{"_id":"60b51cbb8ebc3e59b512083a","slug":"school-khalilabad-news-gkp396419056","type":"story","status":"publish","title_hn":"कस्तूरबा विद्यालय में हुए भ्रष्टाचार पर आप सांसद ने उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कस्तूरबा विद्यालय में हुए भ्रष्टाचार पर आप सांसद ने उठाए सवाल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कस्तूरबा विद्यालय में हुए भ्रष्टाचार पर आप सांसद ने उठाए सवाल
- आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह बोले, भाजपा सरकार में यह आपदा में अवसर
- भोजन व स्टेशनरी के नाम पर प्रदेश के 18 जिलों में नौ करोड़ रुपये निकालने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में भोजन के नाम पर प्रदेश के 18 जिलों में नौ करोड़ रुपये निकाल लिए गए। यह भाजपा सरकार में आपदा में अवसर है। सोमवार को ‘अमर उजाला’ की खबर को लेकर ट्वीट करने के बाद उन्होेंने लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया।
‘अमर उजाला’ में 28 मई के अंक में ‘छात्राएं आईं नहीं और निकाल लिए नौ करोड़ रुपये’ शीर्षक सेे खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद से ही विपक्ष हमलावर हो गया है। शनिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के ट्वीट के बाद सोमवार को आप सक्रिय हुई। लखनऊ में हुई प्रेसवार्ता में आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि ये मामला है जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली योगी सरकार के कार्यकाल का है। बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के अधीन कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय आता है। यह विद्यालय गरीब बालिकाओं के लिए है। बेसिक शिक्षा मंत्री सोनभद्र जिले के प्रभारी है वहां पर भी रकम निकाली गई है। वैसे तो शिक्षा महानिदेशक ने जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन सरकार इसमें क्या करेगी यह सभी को पता है। उन्होंने कहा कि इसी तरह से हर विभाग में भ्रष्टाचार हो रहा है।
यह है मामला
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई होती है। वर्तमान में कोरोना संक्रमण के चलते विद्यालय बंद हैं और छात्राएं घर पर हैं। 11 फरवरी से लेकर 31 मार्च के बीच में छात्राओं के भोजन, सामान व अन्य मद में प्रदेश के 18 जिलों में नौ करोड़ रुपये निकाल लिए गए। इसमें संतकबीरनगर जिले में 38 लाख रुपये निकाले गए। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने इन जिलों के बीएसए से जवाब मांगा था कि प्रेरणा पोर्टल पर छात्राओं की उपस्थिति न होने के बावजूद भी भोजन मद, मेडिकल केयर, कंटीजेंसी मद एवं स्टेशनरी मद में शत प्रतिशत धनराशि का भुगतान किया गया है। यह वित्तीय अनियमितता में आता है। 28 मई को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद से लगातार शासन इस पर निगाह बनाए हुए है।
विज्ञापन
विज्ञापन
- आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह बोले, भाजपा सरकार में यह आपदा में अवसर
- भोजन व स्टेशनरी के नाम पर प्रदेश के 18 जिलों में नौ करोड़ रुपये निकालने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में भोजन के नाम पर प्रदेश के 18 जिलों में नौ करोड़ रुपये निकाल लिए गए। यह भाजपा सरकार में आपदा में अवसर है। सोमवार को ‘अमर उजाला’ की खबर को लेकर ट्वीट करने के बाद उन्होेंने लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया।
‘अमर उजाला’ में 28 मई के अंक में ‘छात्राएं आईं नहीं और निकाल लिए नौ करोड़ रुपये’ शीर्षक सेे खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद से ही विपक्ष हमलावर हो गया है। शनिवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के ट्वीट के बाद सोमवार को आप सक्रिय हुई। लखनऊ में हुई प्रेसवार्ता में आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि ये मामला है जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली योगी सरकार के कार्यकाल का है। बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी के अधीन कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय आता है। यह विद्यालय गरीब बालिकाओं के लिए है। बेसिक शिक्षा मंत्री सोनभद्र जिले के प्रभारी है वहां पर भी रकम निकाली गई है। वैसे तो शिक्षा महानिदेशक ने जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन सरकार इसमें क्या करेगी यह सभी को पता है। उन्होंने कहा कि इसी तरह से हर विभाग में भ्रष्टाचार हो रहा है।
विज्ञापन
यह है मामला
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कक्षा छह से आठ तक की पढ़ाई होती है। वर्तमान में कोरोना संक्रमण के चलते विद्यालय बंद हैं और छात्राएं घर पर हैं। 11 फरवरी से लेकर 31 मार्च के बीच में छात्राओं के भोजन, सामान व अन्य मद में प्रदेश के 18 जिलों में नौ करोड़ रुपये निकाल लिए गए। इसमें संतकबीरनगर जिले में 38 लाख रुपये निकाले गए। राज्य परियोजना निदेशक विजय किरण आनंद ने इन जिलों के बीएसए से जवाब मांगा था कि प्रेरणा पोर्टल पर छात्राओं की उपस्थिति न होने के बावजूद भी भोजन मद, मेडिकल केयर, कंटीजेंसी मद एवं स्टेशनरी मद में शत प्रतिशत धनराशि का भुगतान किया गया है। यह वित्तीय अनियमितता में आता है। 28 मई को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद से लगातार शासन इस पर निगाह बनाए हुए है।
विज्ञापन