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Sant Kabir Nagar News: बच्चों के कान में तेल डालना खतरनाक, बड़े भी इससे बचें
Sun, 19 Jan 2025 11:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 19 Jan 2025 11:23 PM IST
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जिला अस्पताल की ओपीडी में बच्चे की जांच करते बाल रोग विशेषज्ञ।
संतकबीरनगर। बच्चों के पैदा होते ही कान में तेल डालने का चलन है। महिलाएं साल-दो साल तक रोजाना बच्चों की मालिश के दौरान कान व नाक में तेल डालती हैं। यह घरेलू नुस्खा खतरनाक साबित हो रहा है। यही वजह है कि जिला अस्पताल और सीएचसी पर 20 से 25 मरीज इस समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक बच्चे हों या बड़े, किसी को कान में तेल नहीं डालना चाहिए। यह लोगों को बहरा बना सकता है। कान बहने की समस्या लेकर बच्चों के अलावा वयस्क मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं, उनमें से ज्यादातर के बचपन में कान में तेल डाला गया है।
जिला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. एमके सिंह ने बताया कि रोजाना औसतन 50 से 60 मरीज इलाज लिए आते हैं। इनमें से 20 से 25 मरीज कान बहने की समस्या लेकर आ रहे हैं।
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कान में तेल डालने और पानी जाने से ऐसी दिक्कतें आ रही है। कान में तेल ही नहीं कोई भी तरल पदार्थ नहीं डालना चाहिए। बिना डॉक्टरी सलाह के ड्रॉप या स्प्रिट भी नहीं डालना चाहिए। सरसों का तेल सबसे खतरनाक होता है।
गाढ़ा होने से कान के पर्दे में चिपक जाता है। इससे मैल भी जमा हो जाता है। तेल डालने से कान में मवाद आने लगती है और कान बहने की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इससे कान के पर्दे में छेद हो जाता है और पर्दा खराब हो जाता है।
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डॉक्टरों के मुताबिक बच्चे हों या बड़े, किसी को कान में तेल नहीं डालना चाहिए। यह लोगों को बहरा बना सकता है। कान बहने की समस्या लेकर बच्चों के अलावा वयस्क मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं, उनमें से ज्यादातर के बचपन में कान में तेल डाला गया है।
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जिला अस्पताल के ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. एमके सिंह ने बताया कि रोजाना औसतन 50 से 60 मरीज इलाज लिए आते हैं। इनमें से 20 से 25 मरीज कान बहने की समस्या लेकर आ रहे हैं।
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कान में तेल डालने और पानी जाने से ऐसी दिक्कतें आ रही है। कान में तेल ही नहीं कोई भी तरल पदार्थ नहीं डालना चाहिए। बिना डॉक्टरी सलाह के ड्रॉप या स्प्रिट भी नहीं डालना चाहिए। सरसों का तेल सबसे खतरनाक होता है।
गाढ़ा होने से कान के पर्दे में चिपक जाता है। इससे मैल भी जमा हो जाता है। तेल डालने से कान में मवाद आने लगती है और कान बहने की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इससे कान के पर्दे में छेद हो जाता है और पर्दा खराब हो जाता है।