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खेलई के घर पहुंचे एसडीएम, पीड़ित परिवार को दी सांत्वना
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कोडरा गांव निवासी मृतक खेलई के परिजनों को सांत्वना देते एसडीएम डॉ रविंद्र कुमार ।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
खेलई के घर पहुंचे एसडीएम, पीड़ित परिवार को दी सांत्वना
धनघटा तहसील परिसर में खेलई की हो गई थी मौत
धनघटा (संतकबीरनगर)। बुधवार को धनघटा तहसील परिसर में फरियाद करने आए कोड़रा गांव निवासी खेलई की मौत के दो दिन के बाद उनकी पत्नी ने भी शनिवार को दम तोड़ दिया। इसके बाद प्रशासन जागा और मृतक के खेलई को अभिलेख में पल भर के लिए जिंदा कर उनकी जमीन उनके उत्तराधिकारियों के नाम कर दी। रविवार को एसडीएम लेखपाल के साथ कोड़रा पहुंचकर खेलई के परिजनों को सांत्वना दी।
वर्ष 2016 में खेलई के बड़े भाई फेरई की मौत हो गई थी। फेरई के स्थान पर खेलई को मृतक दिखाकर राजस्व विभाग ने खेलई की संपत्ति फेरई के बेटों के नाम कर दी। इस बात की जानकारी जब खेलई को हुई तो वह अपने को जिंदा साबित करते हुए अपनी जमीन अपने नाम कराने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों का चक्कर लगाने लगे।
लगातार छह साल तहसील का चक्कर काटने के बाद भी उनकी जमीन उनके नाम नहीं हुई। बुधवार को वह इसी मामले में सीओ चकबंदी के वहां बयान दर्ज कराने गए थे, लेकिन बयान दर्ज होने के पहले ही सीओ चकबंदी कार्यालय के सामने उनकी मौत हो गई।
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रविवार को एसडीएम डॉ. रविंद्र कुमार हल्का लेखपाल के साथ मृतक खेलई के घर पहुंच कर पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
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धनघटा तहसील परिसर में खेलई की हो गई थी मौत
धनघटा (संतकबीरनगर)। बुधवार को धनघटा तहसील परिसर में फरियाद करने आए कोड़रा गांव निवासी खेलई की मौत के दो दिन के बाद उनकी पत्नी ने भी शनिवार को दम तोड़ दिया। इसके बाद प्रशासन जागा और मृतक के खेलई को अभिलेख में पल भर के लिए जिंदा कर उनकी जमीन उनके उत्तराधिकारियों के नाम कर दी। रविवार को एसडीएम लेखपाल के साथ कोड़रा पहुंचकर खेलई के परिजनों को सांत्वना दी।
वर्ष 2016 में खेलई के बड़े भाई फेरई की मौत हो गई थी। फेरई के स्थान पर खेलई को मृतक दिखाकर राजस्व विभाग ने खेलई की संपत्ति फेरई के बेटों के नाम कर दी। इस बात की जानकारी जब खेलई को हुई तो वह अपने को जिंदा साबित करते हुए अपनी जमीन अपने नाम कराने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों का चक्कर लगाने लगे।
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लगातार छह साल तहसील का चक्कर काटने के बाद भी उनकी जमीन उनके नाम नहीं हुई। बुधवार को वह इसी मामले में सीओ चकबंदी के वहां बयान दर्ज कराने गए थे, लेकिन बयान दर्ज होने के पहले ही सीओ चकबंदी कार्यालय के सामने उनकी मौत हो गई।
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रविवार को एसडीएम डॉ. रविंद्र कुमार हल्का लेखपाल के साथ मृतक खेलई के घर पहुंच कर पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।