{"_id":"663140d161ef925cff019314","slug":"produce-seeds-of-pulse-crops-income-will-double-khalilabad-news-c-209-1-sgkp1040-113624-2024-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: दलहनी फसलों के बीज करें उत्पादन, आय होगी दोगुनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: दलहनी फसलों के बीज करें उत्पादन, आय होगी दोगुनी
Wed, 01 May 2024 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Wed, 01 May 2024 12:34 AM IST
विज्ञापन
- कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को दिए टिप्स
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र बगही पर चल रहे पांच दिवसीय किसान प्रशिक्षण के दूसरे दिन मंगलवार को किसानों को कृषि वैज्ञानिकों ने दलहन की खेती करके अपनी आय को बढ़ाने का तौर तरीका बताया। वैज्ञानिकों ने कहा कि दलहन के बीज का उत्पादन करके आय को दो गुना किया जा सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग के जरिए आयोजित पांच दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण के दूसरे दिन दलहनी फसलों के बीज उत्पादन तकनीक के प्रशिक्षण के संयोजक डॉ रत्नाकर पांडेय ने बताया कि दलहनी फसलों का उत्पादन करके अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। उन्होंने बीज उत्पादन के तौर तरीकों की जानकारी देते हुए बताया कि बीज उत्पादन भूखंड का चयन सावधानीपूर्वक करना होगा। एक उपजाऊ और स्वस्थ बीज भूखंड निश्चित रूप से गुणवक्ता के बीज का उत्पादन करेगा। बीज उत्पादन के लिए चयनित क्षेत्र पिछले मौसम में उसी फसल या उसी प्रजाति या किस्म के साथ नहीं बोना चाहिए।
केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डॉ अरविंद सिंह ने कहा कि डालनी फसल के दौरान उचित देखभाल बीजों की फसल बोए जाने के बाद सह एक के लिए 140 दिन और सह दो के लिए 90 दिन में फसल आती है। इस समय 70 प्रतिशत फली का रंग तले रंग का होता है। फसल से पहले नियंत्रित करने के लिए एक बुक्डस महत्वपूर्ण किट है। इसलिए इन किटों पर नियंत्रण क्षेत्र से स्वयं से शुरू होना चाहिए। इस मौके पर डॉक्टर देवेश कुमार, डॉ संदीप कश्यप आदि ने किसानों को जानकारी दी। इस अवसर पर जयराम, राधेश्याम, राम रूप, रामफेर, राम केवल, राम केश आदि किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। कृषि विज्ञान केंद्र बगही पर चल रहे पांच दिवसीय किसान प्रशिक्षण के दूसरे दिन मंगलवार को किसानों को कृषि वैज्ञानिकों ने दलहन की खेती करके अपनी आय को बढ़ाने का तौर तरीका बताया। वैज्ञानिकों ने कहा कि दलहन के बीज का उत्पादन करके आय को दो गुना किया जा सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र के अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग के जरिए आयोजित पांच दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण के दूसरे दिन दलहनी फसलों के बीज उत्पादन तकनीक के प्रशिक्षण के संयोजक डॉ रत्नाकर पांडेय ने बताया कि दलहनी फसलों का उत्पादन करके अपनी आय को दोगुना कर सकते हैं। उन्होंने बीज उत्पादन के तौर तरीकों की जानकारी देते हुए बताया कि बीज उत्पादन भूखंड का चयन सावधानीपूर्वक करना होगा। एक उपजाऊ और स्वस्थ बीज भूखंड निश्चित रूप से गुणवक्ता के बीज का उत्पादन करेगा। बीज उत्पादन के लिए चयनित क्षेत्र पिछले मौसम में उसी फसल या उसी प्रजाति या किस्म के साथ नहीं बोना चाहिए।
विज्ञापन
केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक व अध्यक्ष डॉ अरविंद सिंह ने कहा कि डालनी फसल के दौरान उचित देखभाल बीजों की फसल बोए जाने के बाद सह एक के लिए 140 दिन और सह दो के लिए 90 दिन में फसल आती है। इस समय 70 प्रतिशत फली का रंग तले रंग का होता है। फसल से पहले नियंत्रित करने के लिए एक बुक्डस महत्वपूर्ण किट है। इसलिए इन किटों पर नियंत्रण क्षेत्र से स्वयं से शुरू होना चाहिए। इस मौके पर डॉक्टर देवेश कुमार, डॉ संदीप कश्यप आदि ने किसानों को जानकारी दी। इस अवसर पर जयराम, राधेश्याम, राम रूप, रामफेर, राम केवल, राम केश आदि किसान मौजूद रहे।
विज्ञापन