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Sant Kabir Nagar News: गुजरे गए सात साल, आवास के अपात्रों से नहीं हुई वसूली
Sat, 04 Mar 2023 09:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 04 Mar 2023 09:26 AM IST
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- ब्लॉक के जिम्मेदारों ने दबा दिया फाइल
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। विकास खंड मेंहदावल के ग्राम पंचायत भैंसामाफी में लोहिया आवास के छह अपात्रों से सात साल बाद भी रकम की वसूली नहीं हो पाई। ब्लॉक के जिम्मेदारों ने वसूली की फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।
डॉक्टर राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना के तहत वर्ष 2014-15 में मेंहदावल विकास खंड के ग्राम पंचायत भैंसा माफी का चयन हुआ था। गांव के 167 लोगों को लोहिया आवास आवंटित किया गया था। आवास आवंटन में पात्रता की शर्तों को दरकिनार कर दिए जाने की शिकायत हुई थी। तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर पूर्व सीडीओ रामनरेश ने शिकायत की जांच शुरू कराई। 16 जून 2015 को भैंसा माफी गांव का स्थलीय निरीक्षण कर लोहिया आवासों का भौतिक सत्यापन किया। पूर्व सीडीओ के नेतृत्व में की गई जांच टीम गांव के छह लोगों को अपात्र पाया था। जांच में पुष्टि होने के बाद पूर्व डीएम के निर्देश पर पूर्व सीडीओ ने अपात्रों से रकम वसूली का निर्देश तत्कालीन परियोजना निदेशक डीआरडीए को दिया था। 15 अप्रैल 2017 को डीआरडीए के पूर्व परियोजना निदेशक ने तत्कालीन खंड विकास अधिकारी मेंहदावल चंद्रशेखर प्रसाद को पत्र जारी कर अपात्रों से लोहिया आवास की रकम की वसूली कराने का निर्देश दिया था,लेकिन सात साल बाद भी इन अपात्रों से वसूली नहीं हो पाई है।सीडीओ संत कुमार ने बताया कि मामला काफी पुराना है। बीडीओ से इसकी पत्रावली तलब कराएंगे और उसका परीक्षण करेंगे। यदि वसूली का आदेश हुआ है तो वसूली जरूर कराएंगे। इसमें जिसके स्तर से लापरवाही बरती गई तो संबंधितों से जवाब तलब कर कार्रवाई कराएंगे।
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मेंहदावल। विकास खंड मेंहदावल के ग्राम पंचायत भैंसामाफी में लोहिया आवास के छह अपात्रों से सात साल बाद भी रकम की वसूली नहीं हो पाई। ब्लॉक के जिम्मेदारों ने वसूली की फाइल को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।
डॉक्टर राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना के तहत वर्ष 2014-15 में मेंहदावल विकास खंड के ग्राम पंचायत भैंसा माफी का चयन हुआ था। गांव के 167 लोगों को लोहिया आवास आवंटित किया गया था। आवास आवंटन में पात्रता की शर्तों को दरकिनार कर दिए जाने की शिकायत हुई थी। तत्कालीन जिलाधिकारी के आदेश पर पूर्व सीडीओ रामनरेश ने शिकायत की जांच शुरू कराई। 16 जून 2015 को भैंसा माफी गांव का स्थलीय निरीक्षण कर लोहिया आवासों का भौतिक सत्यापन किया। पूर्व सीडीओ के नेतृत्व में की गई जांच टीम गांव के छह लोगों को अपात्र पाया था। जांच में पुष्टि होने के बाद पूर्व डीएम के निर्देश पर पूर्व सीडीओ ने अपात्रों से रकम वसूली का निर्देश तत्कालीन परियोजना निदेशक डीआरडीए को दिया था। 15 अप्रैल 2017 को डीआरडीए के पूर्व परियोजना निदेशक ने तत्कालीन खंड विकास अधिकारी मेंहदावल चंद्रशेखर प्रसाद को पत्र जारी कर अपात्रों से लोहिया आवास की रकम की वसूली कराने का निर्देश दिया था,लेकिन सात साल बाद भी इन अपात्रों से वसूली नहीं हो पाई है।सीडीओ संत कुमार ने बताया कि मामला काफी पुराना है। बीडीओ से इसकी पत्रावली तलब कराएंगे और उसका परीक्षण करेंगे। यदि वसूली का आदेश हुआ है तो वसूली जरूर कराएंगे। इसमें जिसके स्तर से लापरवाही बरती गई तो संबंधितों से जवाब तलब कर कार्रवाई कराएंगे।
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