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Sant Kabir Nagar News: नियम बने गले की फांस, आवेदन के लिए नहीं मिल रहे अध्यापक
Sun, 14 Jul 2024 10:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 14 Jul 2024 10:57 PM IST
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- बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से शिक्षकों को मिलने वाले राज्य अध्यापक पुरस्कार का हाल
- सेमरियावां ब्लाॅक में 78 प्राथमिक, 22 उच्च प्राथमिक और 41 कंपोजिट विद्यालय संचालित
मसरूर अहमद खान
सेमरियावां। बेसिक शिक्षा विभाग में राज्य स्तर पर मिलने वाले अध्यापक पुरस्कार के लिए इस बार आवेदन ढूंढ़े नहीं मिल रहे हैं। आवेदन के लिए शासन ने सोमवार तक तिथि बढ़ा दी है। लेकिन पुरस्कार के लिए फिर भी आवेदनों का टोटा है। जनपद के नौ ब्लॉक से इस पुरस्कार के लिए अभी तक कोई आवेदन ही नहीं किया गया। शिक्षकों का कहना है कि इस बार आवेदन के लिए बनाए गए नियम कठिन हैं। इनके कारण कम ही संख्या में शिक्षक पुरस्कार के लिए पात्र हो पा रहे हैं।
बेसिक शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए शासन ने 10 जुलाई तक की तिथि तय की थी। कम आवेदन होने पर इसे बढ़ाकर 15 जुलाई तक कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा महानिदेशालय ने इस बार राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए स्कूलों में विद्यर्थियों की संख्या की शर्त रख दी है। इसके मुताबिक प्राथमिक विद्यालय में कम से कम 150, उच्च प्राथमिक में 105 और कंपोजिट विद्यालय में 255 बच्चे होने चाहिए।
बच्चों की संख्या इससे कम होने पर विद्यालय का प्रधानाध्यापक या शिक्षक आवेदन नहीं कर सकेंगे। आवेदन के लिए शिक्षक का 15 वर्ष की सेवा पूरा करना भी जरूरी है। साथ ही सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से ज्यादा समय शेष होना चाहिए। शिक्षकों का कहना है कि एक तरफ छह वर्ष के बच्चों के प्रवेश के नियम के कारण स्कूल बच्चों की कमी से जूझ रहे हैं। दूसरी तरफ, आवेदन में स्कूल में छात्र संख्या की शर्त रख दी गई है।
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शिक्षकों ने बताया कि पिछले वर्षों में जिले से हर बार 10 से 12 आवेदन हुए हैं। इनमें से दो सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों का चयन जिला समिति करती है। जिसके बाद राज्य स्तरीय समिति इनकी जांच और साक्षात्कार के बाद पुरस्कार की घोषणा करती है। बताया कि इस साल नियमों में बदलाव के कारण ज्यादातर शिक्षक आवेदन की योग्यता को ही नहीं पूरा कर पा रहे हैं।
इस संबंध में बीएसए अमित सिंह ने बताया कि अभी तक कितने आवेदन आए हैं, इसकी जानकारी कराई जा रही है।
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राज्य अध्यापक पुरस्कार से लाभ
राज्य अध्यापक पुरस्कार मिलने के बाद हर शिक्षक को सेवानिवृत्ति के बाद दो वर्ष का कार्य विस्तार मिलता है। साथ ही उन्हें शिक्षण कार्यों के लिए वेतन के साथ दो हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी पूरे सेवाकाल में किया जाता है। रोडवेज बसों में आजीवन पास भी इस पुरस्कार के बाद दिया जाता है।
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- सेमरियावां ब्लाॅक में 78 प्राथमिक, 22 उच्च प्राथमिक और 41 कंपोजिट विद्यालय संचालित
मसरूर अहमद खान
सेमरियावां। बेसिक शिक्षा विभाग में राज्य स्तर पर मिलने वाले अध्यापक पुरस्कार के लिए इस बार आवेदन ढूंढ़े नहीं मिल रहे हैं। आवेदन के लिए शासन ने सोमवार तक तिथि बढ़ा दी है। लेकिन पुरस्कार के लिए फिर भी आवेदनों का टोटा है। जनपद के नौ ब्लॉक से इस पुरस्कार के लिए अभी तक कोई आवेदन ही नहीं किया गया। शिक्षकों का कहना है कि इस बार आवेदन के लिए बनाए गए नियम कठिन हैं। इनके कारण कम ही संख्या में शिक्षक पुरस्कार के लिए पात्र हो पा रहे हैं।
बेसिक शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए शासन ने 10 जुलाई तक की तिथि तय की थी। कम आवेदन होने पर इसे बढ़ाकर 15 जुलाई तक कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा महानिदेशालय ने इस बार राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए स्कूलों में विद्यर्थियों की संख्या की शर्त रख दी है। इसके मुताबिक प्राथमिक विद्यालय में कम से कम 150, उच्च प्राथमिक में 105 और कंपोजिट विद्यालय में 255 बच्चे होने चाहिए।
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बच्चों की संख्या इससे कम होने पर विद्यालय का प्रधानाध्यापक या शिक्षक आवेदन नहीं कर सकेंगे। आवेदन के लिए शिक्षक का 15 वर्ष की सेवा पूरा करना भी जरूरी है। साथ ही सेवानिवृत्ति में पांच वर्ष से ज्यादा समय शेष होना चाहिए। शिक्षकों का कहना है कि एक तरफ छह वर्ष के बच्चों के प्रवेश के नियम के कारण स्कूल बच्चों की कमी से जूझ रहे हैं। दूसरी तरफ, आवेदन में स्कूल में छात्र संख्या की शर्त रख दी गई है।
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शिक्षकों ने बताया कि पिछले वर्षों में जिले से हर बार 10 से 12 आवेदन हुए हैं। इनमें से दो सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों का चयन जिला समिति करती है। जिसके बाद राज्य स्तरीय समिति इनकी जांच और साक्षात्कार के बाद पुरस्कार की घोषणा करती है। बताया कि इस साल नियमों में बदलाव के कारण ज्यादातर शिक्षक आवेदन की योग्यता को ही नहीं पूरा कर पा रहे हैं।
इस संबंध में बीएसए अमित सिंह ने बताया कि अभी तक कितने आवेदन आए हैं, इसकी जानकारी कराई जा रही है।
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राज्य अध्यापक पुरस्कार से लाभ
राज्य अध्यापक पुरस्कार मिलने के बाद हर शिक्षक को सेवानिवृत्ति के बाद दो वर्ष का कार्य विस्तार मिलता है। साथ ही उन्हें शिक्षण कार्यों के लिए वेतन के साथ दो हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी पूरे सेवाकाल में किया जाता है। रोडवेज बसों में आजीवन पास भी इस पुरस्कार के बाद दिया जाता है।