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बे-वक्त की बारिश ने बिगाड़ी फसलों की ‘सेहत’
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रात में हुई बारिश के दौरान पड़े ओले।
- फोटो : KHALILABAD
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बे-वक्त की बारिश ने बिगाड़ी फसलों की ‘सेहत’
तेज हवा के साथ हुई बारिश के बीच कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई
गेहूं समेत कई फसलें होंगी प्रभावित, बदले मौसम से डेढ़ सौ गांवों की बिजली आपूर्ति हुई प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सोमवार की रात में अचानक बिगड़े मौसम ने मंगलवार की सुबह किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। तेज हवा के साथ हुई बरसात से जगह-जगह गेहूं की फसल गिर गई। बारिश से सरसों, मटर व मसूर की फसल भी प्रभावित हुई है। इस बरसात से आलू व सब्जियों का उत्पादन भी प्रभावित होने की आशंका है। बेवक्त की इस बरसात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बदले मौसम से मगहर कताई मिल फीडर से जुड़े डेढ़ सौ गांवों की बिजली आपूर्ति गड़बड़ा गई। मंगलवार दोपहर बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
इस बार जाड़े में कई बार बारिश हो चुकी है। सोमवार शाम को भी अचानक मौसम बदलने लगा। दिन में जहां तेज धूप था तो वहीं शाम को बादल छा गए। रात में करीब 11 बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई। मंगलवार की सुबह पांच बजे तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। तेज हवा के साथ गरज के साथ हुई बारिश के बीच कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई। इससे जिन खेतों में गेहूं में बॉली आ गई हैं, वह लोट गई। ऐसे में फसल के बर्बाद होने की आशंका है। जिन किसानों ने अभी तक आलू की खुदाई नहीं की है, खेत में पानी भरने से आलू के सड़ने की संभावना है। ऐसे में किसानों को अपनी पूंजी डूबती नजर आ रही है।
नंदौर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में भारी बारिश व ओलावृष्टि हुई है। इससे फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। किसान संतोष पाठक, करुणाकर, श्रीराम चौधरी, राजेंद़ प्रसाद, बाबूनंद, श्रीप्रकाश आदि ने कहा कि बादलों की गर्जना के बीच भारी ओलावृष्टि होने से फसल बर्बाद हो गई है। किसानों ने कहा कि दासडीह, डुहवा, सुकरौली, पिठिया, भिटवा सहित कई गांवंो में गेहूं, सरसों, मटर और अरहर आदि की फसलें पूरी तरह से जमींदोज हो गई। परेशान किसानों ने शासन-प्रशासन से फसलों को दैवी आपदा ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि जिस फसल में बॉली बन गई हैं और वह बारिश और हवा के चलते गिर गई हैं,उसमें क्षति होने की पूरी संभावना है। जो फसल खड़ी है, उसके लिए बारिश अमृत के समान है।
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बाघनगर प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से क्षेत्र के केकरही, पैंड़ी, उसराशहीद, बाघनगर, मीरपुर, भैंसवरिया, करमाखान, दुधारा, सेहुड़ा, बुढ़ाननगर, तिनहरी माफी, कोहरियावां, पुरैना, रकसा कला, देवरिया नासिर, सेमरियावां, चिउटना, पचदेउरी, महदेव, उंचहराकला, भाटपारा, भंगुरा आदि गांव में गेहूं फसल गिर कर खराब हो गई है। किसान मो. रफीक, मसूद अहमद, फखरुद्दीन, अफजाल अहमद, दयाराम, मो. आरिफ, एजाज अहमद आदि ने बताया कि इस साल गेहूं की फसल बेहद अच्छी थी, फसल को देखकर अच्छी उपज की उम्मीद जगी थी, लेकिन बारिश व तेज हवा के झोंके से फसल खेत में जगह जगह गिर गई है। इससे नुकसान होने की संभावना है।
मांहो से बचाव के लिए सरसों में करें दवा का छिड़काव: डॉ. महेश पाल
धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र बगही के वैज्ञानिक डॉक्टर महेश पाल ने बताया कि बेमौसम तेज हवा के साथ हुई बारिश गेंहू की फसल के लिए हानिकारक है। जिन खेतों में गेहूं की फसल गिर गई उसकी पैदावार पर बुरा असर पड़ेगा। जिस गेहूं की फसल में बाली नही निकली हैं और पछैती है उसके लिए बारिश लाभ दायक भी हैं। उन्होंने कहा कि सरसों की फसल पर बादल के कारण मांहो का असर पड़ सकता है। जिसके बचाव के लिए किसान दवा का छिड़काव करें। चना में भी दवा का छिड़काव करें।
