{"_id":"574c8e924f1c1bd24c109913","slug":"ramjanki-road-jam","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामजानकी मार्ग पर दो घंटे जाम लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामजानकी मार्ग पर दो घंटे जाम लगाया
संतकबीरनगर/ ब्यूरो
Updated Tue, 31 May 2016 12:33 AM IST
विज्ञापन
प्रदशऱ्र्शन रोड जाम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौली, धनघटा क्षेत्र के पारासीर गांव के लोग सोमवार की सुबह राम जानकी मार्ग को जाम कर दिए। जाम में शामिल लोगों का आरोप था कि गांव का एक शख्स ने सुबह एक दलित के घर पर चढ़ कर उसके छप्पर में आग लगा दी। विरोध करने पर उसकी बेटी को असलहा लेकर जान से मारने के लिए दौड़ा लिया।
रास्ता जाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
तब जाकर रास्ता खाली हुआ। पुलिस इस मामले में एक ही परिवार के चार लोगों के विरुद्ध दलित उत्पीड़न, आगजनी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी। घटना से गांव में तनाव व्याप्त है।
सावित्री पत्नी रामानंद का आरोप है कि उनसे और गांव के एक व्यक्ति से रंजिश चली आ रही है। इसी रंजिश को लेकर वह अपने भाई तथा कुछ अन्य के साथ उसके घर पर असलहा लहराते हुए चढ़ गए।
विज्ञापन
घर पर मौजूद उसकी बेटी रीमा को जाति सूचक गाली देते हुए कट्टे से मारने की धमकी दी और उसके छप्पर में आग लगाकर भाग निकले। आगजनी की घटना के बाद गांव के तमाम महिला पुरुष राम जानकी मार्ग पर पहुंच गए और हलका के एक दरोगा पर इस घटना में शह देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करते हुए रास्ता जाम कर दिए। करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा।
जाम तब समाप्त हुआ जब एसओ रमेश यादव मौके पर पहुंचे और कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिए। एसओ रमेश यादव ने बताया कि इस मामले सुरेन्द्र तिवारी, वीरेन्द्र तिवारी, चंदन और प्रिंस के विरुद्ध दलित उत्पीड़न आगजनी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज करके जांच सीओ द्वारा शुरू कर दी गई है। दूसरी तरफ आरोपी बनाए गए सुरेन्द्र तिवारी ने का कहना है कि ग्राम समाज की भूमि पर रामानंद कब्जा किए हुए हैं। जिसे खाली कराने के लिए एसडीएम को प्रार्थना पत्र दिया गया था।
जमीन खाली न करना पड़े इसी बात को लेकर उन्होंने उस कथित छप्पर में स्वत: आग लगाकर उनके समेत परिवार के लोगों को फर्जी मुकदमे में फंसा रहे हैं। इसमें सत्ता पक्ष के एक जन प्रतिनिधि का भी हाथ है। पुलिस ने सत्ता पक्ष के दबाव में कार्रवाई की है।
विज्ञापन
रास्ता जाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
तब जाकर रास्ता खाली हुआ। पुलिस इस मामले में एक ही परिवार के चार लोगों के विरुद्ध दलित उत्पीड़न, आगजनी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी। घटना से गांव में तनाव व्याप्त है।
विज्ञापन
सावित्री पत्नी रामानंद का आरोप है कि उनसे और गांव के एक व्यक्ति से रंजिश चली आ रही है। इसी रंजिश को लेकर वह अपने भाई तथा कुछ अन्य के साथ उसके घर पर असलहा लहराते हुए चढ़ गए।
विज्ञापन
घर पर मौजूद उसकी बेटी रीमा को जाति सूचक गाली देते हुए कट्टे से मारने की धमकी दी और उसके छप्पर में आग लगाकर भाग निकले। आगजनी की घटना के बाद गांव के तमाम महिला पुरुष राम जानकी मार्ग पर पहुंच गए और हलका के एक दरोगा पर इस घटना में शह देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करते हुए रास्ता जाम कर दिए। करीब दो घंटे तक जाम लगा रहा।
जाम तब समाप्त हुआ जब एसओ रमेश यादव मौके पर पहुंचे और कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिए। एसओ रमेश यादव ने बताया कि इस मामले सुरेन्द्र तिवारी, वीरेन्द्र तिवारी, चंदन और प्रिंस के विरुद्ध दलित उत्पीड़न आगजनी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज करके जांच सीओ द्वारा शुरू कर दी गई है। दूसरी तरफ आरोपी बनाए गए सुरेन्द्र तिवारी ने का कहना है कि ग्राम समाज की भूमि पर रामानंद कब्जा किए हुए हैं। जिसे खाली कराने के लिए एसडीएम को प्रार्थना पत्र दिया गया था।
जमीन खाली न करना पड़े इसी बात को लेकर उन्होंने उस कथित छप्पर में स्वत: आग लगाकर उनके समेत परिवार के लोगों को फर्जी मुकदमे में फंसा रहे हैं। इसमें सत्ता पक्ष के एक जन प्रतिनिधि का भी हाथ है। पुलिस ने सत्ता पक्ष के दबाव में कार्रवाई की है।