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स्वीकृत पदों से अधिक शिक्षक ले रहे वेतन
Sant Kabir Nagar
Updated Fri, 26 May 2017 10:43 PM IST
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डीएम ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की।
- फोटो : अमर उजाला
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डीएम मार्कंडेय शाही ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान जनपद के विभिन्न ब्लॉकों में स्वीकृत पद से अधिक शिक्षकों का वेतन आहरण होने की जानकारी पर उन्होंने वित्त एवं लेखाधिकारी बेेसिक को फटकारा और उनके वेतन से रिकवरी व एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी। शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार जिले में स्वीकृत पदों के अतिरिक्त करीब 250 अतिरिक्त शिक्षकों के वेतन का आहरण हो रहा है। वहीं बैठक में तीन जिला समन्वयक और सहायक एवं वित्त लेखाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान का कार्य संतोषजनक न मिलने पर वेतन रोकने का निर्देश दिया।
डीएम ने पाया कि सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में बिना टेंडर प्रक्रिया कराए ही सामानों की आपूर्ति की जा रही है। नामित समिति के जरिए सत्यापन नहीं कराया गया। न ही गुणवत्ता की जांच कराई गई। विद्यालयों में बच्चों केे खराब खाना मिलने की शिकायत है। इस पर डीएम ने सहायक एवं वित्त लेखाधिकारी जितेंद्र अग्रवाल, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा रजनीश वैद्यनाथ, जिला समन्वयक निर्माण हृदयनारायण त्रिपाठी और जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन धीरेंद्र प्रताप चंद का वेतन रोकने का निर्देश दिया। डीएम ने बैठक में मौजूद खंड शिक्षा अधिकारियों से ब्लॉक में शिक्षकों के स्वीकृत पद का ब्यौरा मांगा तो वे नहीं दे पाए। जिस पर डीएम ने हैरानी जताई।
डीएम ने कहा कि कस्तूरबा विद्यालय और प्राथमिक विद्यालयों के पठन पाठन की स्थिति काफी खराब है। जिसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार है। नए सत्र से इसमे सुधार करे नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर बीएसए प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, बीईओ प्रमोद कुमार त्रिपाठी, डॉक्टर नरेंद्र सिंह, आर डी प्रसाद, डीसी एमडीएम डीपी चंद, रजनीश वैद्यनाथ आदि मौजूद रहे।
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डीएम ने पाया कि सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में बिना टेंडर प्रक्रिया कराए ही सामानों की आपूर्ति की जा रही है। नामित समिति के जरिए सत्यापन नहीं कराया गया। न ही गुणवत्ता की जांच कराई गई। विद्यालयों में बच्चों केे खराब खाना मिलने की शिकायत है। इस पर डीएम ने सहायक एवं वित्त लेखाधिकारी जितेंद्र अग्रवाल, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा रजनीश वैद्यनाथ, जिला समन्वयक निर्माण हृदयनारायण त्रिपाठी और जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन धीरेंद्र प्रताप चंद का वेतन रोकने का निर्देश दिया। डीएम ने बैठक में मौजूद खंड शिक्षा अधिकारियों से ब्लॉक में शिक्षकों के स्वीकृत पद का ब्यौरा मांगा तो वे नहीं दे पाए। जिस पर डीएम ने हैरानी जताई।
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डीएम ने कहा कि कस्तूरबा विद्यालय और प्राथमिक विद्यालयों के पठन पाठन की स्थिति काफी खराब है। जिसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी जिम्मेदार है। नए सत्र से इसमे सुधार करे नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर बीएसए प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी, बीईओ प्रमोद कुमार त्रिपाठी, डॉक्टर नरेंद्र सिंह, आर डी प्रसाद, डीसी एमडीएम डीपी चंद, रजनीश वैद्यनाथ आदि मौजूद रहे।
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