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Sant Kabir Nagar News: ऊफान पर सरयू-राप्ती, ढोलबजवा के पास कटान से दहशत
Sun, 31 Aug 2025 11:34 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 31 Aug 2025 11:34 PM IST
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गायघाट ठोकर के पास सरयू नदी में बढ़ता हुआ पानी । संवाद
महुली/रोसया बाजार। धनघटा क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर तेजी बढ़ रहा है। 16 घंटे में सरयू के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर तथा राप्ती के जलस्तर में 65 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी देखी गई है।
वहीं सरयू के बढ़ते जलस्तर के चलते ढोलबजवा गांव के पास सड़क के एक हिस्से में कटान भी हो रही है। इसके चलते क्षेत्र के लोगों की नींद उड़ गई है। नदी की लहरों का शोर बाढ़ क्षेत्र के लोगों की धड़कनों को बढ़ा रहा है।
सरयू नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते नदी के तटवर्ती गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं 32 किलोमीटर लंबे एमबीडी बांध व घाघरा नदी के बीच में बसे गांव के लोग इस समय नदी के बढ़ते जलस्तर से काफी दहशत में हैं। सरयू नदी का जलस्तर इस समय 25 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
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लहरें शोर करते हुए चल रही हैं। नदी की उपधाराएं जो खाली हो चुकी थीं, उनमें लगातार पानी भरता जा रहा है। बढ़ते जलस्तर से पड़रिया गांव के 30 घरों का केवटाही पुरवा, नकहा का 25 घरों का निषाद बस्ती, 200 घरों का नरायनपुर गांव, छपरा मगर्वी गांव का लगभग 80 घरों का कुर्मीयान टोला व कटहा-भिटहा गांव का 150 घरों का मदरहा पुरवा बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।
वहीं भोतहा, हरिवंशपुर, नकहा, तेजपुर, माझाखड़गपुर रामपुर, पंडरिया सहित एक दर्जन क्षेत्र के गांवों की फसल जलमग्न हो जाती है, जिससे लोगों में पशुओं के चारे का भी संकट खड़ा हो जाता है। बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीणों में हरिकिशुन, सीताराम, जोखन, रामप्रकाश जेठू, रामाज्ञा निषाद, झिनकान, बृजभान, बहादुर, लालमन, रामाशीष, वीरेंद्र, संतराम, पिंटू, महेंद्र, कल्लू, अजय, लालजी, दिनेश, पुजारी, परसुराम, विनोद, अशोक, राम सुमेर रग्घू यादव, उमेश यादव सहित तमाम लोगों का कहना है कि हम लोग बहुत दिनों से इस परेशानी से झेलते चले आ रहे हैं।
कई दिनों तक खेतों में बाढ़ का पानी भरने से अरहर, धान, सब्जी की खेती बर्बाद हो जाती है। पशुओं के चारे का संकट बढ़ जाता है। फिर से घाघरा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि बाढ़ के सीजन में हम लोगों को तरह-तरह की दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। हम लोगों के आय का स्रोत परवल और हरी सब्जी और धान की फसल भी डूब गई है।
ढोलबजवा के पास नदी की धारा सड़क पर कटान कर रही है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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वहीं सरयू के बढ़ते जलस्तर के चलते ढोलबजवा गांव के पास सड़क के एक हिस्से में कटान भी हो रही है। इसके चलते क्षेत्र के लोगों की नींद उड़ गई है। नदी की लहरों का शोर बाढ़ क्षेत्र के लोगों की धड़कनों को बढ़ा रहा है।
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सरयू नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर के चलते नदी के तटवर्ती गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है। वहीं 32 किलोमीटर लंबे एमबीडी बांध व घाघरा नदी के बीच में बसे गांव के लोग इस समय नदी के बढ़ते जलस्तर से काफी दहशत में हैं। सरयू नदी का जलस्तर इस समय 25 मिलीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है।
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लहरें शोर करते हुए चल रही हैं। नदी की उपधाराएं जो खाली हो चुकी थीं, उनमें लगातार पानी भरता जा रहा है। बढ़ते जलस्तर से पड़रिया गांव के 30 घरों का केवटाही पुरवा, नकहा का 25 घरों का निषाद बस्ती, 200 घरों का नरायनपुर गांव, छपरा मगर्वी गांव का लगभग 80 घरों का कुर्मीयान टोला व कटहा-भिटहा गांव का 150 घरों का मदरहा पुरवा बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं।
वहीं भोतहा, हरिवंशपुर, नकहा, तेजपुर, माझाखड़गपुर रामपुर, पंडरिया सहित एक दर्जन क्षेत्र के गांवों की फसल जलमग्न हो जाती है, जिससे लोगों में पशुओं के चारे का भी संकट खड़ा हो जाता है। बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीणों में हरिकिशुन, सीताराम, जोखन, रामप्रकाश जेठू, रामाज्ञा निषाद, झिनकान, बृजभान, बहादुर, लालमन, रामाशीष, वीरेंद्र, संतराम, पिंटू, महेंद्र, कल्लू, अजय, लालजी, दिनेश, पुजारी, परसुराम, विनोद, अशोक, राम सुमेर रग्घू यादव, उमेश यादव सहित तमाम लोगों का कहना है कि हम लोग बहुत दिनों से इस परेशानी से झेलते चले आ रहे हैं।
कई दिनों तक खेतों में बाढ़ का पानी भरने से अरहर, धान, सब्जी की खेती बर्बाद हो जाती है। पशुओं के चारे का संकट बढ़ जाता है। फिर से घाघरा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि बाढ़ के सीजन में हम लोगों को तरह-तरह की दुश्वारियां झेलनी पड़ती हैं। हम लोगों के आय का स्रोत परवल और हरी सब्जी और धान की फसल भी डूब गई है।
ढोलबजवा के पास नदी की धारा सड़क पर कटान कर रही है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।