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Sant Kabir Nagar News: सरयू खतरे के निशान से पांच सेंटीमीटर ऊपर, 16 गांव में घुसा बाढ़ का पानी

Tue, 17 Sep 2024 12:18 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 17 Sep 2024 12:18 AM IST
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Saryu five centimeters above the danger mark, flood water entered 16 villages
- छपरा मगवी के कुर्मियान टोला के पास बना रिंग बांध टूट गया, रास्ता हुआ अवरूद्ध
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संवाद न्यूज एजेंसी

धनघटा। लखीमपुर खीरी के शारदा बैराज से सरयू में छोड़े गए पानी ने संतकबीरनगर की धनघटा तहसील के 16 गांव में तबाही मचा दी है। नदी और बांध के बीच बसे इन गांवों के लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। छपरा मगर्वी के कुर्मियान टोला की सुरक्षा के लिए बनाया गया रिंग बांध सोमवार की सुबह टूट गया, जिससे गांव के लोगों का रास्ता अवरूद्ध हो गया है। क्षेत्रीय विधायक और एडीएम ने प्रभावित गांवों का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम और तहसीलदार को बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद करने का आदेश दिया।

शनिवार की सुबह से सरयू के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हो गई जो सोमवार की देर शाम तक जारी रही। सोमवार की शाम नदी का जलस्तर खतरे के निशान 79. 400 मीटर को पार करके 79. 450 मीटर पर पहुंच गया। इस वर्ष नदी के जलस्तर में सर्वाधिक बढ़ोतरी होने से एमबीडी बांध और नदी के बीच बसे 34 लोग भयभीत हो गए।
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गायघाट दक्षिणी, अगापुर गुलरिया, खाले पुरवा, साधु टोला, पटौवा, मदरहा, नारायनपुर, कंचनपुर, सियाराम राम अधीन, ढोल बजा, गुनवतिया, कुर्मियान टोला, कंचनपुर, दौलतपुर, सुअरहा, भरवटिया में बाढ़ का पानी घुस गया है। संपर्क मार्गों पर बह रहे पानी में चलकर लोग अपने घरों को आ जा रहे हैं। छपरा मगर्वी गांव की कुर्मियान टोला को बाढ़ से बचने के लिए ग्राम पंचायत के जरिये बनाया गया रिंग बांध टूट गया, जिससे 13 लोगों के घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। पंचायत विभाग के लोग रिंग बांध को बांधने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन देर शाम तक असफल रहे।
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लोगों के लिए खाना, पशुओं के लिए चारा हुआ मुश्किल

धनघटा। बाढ़ का पानी घरों में घुसने से परेशान साधु, रामकेवल, कमलेश, मंगल, राम दरस, सोमई, कृष्ण चंद्र, रमपत्त, संपत, राम सजीवन, चंद्रिका, राममिलन, गौरी, राम सकल, कैलाशपति, देवंती, पार्वती, राम मूरत, हरीश आदि का कहना है कि घरों में बाढ़ का पानी घुस जाने से घर में रहना मुश्किल हो गया है। भोजन बनाने की समस्या उत्पन्न हो गई है। पशुओं को खिलाने के लिए घर में रखा भूसा पानी में डूब गया है, जिससे उसे खिलाया नहीं जा सकता है। खेतों में पानी भरने से हरा चारा भी नहीं काट जा पा रहा है।

प्रशासन ने आने जाने के लिए नाव तो लगी दी है, लेकिन इसके अलावा कोई मदद नहीं की गई है। तिरपाल मिल जाता तो उसे बांध पर डालकर दो-चार दिन का समय काट लिया जाता। विधायक गणेश चंद चौहान और एसडीएम रमेश चंद्र ने बाढ़ से प्रभावित गांव का दौरा किया। इन लोगों ने बाढ़ पीड़ितों को हर मदद करने का आश्वासन दिया। तहसीलदार योगेंद्र पांडेय ने बताया कि बाढ़ से कुल सात गांव प्रभावित हैं। 21 नाव लगाई गई हैं। अभी तक किसी के मकान में बाढ़ का पानी नहीं घुसा है। केवल रास्ता प्रभावित हुआ है। किसी के घर में बाढ़ का पानी घुसा तो उसके भोजन का भी प्रबंध किया जाएगा।
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