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रेप के आरोपी को सात साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो/संतकबीरनगर
Updated Fri, 18 Dec 2015 12:19 AM IST
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संतकबीरनगर। साढ़े तीन साल पूर्व मेंहदावल क्षेत्र में एक किशोरी से हुए रेप के मामले में जिला जज मोहम्मद सैयद हसीब ने आरोपी को सात साल की साज सुनाई है। इसके अलावा 20,000 रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है।
पीड़िता के पिता का आरोप था कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री 15 अप्रैल 2012 को दोपहर में घर से कहीं चली गई थी। खोजबीन करने पर पता चला कि मेंहदावल के चौक बाजार निवासी कन्हैया वर्मा अपनी मां और बस्ती के एक युवक के सहयोग से उसकी बेटी को अपहृत कर लिया है।
तहरीर के आधार पर मेंहदावल पुलिस ने 17 अप्रैल 2012 को कन्हैया वर्मा समेत तीन लोगों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया था। विवेचक ने विवेचना में बस्ती के युवक को बरी करते हुए कन्हैया वर्मा और उसकी मां के खिलाफ रेप की धारा की बढ़ोत्तरी करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
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जिला एवं सत्र न्यायालय में मामले के विचारण के दौरान मुकदमा वादी एवं गवाह पेेश होकर अपना बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने गवाहों की जिरह की। डीजीसी क्रिमिनल एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। 12 दिसंबर को जिला जज ने आरोपी मां को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया था। जबकि आरोपी कन्हैया वर्मा को अपहरण और दुष्कर्म का दोषी करार दिया था।
गुरुवार को जिला जज ने आरोपी को अपहरण और रेप के आरोप में सात साल की सजा और 20,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
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पीड़िता के पिता का आरोप था कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री 15 अप्रैल 2012 को दोपहर में घर से कहीं चली गई थी। खोजबीन करने पर पता चला कि मेंहदावल के चौक बाजार निवासी कन्हैया वर्मा अपनी मां और बस्ती के एक युवक के सहयोग से उसकी बेटी को अपहृत कर लिया है।
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तहरीर के आधार पर मेंहदावल पुलिस ने 17 अप्रैल 2012 को कन्हैया वर्मा समेत तीन लोगों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया था। विवेचक ने विवेचना में बस्ती के युवक को बरी करते हुए कन्हैया वर्मा और उसकी मां के खिलाफ रेप की धारा की बढ़ोत्तरी करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।
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जिला एवं सत्र न्यायालय में मामले के विचारण के दौरान मुकदमा वादी एवं गवाह पेेश होकर अपना बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने गवाहों की जिरह की। डीजीसी क्रिमिनल एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। 12 दिसंबर को जिला जज ने आरोपी मां को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया था। जबकि आरोपी कन्हैया वर्मा को अपहरण और दुष्कर्म का दोषी करार दिया था।
गुरुवार को जिला जज ने आरोपी को अपहरण और रेप के आरोप में सात साल की सजा और 20,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।