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Sant Kabir Nagar News: छह को बेल और 16 को जेल पर भड़के अधिवक्ताओं ने किया हंगामा

Sat, 27 Jul 2024 05:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sat, 27 Jul 2024 05:52 AM IST
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Sant Kabir Nagar News: Advocates created ruckus over bail on 6 and jail on 16
संतकबीरनगर। प्रशासनिक छापेमारी में बृहस्पतिवार को एआरटीओ, निबंधन कार्यालय और जिला अस्पताल से पकड़े गए 22 दलालों पर कार्रवाई में दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को जमकर हंगामा किया। सवाल उठाया कि एक ही चालान पर छह को जमानत दे दी गई तो 16 को जेल क्यों भेज दिया। अधिवक्ताओं ने डेढ़ घंटे तक एसडीएम को उनके दफ्तर में बंधक बनाए रखा।
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बृहस्पतिवार को प्रशासन की छापेमारी में अलग-अलग स्थानों से 22 लोग पकड़े गए थे। कोतवाली पुलिस की चालान रिपोर्ट मिलने पर देर शाम एसडीएम ने छह लोगों को जमानत दे दी और 16 को जेल भेज दिया। नाराज अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को एसडीएम और उनके कर्मचारियों को दफ्तर उनके कक्ष के भीतर बंद करके दरवाजा बाहर से बंदकर दिया। इसके बाद अधिवक्ता बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान एसडीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
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अधिवक्ताओं का कहना था कि जब एक ही चालान रिपोर्ट थी तो सभी को छोड़ना चाहिए था। जिन लोगों को छोड़ा गया वह कहां और कैसे छोड़े गए, किसी को पता ही नहीं चल सका। शेष आरोपियों के अधिवक्ता चालान रिपोर्ट का इंतजार करते रहे। एसडीएम कोर्ट में नहीं आए और अधिवक्ता जमानत का प्रार्थना पत्र भी नहीं प्रस्तुत कर सके। सभी आरोपियों को बाहर से ही जेल भेज दिया गया।
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सूचना पर पहुंचे एडीएम ने अधिवक्ताओं से बातचीत कर धरना समाप्त कराते हुए मामले का पटाक्षेप कराया। एडीएम ने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि अब पांच बजे से पहले ही चालान रिपोर्ट आ जाएगी। ताकि अधिवक्ता मामले का निस्तारण करा सकें। इस दौरान सिविल बार अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार मिश्र, महामंत्री राकेश मिश्र, प्रदीप पांडेय, शशि ओझा, ओमप्रकाश तिवारी, वसी अहमद, इमरान, देवेश पाल आदि मौजूद रहे।
मुल्जिम का यह अधिकार है कि वह अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत की अर्जी दाखिल करे। बाहर ही बाहर सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया। नियम विरुद्ध तरीके से छह लोगों को छोड़ दिया गया, जिसको लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश था। तहसील में भ्रष्टाचार चरम पर है। एडीएम से तहसीलदार सदर को हटाने की मांग भी की गई है।

- महीप बहादुर पाल, पूर्व अध्यक्ष सिविल बार
प्रशासनिक कार्रवाई में पकड़े गए 22 लोगों में से बीमार और ज्यादा उम्र वाले छह आरोपियों को जमानत दे दी गई थी। शेष 16 लोगों को जेल भेज दिया गया। अधिवक्ताओं को समझा-बुझाकर मामले का पटाक्षेप कराया गया।

- जयप्रकाश, एडीएम
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