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बारिश से सड़कें हो गईं जलमग्न
sant kabir nagar
Updated Tue, 26 Jul 2016 11:58 PM IST
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खलीलाबाद बैंक रोड का हाल।
- फोटो : अमर उजाला
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बुधवार दोपहर बाद खलीलाबाद और आसपास के क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई। इससे जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है, वहीं कई स्थानों पर जलजमाव हो गया। इससे राहगीरों को आने-जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
अपराह्न तीन बजे तेज बारिश हुई, जिससे गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। उमस भरी गर्मी के चलते कई लोग बारिश में भीगते देखे गए। दूसरी तरफ करीब ढाई घंटे की बारिश के बाद शहर में विद्युत वितरण खंड कार्यालय, लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले के सामने, गोलाबाजार, बंजरिया रोड, मोती नगर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर, जूनियर हाईस्कूल परिसर आदि स्थानों पर भारी जल जमाव हो गया। नालियां जाम होने के कारण नालियों का गंदा पानी भी सड़क तक पसर गया, जिससे आने जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के कई हिस्सों में अभी भी नालों की सफाई का कार्य चल रहा है, ऐसे में राहगीरों का समस्या और गंभीर हो गई है।
यही नहीं सरकारी कार्यालयों के परिसरों में भी जल जमाव के कारण आने-जाने वाले परेशान दिखे। स्थिति यह रही कि डाक बंगला के सामने, गोलाबाजार में सड़क की दोनों पटरियों पर शाम तक जल भराव बना रहा। हालांकि किसानों के लिए बारिश फायदेमंद साबित हुई है। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए बारिश जरूरी है। इससे धान के विकास में प्रगति होगी। जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने जिन किसानों की धान की रोपाई हुए 21 दिन से अधिक हो गया है वह धान की फसल में खाद की बुआई करें, इससे काफी फायदा होगा।
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वहीं नाथनगर में हुई अचानक तेज बारिश से नाथनगर चौराहे की सूरत बिगड़ गई। चौराहे से काली की तरफ मुड़ने वाले मोड़ की पिच सड़क काफी नीची हो गई है और सड़क के दोनों तरफ घर बन जाने से बारिश का पानी निकलने के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण हल्की बारिश होने पर भी यहां जल भराव हो जाता है। जिससे यहां दो सौ मीटर तक सड़क नदी की शक्ल में नजर आती है। मंगलवार दोपहर हुई अचानक बारिश से सड़क नदी की शक्ल में बदल गयी।
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अपराह्न तीन बजे तेज बारिश हुई, जिससे गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। उमस भरी गर्मी के चलते कई लोग बारिश में भीगते देखे गए। दूसरी तरफ करीब ढाई घंटे की बारिश के बाद शहर में विद्युत वितरण खंड कार्यालय, लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले के सामने, गोलाबाजार, बंजरिया रोड, मोती नगर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर, जूनियर हाईस्कूल परिसर आदि स्थानों पर भारी जल जमाव हो गया। नालियां जाम होने के कारण नालियों का गंदा पानी भी सड़क तक पसर गया, जिससे आने जाने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शहर के कई हिस्सों में अभी भी नालों की सफाई का कार्य चल रहा है, ऐसे में राहगीरों का समस्या और गंभीर हो गई है।
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यही नहीं सरकारी कार्यालयों के परिसरों में भी जल जमाव के कारण आने-जाने वाले परेशान दिखे। स्थिति यह रही कि डाक बंगला के सामने, गोलाबाजार में सड़क की दोनों पटरियों पर शाम तक जल भराव बना रहा। हालांकि किसानों के लिए बारिश फायदेमंद साबित हुई है। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए बारिश जरूरी है। इससे धान के विकास में प्रगति होगी। जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने जिन किसानों की धान की रोपाई हुए 21 दिन से अधिक हो गया है वह धान की फसल में खाद की बुआई करें, इससे काफी फायदा होगा।
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वहीं नाथनगर में हुई अचानक तेज बारिश से नाथनगर चौराहे की सूरत बिगड़ गई। चौराहे से काली की तरफ मुड़ने वाले मोड़ की पिच सड़क काफी नीची हो गई है और सड़क के दोनों तरफ घर बन जाने से बारिश का पानी निकलने के लिए कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण हल्की बारिश होने पर भी यहां जल भराव हो जाता है। जिससे यहां दो सौ मीटर तक सड़क नदी की शक्ल में नजर आती है। मंगलवार दोपहर हुई अचानक बारिश से सड़क नदी की शक्ल में बदल गयी।
ग्राम प्रधान मदन साहू ने बताया कि पीडब्लूडी विभाग की सड़क है। उस पर कोई कार्य नहीं कराया जा सकता है। दो चार ट्राली मिट्टी डलवा दिया जाए तो वहां और कचरा हो जाएगा। लोगों ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य जब चल रहा था। यहा निरीक्षण के लिए आए अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। विजय मद्धेशिया, भूवर यादव, रामअनुज आदि ने बताया कभी कभी स्थित यह हो जाती है कि छोटे छोटे बच्चे फिसलकर इस गंदे पानी में गिर पड़ते है। उन्हें देखकर पीड़ा होती है। लेकिन विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से पिच सड़क को ऊंचा कराने की मांग की है।