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टीकाकरण कराने वाला ही होम आइसोलेशन में होगा केयर गिवर

Mon, 10 Jan 2022 10:24 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jan 2022 10:24 PM IST
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rule change of home isolation
टीकाकरण कराने वाला ही होम आइसोलेशन में होगा केयर गिवर
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- कोविड-19 होम आइसोलेशन पॉलिसी में हुआ संशोधन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोविड पॉजिटिव पाए गए व्यक्तियों के होम आइसोलशन तथा डिस्चार्ज करने के नियम में बदलाव किया गया है। इसके तहत कोविड-19 का टीकाकरण कराने वाला व्यक्ति ही होम आइसोलेशन में रहने वाले व्यक्ति का केयर गिवर (देखभाल करने वाला) बन सकता है। यही नहीं बुखार न आने की स्थिति में होम आइसोलेशन सात दिनों में समाप्त हो जाएगा।
सीएमओ डॉ. इंद्र विजय विश्वकर्मा ने बताया कि कोविड-19 रोगियों के आइसोलेशन व डिस्चार्ज के लिए नई पालिसी बनाई गई है। भारत सरकार के निर्देशानुसार गंभीर रुप से बीमार, 60 साल की आयु से अधिक, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, फेफड़े की बीमारी, एचआईवी, कैंसर कीमोथैरेपी प्राप्त कोविड पॉजिटिव व्यक्ति को होम आइसोलेशन की इजाजत चिकित्सा अधिकारी के आंकलन के बाद ही दी जाएगी। बुखार न आने की स्थिति में सैंपल कलेक्शन की तिथि से सात दिनों के बाद होम आइसोलेशन समाप्त माना जाएगा। होम आइसोलेशन की समाप्ति पर टेस्टिंग की आवश्यकता नहीं होगी। फालोअप जांच की भी जरूरत नहीं होगी। रोगी एक सप्ताह तक मास्क का अनिवार्य रुप से प्रयोग करेंगे।
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क्या होता है केयर गिवर
केयर गिवर होम आइसोलेशन में रहने वाले कोविड-19 पॉजिटिव रोगी की देखभाल करता है। वह पॉजिटिव रोगी के तापमान, सांस लेने की स्थिति के साथ ही अन्य सुविधा का ख्याल रखता है। रोगी का सारा रिकॉर्ड रखने के साथ ही कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर व आरआरटी के संपर्क में भी वहीं रहता है।
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यह रोगी रखे जाएंगे होम आइसोलेशन में
होम आइसोलेशन की अनुमति उसी को प्रदान की जाएगी जो जांच में कोरोना पॉजिटिव पाया गया है लेकिन उसके अंदर लक्षण न दिख रहा हो। ऑक्सीजन सेचुरेशन 94 प्रतिशत या उससे अधिक हो।

कब होगी चिकित्सा की जरूरत
होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों के लिए चिकित्सक की आवश्यकता उस समय होगी जब उनका बुखार 100 डिग्री फारेनहाइट से अधिक हो। सांस लेने में कठिनाई हो रही हो। ऑक्सीजन सेचुरेशन 94 प्रतिशत से कम हो रहा हो। इसमें एक घंटे के भीतर कम से कम तीन रीडिंग लेना अनिवार्य होगा। सीने में लगातार दर्द हो रहा हो या फिर दबाव महसूस कर रहे हों। मानसिक भ्रम की स्थिति हो रही हो या व्यक्ति लगातार जग रहा हो।
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