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Sant Kabir Nagar News: दुष्कर्म के आरोपी को दस साल की सजा

Thu, 08 Feb 2024 11:18 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 08 Feb 2024 11:18 PM IST
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Rape accused gets ten years imprisonment
-दोषी पर लगा 40 हजार रूपये का अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दूबे की कोर्ट ने पीड़िता को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में दोषी पाए जाने पर दस साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी को 40 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इसमें से पीड़िता को 30 हजार रुपये देने का आदेश दिया। दोषी के अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विवेक प्रताप सिंह ने बताया कि धनघटा क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने 14 फरवरी 2017 को तहरीर दी कि उसके पिता की मृत्यु हुए दो वर्ष से अधिक हो गया। पिता ने उसकी शादी उसके मामा के लड़के ग्राम पड़रिया से तय की थी। पिता की मौत के बाद शादी नहीं हो पाई, लेकिन आरोपी उससे शादी करने का झांसा देते हुए काफी दिनों तक शारीरिक संबंध बनाता रहा। जब उसके गर्भ में आरोपी का बच्चा आ गया, तो शादी करने से मुकर गया।
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धनघटा थाने पर आरोपी के खिलाफ पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने का मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने आरोपी के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के मामले में साक्ष्य पाए जाने पर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। दौरान विचारण पीड़िता को जो बच्ची पैदा हुई थी उसकी मृत्यु भी हो गई। कोर्ट में आरोपी ने आरोप से इन्कार करते हुए विचारण की मांग की। अभियोजन के गवाहों की गवाही तथा सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने कोर्ट से आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म करने के गंभीर आरोप लगाते हुए अधिक से अधिक सजा की याचना की और मामले में 10 गवाहों को भी प्रस्तुत किया।
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अभिलेखीय साक्ष्य एवं उभय पक्षों की बहस सुनने के बाद गवाहों के बयान तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म करने का आरोप सिद्ध पाए जाने पर न्यायालय ने दोषी को 10 वर्ष की सजा सुनाई। इसके साथ ही 40 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी। साथ ही अर्थदंड की धनराशि में से 30 हजार रुपये पीड़िता को देने का भी आदेश कोर्ट ने दिया है।
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