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Sant Kabir Nagar News: धीरे-धीरे कम हो रहा सरयू का पानी कीचड़ और सड़ांध से बढ़ी परेशानी

Sat, 23 Aug 2025 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sat, 23 Aug 2025 11:40 PM IST
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Saryu water is gradually decreasing, trouble increases due to mud and stench
पानी कम होने  के बाद सीयर की तरफ जाने वाले रास्ते का हाल
महुली। सरयू नदी खतरे के निशान से 55 सेंटीमीटर नीचे बह रही है, उसके बावजूद खतरा बना हुआ है, तटबंध पर दबाव बना हुआ है, जिससे आसपास के लोगों को खतरा मंडरा रहा है, लोगों का कहना है कि अगर जल स्तर बढ़ा तो तटबंध पर दबाव बनेगा, 32 गांव पानी से घिरे हुए हैं, नाव ही आने-जाने के लिए सहारा बचा है। अब धीरे-धीरे जल कम हो रहा है तो क्षेत्र में कीचड़ और सड़ांध भी फैल रही है।
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बता दें कि तीन दिनों में सरयू नदी का जलस्तर जो तेजी से बढ़ा था वह अब कम हो रहा है। शनिवार को नदी खतरे के निशान से 55 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। पौली क्षेत्र के नकहा, पड़रिया, कटहा-भिटहा समेत अन्य गांवों के लोगों की फसलें पूरी तरह डूब गयी हैं और वह नाव के जरिए चारा ला रहे हैं। बंधे के करीब पहुंचा पानी अब कम हो रहा है। वहीं बाढ़ नियंत्रण विभाग के ठेकेदार और अफसर अशरफपुर, तुरकौलिया नायक में कटान स्थल की निगरानी कर रहे हैं। कारण यह है कि जब सरयू का जलस्तर कम होता है तो इसमें कटान तेज होती है।
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गायघाट दक्षिणी गांव जहां पर नदी ने पिछले साल पांच घरों को काट दिया था, उस गांव को छूती हुई चल रही है। लेकिन विभाग ने यहां पर बोल्डर पिचिंग कराने के साथ ही परक्यूपाइन भी लगाया है। वहीं विभाग ने बड़े-बड़े ठोकरों को बनाया है, जिसके चलते नदी का प्रवाह थम गया है। बांधों पर पेट्रोलिंग भी बढ़ा दी गई है। सबसे बड़ा संकट पशुओं के चारे को लेकर है। पानी में पशुओं का चारा डूब गया था अब वह सड़ भी चुका है।
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ढोलबजवा गांव के रामचरन का कहना है कि नदी कम हो रही है, लेकिन जब यह तेजी से कम होती है तो बांधों पर कटान करती है। तुर्कवलिया के रामगणेश बताते हैं कि घटती हुई घाघरा ही परेशानी का सबसे बड़ा कारण बनती है। खेतों में भरी हुई गाद भी दिखाई दे रही है।
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