर 50,000 रुपये रिश्वत लेते तहसील के समीप स्थित एक चाय की दुकान से रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। चर्चा यह भी है कि जब भ्रष्टाचार निवारण शाखा के लोगों ने उसे पकड़ा तो तहसील में भी अफरा-तफरी मच गई। एसडीएम योगेश्वर सिंह ने बताया कि आरोपी लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। तहसीलदार को जांच सौंपी गई है।
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रिश्वत लेते पकड़ा गया आरोपी भेजा गया जेल
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। जमीन बंटवारे की फाइल पर रिपोर्ट लगाने के एवज में 50,000 रुपये रिश्वत लेते गोरखपुर की भ्रष्टाचार निवारण शाखा के हत्थे चढ़े आरोपी लेखपाल अश्वनी मिश्रा को जेल भेज दिया गया। एसडीएम मेंहदावल योगेश्वर सिंह ने आरोपी लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसडीएम ने प्रकरण की जांच तहसीलदार को सौंपी है। तहसील में चर्चा है कि आरोपी लेखपाल हमेशा अधिकारियों का चहेता रहा है।
मेंहदावल तहसील के भिटिया कला निवासी लेखपाल अश्वनी मिश्रा कुछ दिनों तक प्रभारी कानूनगो पद का दायित्व निभा चुका है। लेखपाल अश्वनी मिश्रा नौकरी पाने से पूर्व भी संस्था चलाकर धन उगाही करने को लेकर चर्चाओं में रहा है। तहसील के कर्मचारी बताते हैं कि कुछ दिन पूर्व यहां से स्थानांतरित एक उपजिलाधिकारी का खास था। कर्मचारी बताते हैं कि 30 दिसंबर 2020 को ब्लॉक क्षेत्र संख्या 25 बेलहर कला के रसूलपुर के रहने वाले शिकायतकर्ता मोहनलाल पुत्र भगवानदास ने लेखपाल अश्वनी मिश्रा पर जमीन का पट्टा करने के नाम पर 6,000 की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था।
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मामला सही पाए जाने पर तत्कालीन उप जिलाधिकारी ने उसे निलंबित भी किया था। वहीं मंगलवार को पुन: गोरखपुर की भ्रष्टाचार निवारण शाखा ने सहजनवां क्षेत्र के तिवरान गांव निवासी शैलेश कुमार की शिकायत पर 50,000 रुपये रिश्वत लेते तहसील के समीप स्थित एक चाय की दुकान से रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। चर्चा यह भी है कि जब भ्रष्टाचार निवारण शाखा के लोगों ने उसे पकड़ा तो तहसील में भी अफरा-तफरी मच गई। एसडीएम योगेश्वर सिंह ने बताया कि आरोपी लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। तहसीलदार को जांच सौंपी गई है।
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