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Sant Kabir Nagar News: अधूरी रह गईं परियोजनाएं... गर्मी में सताएगी पेयजल की समस्या
Thu, 06 Feb 2025 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 06 Feb 2025 12:35 AM IST
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संतकबीरनगर। जल जीवन मिशन के तहत जिले में पहले फेज में 171 ग्राम पंचायताें में हर घर जल पहुंचाने की योजना बनाई गयी थी। इस योजना को मार्च 2024 में ही पूरा हो जाना था, लेकिन अब तक इस योजना में मात्र 13 ग्राम पंचायतों में ही पानी की टंकी बन सकी है।
कहीं पाइपलाइन डालने का कार्य आधा-अधूरा पड़ा है तो कहीं परीक्षण में लीकेज की समस्या बनी हुई है। गांवों में लगी टोटियां शोपीस बनी हुई हैं। ऐसे में गर्मी के सीजन में लोगों को स्वच्छ पेयजल लिए जूझना पड़ेगा।
हर घर जल पहुंचाने के लिए शासन ने प्रथम चरण में 171 ग्राम पंचायतों में पेयजल परियोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायतों में निर्बाध रूप से पानी की आपूर्ति के लिए ओवरहेड टैंक बनाया जाना है। साथ ही ट्यूबवेल लगाने के साथ ही ग्राम पंचायतों के प्रत्येक राजस्व गांव में पाइपलाइन बिछाई जानी है।
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इस परियोजना की खास बात यह है कि इन स्थानों पर सोलर पैनल के जरिए बिजली की आपूर्ति की जानी है, ताकि बिजली न रहने पर भी लोगों को निर्बाध रूप से पानी की आपूर्ति होती रहे, लेकिन इन परियोजनाओं की स्थिति यह है कि कार्य कराने की रफ्तार काफी धीमी है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 171 परियोजनाओं में से महज 13 ग्राम पंचायतों में ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं, जबकि कार्य अवधि मार्च 2024 तक ही निर्धारित थी।
इसके अलावा कई ग्राम पंचायतों में पाइपलाइन भी आधी-अधूरी छोड़ दी गई है। नाथनगर ब्लॉक के मुकुंदपुर में पेयजल आपूर्ति के लिए ट्यूबवेल बनाया गया है, लेकिन पानी की टंकी अब तक नहीं बन सकी है।
ऐसी ही स्थिति खलीलाबाद ब्लॉक के बनकटवा की भी है। यहां भी ट्यूबवेल बना दिया गया, लेकिन टंकी का निर्माण अधूरा है। गौवापार के अमौली में पानी की टंकी का अभी निर्माण हो रहा है तो रोसया बाजार में पानी की टंकी अधूरी है।
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कहीं पाइपलाइन डालने का कार्य आधा-अधूरा पड़ा है तो कहीं परीक्षण में लीकेज की समस्या बनी हुई है। गांवों में लगी टोटियां शोपीस बनी हुई हैं। ऐसे में गर्मी के सीजन में लोगों को स्वच्छ पेयजल लिए जूझना पड़ेगा।
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हर घर जल पहुंचाने के लिए शासन ने प्रथम चरण में 171 ग्राम पंचायतों में पेयजल परियोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायतों में निर्बाध रूप से पानी की आपूर्ति के लिए ओवरहेड टैंक बनाया जाना है। साथ ही ट्यूबवेल लगाने के साथ ही ग्राम पंचायतों के प्रत्येक राजस्व गांव में पाइपलाइन बिछाई जानी है।
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इस परियोजना की खास बात यह है कि इन स्थानों पर सोलर पैनल के जरिए बिजली की आपूर्ति की जानी है, ताकि बिजली न रहने पर भी लोगों को निर्बाध रूप से पानी की आपूर्ति होती रहे, लेकिन इन परियोजनाओं की स्थिति यह है कि कार्य कराने की रफ्तार काफी धीमी है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 171 परियोजनाओं में से महज 13 ग्राम पंचायतों में ओवरहेड टैंक बनाए गए हैं, जबकि कार्य अवधि मार्च 2024 तक ही निर्धारित थी।
इसके अलावा कई ग्राम पंचायतों में पाइपलाइन भी आधी-अधूरी छोड़ दी गई है। नाथनगर ब्लॉक के मुकुंदपुर में पेयजल आपूर्ति के लिए ट्यूबवेल बनाया गया है, लेकिन पानी की टंकी अब तक नहीं बन सकी है।
ऐसी ही स्थिति खलीलाबाद ब्लॉक के बनकटवा की भी है। यहां भी ट्यूबवेल बना दिया गया, लेकिन टंकी का निर्माण अधूरा है। गौवापार के अमौली में पानी की टंकी का अभी निर्माण हो रहा है तो रोसया बाजार में पानी की टंकी अधूरी है।