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जागा प्रशासन, शुरू हुई स्कूल वाहनों की जांच
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जागा प्रशासन, शुरू हुई स्कूल वाहनों की जांच
जिले की 431 स्कूल बसों के संचालकों को फिटनेस जांच के लिए भेजा गया है नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले मेें निजी स्कूलों में चलने वाले अधिकतर वाहन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर सड़क पर चल रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही उजागर हो रही है। मगहर में बस से कुचलकर छात्र की मौत के बाद प्रशासन ने स्कूल बसों की फिटनेस की जांच शुरू कर दी। शुक्रवार को शहर क्षेत्र में सीओ अंशुमान मिश्र और एआरटीओ आंजनेय सिंह ने बसों व अन्य वाहनों की जांच की। इसके साथ ही सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस ने स्कूल वाहनों की जांच की।
प्राइवेट स्कूलों में बस, रिक्शा, टेंपो, जीप व अन्य प्रकार के वाहन चलते हैं। स्कूल वाहनों में नियमों की अनदेखी सामने आ रही है। मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए स्कूल संचालकों ने बसों में न तो खिड़कियों पर रॉड लगवाया है और न ही आवश्यक सूचनाएं लिखवाया है। इसके अलावा क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बसों और अन्य वाहनों से ढोया जा रहा है। बृहस्पतिवार को मगहर के एक प्राइवेट विद्यालय की बस में बैठा कक्षा चार का छात्र आयुष सिंह फाटक खराब होने की वजह से नीचे गिर गया और उसी बस के पहिए के नीचे सिर दब जाने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद एआरटीओ ने उस बस की जांच की तो पता चला कि बस की फिटनेस और इश्योरेंस नहीं है। इस घटना ने स्कूल वाहनों के जरिए नियमों की धज्जियां उड़ाने की पोल खोल दी। मानकों की अनदेखी करके शहर के अलावा धनघटा, मेंहदावल, बखिरा, हैंसर, सेमरियावां, बाघनगर आदि जगहों पर पुरानी और मानक के विपरीत स्कूल बसें चलाई जा रही हैं। एआरटीओ आंजनेय सिंह ने बताया कि पिछले माह में कुल 431 स्कूल वाहनों के फिटनेस की जांच के लिए स्कूल प्रबंधन को नोटिस भेजा गया था। एक-एक कर स्कूलों के वाहनों की फिटनेस की जांच हो रही है। जो भी मानक के विपरीत पाया जाएगा, उस वाहन का संचालन करने नहीं दिया जाएगा।
स्कूल बस के लिए ये हैं दिशा निर्देश
बस 15 वर्ष से ज्यादा पुरानी न हो।
बस में बच्चों की सूची, जन्म, पता व ब्लड ग्रुप लिखा हो।
बस की खिड़कियों पर रॉड लगा होना चाहिए।
बस का रूट चार्ट अवश्य लिखा जाए।
बस में एक पुरुष और महिला सहायक तैनात हो।
चालक व सहायक का ड्रेस पहनना जरूरी है।
बस का रंग गोल्डन यलो विथ ब्राउन हो।
अग्निशमन यंत्र व फ र्स्ट एड बॉक्स हो।
बस पर आन डयूटी लिखा होना चाहिए।
बस के पीछे प्रबंधक और प्रधानाचार्य का नंबर होना चाहिए।
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जिले की 431 स्कूल बसों के संचालकों को फिटनेस जांच के लिए भेजा गया है नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले मेें निजी स्कूलों में चलने वाले अधिकतर वाहन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर सड़क पर चल रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही उजागर हो रही है। मगहर में बस से कुचलकर छात्र की मौत के बाद प्रशासन ने स्कूल बसों की फिटनेस की जांच शुरू कर दी। शुक्रवार को शहर क्षेत्र में सीओ अंशुमान मिश्र और एआरटीओ आंजनेय सिंह ने बसों व अन्य वाहनों की जांच की। इसके साथ ही सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस ने स्कूल वाहनों की जांच की।
प्राइवेट स्कूलों में बस, रिक्शा, टेंपो, जीप व अन्य प्रकार के वाहन चलते हैं। स्कूल वाहनों में नियमों की अनदेखी सामने आ रही है। मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए स्कूल संचालकों ने बसों में न तो खिड़कियों पर रॉड लगवाया है और न ही आवश्यक सूचनाएं लिखवाया है। इसके अलावा क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बसों और अन्य वाहनों से ढोया जा रहा है। बृहस्पतिवार को मगहर के एक प्राइवेट विद्यालय की बस में बैठा कक्षा चार का छात्र आयुष सिंह फाटक खराब होने की वजह से नीचे गिर गया और उसी बस के पहिए के नीचे सिर दब जाने से उसकी मौत हो गई। घटना के बाद एआरटीओ ने उस बस की जांच की तो पता चला कि बस की फिटनेस और इश्योरेंस नहीं है। इस घटना ने स्कूल वाहनों के जरिए नियमों की धज्जियां उड़ाने की पोल खोल दी। मानकों की अनदेखी करके शहर के अलावा धनघटा, मेंहदावल, बखिरा, हैंसर, सेमरियावां, बाघनगर आदि जगहों पर पुरानी और मानक के विपरीत स्कूल बसें चलाई जा रही हैं। एआरटीओ आंजनेय सिंह ने बताया कि पिछले माह में कुल 431 स्कूल वाहनों के फिटनेस की जांच के लिए स्कूल प्रबंधन को नोटिस भेजा गया था। एक-एक कर स्कूलों के वाहनों की फिटनेस की जांच हो रही है। जो भी मानक के विपरीत पाया जाएगा, उस वाहन का संचालन करने नहीं दिया जाएगा।
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स्कूल बस के लिए ये हैं दिशा निर्देश
बस 15 वर्ष से ज्यादा पुरानी न हो।
बस में बच्चों की सूची, जन्म, पता व ब्लड ग्रुप लिखा हो।
बस की खिड़कियों पर रॉड लगा होना चाहिए।
बस का रूट चार्ट अवश्य लिखा जाए।
बस में एक पुरुष और महिला सहायक तैनात हो।
चालक व सहायक का ड्रेस पहनना जरूरी है।
बस का रंग गोल्डन यलो विथ ब्राउन हो।
अग्निशमन यंत्र व फ र्स्ट एड बॉक्स हो।
बस पर आन डयूटी लिखा होना चाहिए।
बस के पीछे प्रबंधक और प्रधानाचार्य का नंबर होना चाहिए।