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अनियमित नियुक्ति के मामले में तत्कालीन डीआईओएस निलंबित
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अनियमित नियुक्ति के मामले में तत्कालीन डीआईओएस निलंबित
- आदर्श जनता इंटर कॉलेज पचपेड़वा में तीन शिक्षकों की नियुक्ति का मामला
- तत्कालीन डीआईओएस शिव कुमार ओझा वर्तमान में बुलंदशहर में हैं तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। आदर्श जनता इंटर कॉलेज पचपेड़वा में तीन शिक्षकों की अनियमित तरीके से नियुक्ति के मामले में तत्कालीन डीआईओएस शिव कुमार ओझा को निलंबित कर दिया गया है। ओझा इस समय बुलंदशहर में तैनात हैं।
शासन के प्रमुख सचिव दीपक कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आदर्श इंटर कॉलेज पचपेड़वा में प्रबंधक ने तीन सहायक अध्यापकों की नियुक्ति की थी। नियुक्ति की पत्रावली डीआईओएस को 16 मार्च 2018 को भेजी गई। तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक शिव कुमार ओझा ने तीनों शिक्षकों का अनुमोदन 20 जुलाई 2018 को कर दिया। बाद में जांच की गई तो इसमें कई कमियां मिलीं।
प्रबंधतंत्र ने जारी विज्ञप्तियों का प्रकाशन जिस हिंदी समाचार पत्र में कराया वह राज्य स्तरीय नहीं है। विज्ञापन में रिक्त पद स्थायी या अस्थायी का उल्लेख नहीं है। एक पद पर सात लोगों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना था, जिसका पालन नहीं हुआ। न्यूनतम शैक्षिक अर्हता का पालन नहीं किया गया। चयन की कार्रवाई विधि सम्मत नहीं पाई गई।
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चयन समिति के जरिए सामाजिक विज्ञान में जिसका चयन किया गया उसकी शैक्षिक अर्हता पूर्ण नहीं है। पत्र में यह भी कहा गया है कि अभ्यर्थियों का चयन हो गया, पर उनका वेतन नहीं लग सका। अभ्यर्थी कोर्ट चले गए। कोर्ट ने जवाब मांगा तो 27 अक्तूबर 2018 को डीआईओएस के जरिए शपथपत्र दाखिल किया गया। दाखिल शपथपत्र में डीआईओएस ने अनियमितता का उल्लेख नहीं किया। इससे स्पष्ट है कि डीआईओएस ने प्रकरण में जानबूझकर लापरवाही की। इस अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा को उच्च न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने की स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे शासन की छवि धूमिल हुई। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
आदर्श जनता इंटर कॉलेज पचपेड़वा में तीन शिक्षकों की भर्ती का मामला है, जिसमें तत्कालीन डीआईओएस पर शासन ने कार्रवाई की है। इन शिक्षकों के चयन में प्रबंधन ने नियमों का पालन नहीं किया। शिक्षकों का वेतनमान अभी तक नहीं लगाया गया है। मामला कोर्ट में है। जैसा आदेश आएगा, उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
- मनमोहन शर्मा, डीआईओएस
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- आदर्श जनता इंटर कॉलेज पचपेड़वा में तीन शिक्षकों की नियुक्ति का मामला
- तत्कालीन डीआईओएस शिव कुमार ओझा वर्तमान में बुलंदशहर में हैं तैनात
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। आदर्श जनता इंटर कॉलेज पचपेड़वा में तीन शिक्षकों की अनियमित तरीके से नियुक्ति के मामले में तत्कालीन डीआईओएस शिव कुमार ओझा को निलंबित कर दिया गया है। ओझा इस समय बुलंदशहर में तैनात हैं।
शासन के प्रमुख सचिव दीपक कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आदर्श इंटर कॉलेज पचपेड़वा में प्रबंधक ने तीन सहायक अध्यापकों की नियुक्ति की थी। नियुक्ति की पत्रावली डीआईओएस को 16 मार्च 2018 को भेजी गई। तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक शिव कुमार ओझा ने तीनों शिक्षकों का अनुमोदन 20 जुलाई 2018 को कर दिया। बाद में जांच की गई तो इसमें कई कमियां मिलीं।
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प्रबंधतंत्र ने जारी विज्ञप्तियों का प्रकाशन जिस हिंदी समाचार पत्र में कराया वह राज्य स्तरीय नहीं है। विज्ञापन में रिक्त पद स्थायी या अस्थायी का उल्लेख नहीं है। एक पद पर सात लोगों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाना था, जिसका पालन नहीं हुआ। न्यूनतम शैक्षिक अर्हता का पालन नहीं किया गया। चयन की कार्रवाई विधि सम्मत नहीं पाई गई।
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चयन समिति के जरिए सामाजिक विज्ञान में जिसका चयन किया गया उसकी शैक्षिक अर्हता पूर्ण नहीं है। पत्र में यह भी कहा गया है कि अभ्यर्थियों का चयन हो गया, पर उनका वेतन नहीं लग सका। अभ्यर्थी कोर्ट चले गए। कोर्ट ने जवाब मांगा तो 27 अक्तूबर 2018 को डीआईओएस के जरिए शपथपत्र दाखिल किया गया। दाखिल शपथपत्र में डीआईओएस ने अनियमितता का उल्लेख नहीं किया। इससे स्पष्ट है कि डीआईओएस ने प्रकरण में जानबूझकर लापरवाही की। इस अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा को उच्च न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने की स्थिति उत्पन्न हुई, जिससे शासन की छवि धूमिल हुई। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
आदर्श जनता इंटर कॉलेज पचपेड़वा में तीन शिक्षकों की भर्ती का मामला है, जिसमें तत्कालीन डीआईओएस पर शासन ने कार्रवाई की है। इन शिक्षकों के चयन में प्रबंधन ने नियमों का पालन नहीं किया। शिक्षकों का वेतनमान अभी तक नहीं लगाया गया है। मामला कोर्ट में है। जैसा आदेश आएगा, उसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
- मनमोहन शर्मा, डीआईओएस