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Sant Kabir Nagar News: कागजात में हो जाती है खरीदारी...पर नहीं पहुंचता धान

Sat, 28 Sep 2024 01:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Sat, 28 Sep 2024 01:11 AM IST
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Purchase is done on paper but paddy does not reach.
- धान खरीद : निचले स्तर से शुरू हो जाता है खेल, कभी-कभी सस्ता धान खरीदने के लालच में फंसा लेते हैं अपना गला
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। धान खरीद में निचले स्तर से ही क्रय केंद्र प्रभारियों का खेल शुरू हो जाता है। केंद्र प्रभारी कभी-कभी सस्ता धान खरीदने के लालच में अपना गला फंसा लेते हैं। सरकारी कागजातों में धान खरीद पर्याप्त दिखाया जाता है पर केंद्र पर धान पहुंचता ही नहीं है, जबकि खरीद के सापेक्ष पूरा भुगतान भी कर दिया जाता है।
क्रय केंद्र प्रभारी धान खरीद शुरू होने के बाद से ही सेटिंग शुरू कर देते हैं। अलग-अलग फर्जी किसानों के नाम से कागजात में धान खरीद करके भुगतान बैंक खाते में कर दिया जाता है और फिर उनसे रुपये वापस प्रभारी ले लेते हैं। साथ ही वह सस्ते दर पर धान की तलाश में रहते हैं। ऐसे में जब धान का रेट मंहगा हो जाता है तो वह खरीदने में अक्षम साबित हो जाते हैं। पहले से ही भुगतान करने की वजह से उनका गला फंस जाता है।
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इसी तरह मिलर भी आवंटित केंद्र से धान न पाने की वजह से समय से चावल गोदाम में नहीं दे पाते हैं।, जबकि सरकारी अभिलेखों में खरीद पूरी होने के साथ ही ऑनलाइन कुटाई के लिए आवंटन हो जाता है। जानकारों की मानें तो सब कुछ कागज में ही चलता रहता है। अधिकारी स्थलीय सत्यापन नहीं करते हैं। अगर कोई अधिकारी केंद्रों पर जांच करने जाता है तो उनके साथ सेटिंग करके पर्याप्त स्टाॅक अभिलेखों में दर्ज करा लेते हैं। कागजात में धान पर्याप्त होता है पर गोदाम पूरी तरह से खाली रहता है।
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क्रय केंद्रों का चक्कर लगाने के बाद भी नहीं बिकता है धान
धान खरीद शुरू होने के बाद किसानों को केंद्रों का कई चक्कर लगाना पड़ता है। इसके बाद भी उनका धान नहीं बिक पाता है। वहीं क्रय केंद्रों पर बिचौलियों का दबदबा रहता है। बिना उनके दखल के कोई भी किसान आसानी से धान नहीं बेच पाता है। मजबूर होकर किसान धान को औने-पौने दाम पर आढ़तियों को बेचने के लिए मजबूर होते हैं, जबकि केंद्र प्रभारी व अधिकारियों का दावा होता है कि लक्ष्य के सापेक्ष किसानों से धान की खरीद की गई जो सिर्फ कागजात में ही दिखता है।

धान खरीद में 12 लाख तो चावल में 52 लाख का गोलमाल आया सामने
जनपद में धान खरीद में 12 लाख 16 हजार रुपये का गोलमाल सामने आ चुका है, जबकि लगभग 52 लाख रुपये कीमत का चावल गोदाम में नहीं पहुंच पाया। धान खरीद के मामले में साधन सहकारी समिति लोहरौली ठकुराई ब्लॉक क्षेत्र बेलहरकला प्रभारी व सचिव अवनीश कुमार सिंह के खिलाफ धान खरीद घोटाले में 12 लाख 16 हजार 468 रुपये के गबन का केस जिला प्रबंधक अखिलेश कुमार ने दर्ज कराया। वहीं चावल गबन के मामले में 33.42 लाख रुपये घपले का केस सेवानिवृत्त जिला प्रबंधक महेंद्र कुमार गर्ग के खिलाफ क्षेत्रीय प्रबंधक बस्ती मंडल विजय कुशवाहा ने दर्ज कराई। इसके अलावा जिला प्रबंधक अखिलेख कुमार की तहरीर पर मेसर्स प्रिंस ट्रेडर्स एंड मिनी राइस मिल लोहरौली के प्रोपराइटर दिलीप कुमार पुत्र राम किशोर निवासी बढ़या पोस्ट पकरी आराजी के खिलाफ 18 लाख 17 हजार 179 रुपये का केस दर्ज हुआ।


धान खरीद को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जो लोग भी इनमें शामिल पाए जा रहे हैं उन पर केस दर्ज कराया जा रहा है। धान खरीद और उसकी कुटाई नियमानुसार हो, इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
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