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तेज हवा के साथ हुई बारिश के बीच कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई
गेहूं समेत कई फसलें होंगी प्रभावित, बदले मौसम से डेढ़ सौ गांवों की बिजली आपूर्ति हुई प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सोमवार की रात में अचानक बिगड़े मौसम ने मंगलवार की सुबह किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। तेज हवा के साथ हुई बरसात से जगह-जगह गेहूं की फसल गिर गई। बारिश से सरसों, मटर व मसूर की फसल भी प्रभावित हुई है। इस बरसात से आलू व सब्जियों का उत्पादन भी प्रभावित होने की आशंका है। बेवक्त की इस बरसात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बदले मौसम से मगहर कताई मिल फीडर से जुड़े डेढ़ सौ गांवों की बिजली आपूर्ति गड़बड़ा गई। मंगलवार दोपहर बिजली आने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
इस बार जाड़े में कई बार बारिश हो चुकी है। सोमवार शाम को भी अचानक मौसम बदलने लगा। दिन में जहां तेज धूप था तो वहीं शाम को बादल छा गए। रात में करीब 11 बजे बूंदाबांदी शुरू हो गई। मंगलवार की सुबह पांच बजे तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश होने लगी। तेज हवा के साथ गरज के साथ हुई बारिश के बीच कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई। इससे जिन खेतों में गेहूं में बॉली आ गई हैं, वह लोट गई। ऐसे में फसल के बर्बाद होने की आशंका है। जिन किसानों ने अभी तक आलू की खुदाई नहीं की है, खेत में पानी भरने से आलू के सड़ने की संभावना है। ऐसे में किसानों को अपनी पूंजी डूबती नजर आ रही है।
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नंदौर प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में भारी बारिश व ओलावृष्टि हुई है। इससे फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। किसान संतोष पाठक, करुणाकर, श्रीराम चौधरी, राजेंद़ प्रसाद, बाबूनंद, श्रीप्रकाश आदि ने कहा कि बादलों की गर्जना के बीच भारी ओलावृष्टि होने से फसल बर्बाद हो गई है। किसानों ने कहा कि दासडीह, डुहवा, सुकरौली, पिठिया, भिटवा सहित कई गांवंो में गेहूं, सरसों, मटर और अरहर आदि की फसलें पूरी तरह से जमींदोज हो गई। परेशान किसानों ने शासन-प्रशासन से फसलों को दैवी आपदा ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग की। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि जिस फसल में बॉली बन गई हैं और वह बारिश और हवा के चलते गिर गई हैं,उसमें क्षति होने की पूरी संभावना है। जो फसल खड़ी है, उसके लिए बारिश अमृत के समान है।
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बाघनगर प्रतिनिधि के अनुसार, बारिश से क्षेत्र के केकरही, पैंड़ी, उसराशहीद, बाघनगर, मीरपुर, भैंसवरिया, करमाखान, दुधारा, सेहुड़ा, बुढ़ाननगर, तिनहरी माफी, कोहरियावां, पुरैना, रकसा कला, देवरिया नासिर, सेमरियावां, चिउटना, पचदेउरी, महदेव, उंचहराकला, भाटपारा, भंगुरा आदि गांव में गेहूं फसल गिर कर खराब हो गई है। किसान मो. रफीक, मसूद अहमद, फखरुद्दीन, अफजाल अहमद, दयाराम, मो. आरिफ, एजाज अहमद आदि ने बताया कि इस साल गेहूं की फसल बेहद अच्छी थी, फसल को देखकर अच्छी उपज की उम्मीद जगी थी, लेकिन बारिश व तेज हवा के झोंके से फसल खेत में जगह जगह गिर गई है। इससे नुकसान होने की संभावना है।
मांहो से बचाव के लिए सरसों में करें दवा का छिड़काव: डॉ. महेश पाल
धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र बगही के वैज्ञानिक डॉक्टर महेश पाल ने बताया कि बेमौसम तेज हवा के साथ हुई बारिश गेंहू की फसल के लिए हानिकारक है। जिन खेतों में गेहूं की फसल गिर गई उसकी पैदावार पर बुरा असर पड़ेगा। जिस गेहूं की फसल में बाली नही निकली हैं और पछैती है उसके लिए बारिश लाभ दायक भी हैं। उन्होंने कहा कि सरसों की फसल पर बादल के कारण मांहो का असर पड़ सकता है। जिसके बचाव के लिए किसान दवा का छिड़काव करें। चना में भी दवा का छिड़काव करें।