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‘पांचों वक्त नमाज पढ़ें, रुकेंगी बुराइयां’
sant kabir nagar
Updated Sun, 18 Sep 2016 11:22 PM IST
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बाघनगर क्ष्ाेत्र में समाज में फैल रही बुराइयों की रोकथाम और लोगों को जागरूक करने से उद्देश्य से सेमरियावां ब्लॉक के मुस्लिम बाहुल्य तप्पा उजियार क्षेत्र में तीन दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम रविवार को संपन्न हो गया। इस दौरान बाघनगर कस्बे की नूर मस्जिद, पुरवा मदरसा व उचंहराकला जामा मस्जिद में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसके पूर्व सेमरियावां, पिडवां, करही, लोहरौली, गुनवाखोर, करमाखान, कोहरियावां आदि जगहों पर कार्यक्रम आयोजित हुए। इसमें खुदा के इबादत व जिक्र करने के तरीके और उनसे होने वाले फायदे को बताया गया।
हजरत शेख पीर जुल्फेकार अली नक्शबंदी के खलीफा शेख पीर मुफ्ती मौलाना हबीबुर्रहमान आजमी ने कहा कि खुदा का राजी करने के लिए उसकी इबादत व जिक्र जरूरी है। खुदा राजी हो गया तो समझो जिंदगी कामयाब है। हम अल्लाह और उसके रसूल की बातों पर अमल नहीं कर रहे हैं। मुसलमान इस्लाम से दूर होते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पांच वक्त की नमाज हर हाल में अदा करें। नमाज मोहम्मद साहब के आंखों की ठंडक है। नमाज सभी बुराइयों से रोकती है। कुरआन पाक की तिलावत रोज करें। सबसे प्यार मोहब्बत से पेश आएं। किसी पर जुल्म न करें। बुराइयों को रोके। पीठ पीछे किसी की बुराई न करें। अच्छे रास्ते पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित करें। किसी का हक व अधिकार न छीने। पड़ोसी का बेहद ख्याल रखें। पड़ोसी नाराज तो सब बेकार है। गरीबों व यतीमों का ख्याल रखें।
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अल्लाह से माफी मांगकर अपने गुनाहों की तौबा करें।
अल्लाह बेहद रहम करने वाला है। इस दौरान मुरीद हाजी सूफी कलीम अख्तर, मौलाना अब्दुल कयूम, मौलाना रफीक, मौलाना अकमल हुसेन, मसदूक अहमद, फुजैल नदवी, हाफिज अरशद, हाफिज जमील, मौलाना हबीबुर्रहमान, शकील अहमद, रिजवान अहमद, मौलाना अब्दुल हकीम, मौलाना मतलूब अहमद आदि रहे।
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हजरत शेख पीर जुल्फेकार अली नक्शबंदी के खलीफा शेख पीर मुफ्ती मौलाना हबीबुर्रहमान आजमी ने कहा कि खुदा का राजी करने के लिए उसकी इबादत व जिक्र जरूरी है। खुदा राजी हो गया तो समझो जिंदगी कामयाब है। हम अल्लाह और उसके रसूल की बातों पर अमल नहीं कर रहे हैं। मुसलमान इस्लाम से दूर होते जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि पांच वक्त की नमाज हर हाल में अदा करें। नमाज मोहम्मद साहब के आंखों की ठंडक है। नमाज सभी बुराइयों से रोकती है। कुरआन पाक की तिलावत रोज करें। सबसे प्यार मोहब्बत से पेश आएं। किसी पर जुल्म न करें। बुराइयों को रोके। पीठ पीछे किसी की बुराई न करें। अच्छे रास्ते पर चलने के लिए लोगों को प्रेरित करें। किसी का हक व अधिकार न छीने। पड़ोसी का बेहद ख्याल रखें। पड़ोसी नाराज तो सब बेकार है। गरीबों व यतीमों का ख्याल रखें।
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अल्लाह से माफी मांगकर अपने गुनाहों की तौबा करें।
अल्लाह बेहद रहम करने वाला है। इस दौरान मुरीद हाजी सूफी कलीम अख्तर, मौलाना अब्दुल कयूम, मौलाना रफीक, मौलाना अकमल हुसेन, मसदूक अहमद, फुजैल नदवी, हाफिज अरशद, हाफिज जमील, मौलाना हबीबुर्रहमान, शकील अहमद, रिजवान अहमद, मौलाना अब्दुल हकीम, मौलाना मतलूब अहमद आदि रहे।