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निजीकरण का फैसला वापस लिया जाए : सुनील
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-बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर दिया धरना
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में शनिवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने की मांग की।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी वीरेंद्र मौर्य कहा कि निजीकरण उपभोक्ताओं व बिजली कर्मियों के हित में नहीं है। ऐसे में इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल लोकसभा में पांच बार रखे जाने के बावजूद बिजली इंजीनियरों और कर्मचारियों के विरोध के चलते पारित नहीं कराया जा सका है। अब केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय ने इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है और इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट रूल्स के माध्यम से बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया विभिन्न प्रान्तों में चला रखी है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने कहा कि ट्रांसमिशन के क्षेत्र में टैरिफ बेस्ड कंपटीटिव बिडिंग के नाम पर नए बनने वाले पारेषण विद्युत उपकेंद्रों को स्टेट सेक्टर से छीना जा रहा है। इसी प्रकार उत्पादन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निजी घरानों को बिजली उत्पादन परियोजनाएं सौंपी जा रही हैं। यह स्वीकार नहीं है।
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धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, दिलीप सिंह, अमरनाथ यादव, अशोक कुमार, आशुतोष कुमार, मनोज यादव, आशीष कुमार, रमेश प्रजापति आदि मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में शनिवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने की मांग की।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी वीरेंद्र मौर्य कहा कि निजीकरण उपभोक्ताओं व बिजली कर्मियों के हित में नहीं है। ऐसे में इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल लोकसभा में पांच बार रखे जाने के बावजूद बिजली इंजीनियरों और कर्मचारियों के विरोध के चलते पारित नहीं कराया जा सका है। अब केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय ने इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है और इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट रूल्स के माध्यम से बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया विभिन्न प्रान्तों में चला रखी है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
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संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने कहा कि ट्रांसमिशन के क्षेत्र में टैरिफ बेस्ड कंपटीटिव बिडिंग के नाम पर नए बनने वाले पारेषण विद्युत उपकेंद्रों को स्टेट सेक्टर से छीना जा रहा है। इसी प्रकार उत्पादन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निजी घरानों को बिजली उत्पादन परियोजनाएं सौंपी जा रही हैं। यह स्वीकार नहीं है।
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धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, दिलीप सिंह, अमरनाथ यादव, अशोक कुमार, आशुतोष कुमार, मनोज यादव, आशीष कुमार, रमेश प्रजापति आदि मौजूद रहे।