{"_id":"6354335ba79dc10f740c668c","slug":"prices-of-lai-gatta-and-chinese-sweets-increased-khalilabad-news-gkp454989691","type":"story","status":"publish","title_hn":"लाई, गट्टा व चीनी की मिठाई की कीमतें बढ़ीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लाई, गट्टा व चीनी की मिठाई की कीमतें बढ़ीं
विज्ञापन
मुखलिसपुर चौराहे पर लाई गट्टे की खरीदारी करते लोग।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
लाई, गट्टा व चीनी की मिठाई की कीमतें बढ़ीं
संतकबीरनगर। दीपावली पर्व पर सायं काल लक्ष्मी-गणेश की पूजन के लिए लोगों ने मूर्ति, प्रसाद, चुनरी एवं पूजन सामग्रियां खरीदीं। बाजार में लाइ 120 रुपये किलो, गट्टा और चीनी की मिठाई 120, रेवड़ी 100 व चूरा 70 रुपये किलो बिका।
बाजार में लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति 30 से 3000 रुपये तक के बिके। अधिकांश लोग चांदी के सिक्के और चमकदार पन्नियों पर उभरे लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की खरीदारी करते दिखे। मध्यम वर्गीय परिवार सोने-चांदी के सिक्कों की पूजा कर महालक्ष्मी को आमंत्रित करने की जुगत में है तो अन्य लोग मूर्ति के अलावा कॉपी, कलम, दवात, जबकि व्यापारी समुदाय पारंपरिक रूप में बहिखाता, काली स्याही के कलम खरीदते देखे गए।
व्यापारी महेश कुमार ने बताया कि जबसे रिकार्ड कंप्यूटर मेें फीड होने लगा तब से कंप्यूटर पर भी स्वास्तिक बनाकर पूजा करते हैं। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों का भी यही हाल रहा। वहां पर सामान के दाम आसमान छूते दिखे। नाथनगर, बेलहर, धनघटा, हैंसर, पौली, मगहर, मेंहदावल, बखिरा आदि जगहों पर देर रात तक खरीदारी होती रही।
विज्ञापन
...
पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य सुजीत कुमार ने बताया कि दीपावली का अभिजीत मुहूर्त 24 अक्तूबर को 11:19 से 12:05 बजे तक, विजय मुहूर्त दोपहर 1:36 से 2:21 तक और लक्ष्मी पूजन सायंकाल 6:53 से रात 8:17 तक है। वृष व सिंह लग्न स्थिर लग्न होते हैं। इन दोनों में लक्ष्मी पूजा का महत्व सबसे ज्यादा है। वृष लग्न सायंकाल 6:54 से 8:50 बजे रात तक है। सिंह लग्न रात 12:39 से 2:56 बजे तक है।
विज्ञापन
संतकबीरनगर। दीपावली पर्व पर सायं काल लक्ष्मी-गणेश की पूजन के लिए लोगों ने मूर्ति, प्रसाद, चुनरी एवं पूजन सामग्रियां खरीदीं। बाजार में लाइ 120 रुपये किलो, गट्टा और चीनी की मिठाई 120, रेवड़ी 100 व चूरा 70 रुपये किलो बिका।
बाजार में लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति 30 से 3000 रुपये तक के बिके। अधिकांश लोग चांदी के सिक्के और चमकदार पन्नियों पर उभरे लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की खरीदारी करते दिखे। मध्यम वर्गीय परिवार सोने-चांदी के सिक्कों की पूजा कर महालक्ष्मी को आमंत्रित करने की जुगत में है तो अन्य लोग मूर्ति के अलावा कॉपी, कलम, दवात, जबकि व्यापारी समुदाय पारंपरिक रूप में बहिखाता, काली स्याही के कलम खरीदते देखे गए।
विज्ञापन
व्यापारी महेश कुमार ने बताया कि जबसे रिकार्ड कंप्यूटर मेें फीड होने लगा तब से कंप्यूटर पर भी स्वास्तिक बनाकर पूजा करते हैं। शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों का भी यही हाल रहा। वहां पर सामान के दाम आसमान छूते दिखे। नाथनगर, बेलहर, धनघटा, हैंसर, पौली, मगहर, मेंहदावल, बखिरा आदि जगहों पर देर रात तक खरीदारी होती रही।
विज्ञापन
...
पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य सुजीत कुमार ने बताया कि दीपावली का अभिजीत मुहूर्त 24 अक्तूबर को 11:19 से 12:05 बजे तक, विजय मुहूर्त दोपहर 1:36 से 2:21 तक और लक्ष्मी पूजन सायंकाल 6:53 से रात 8:17 तक है। वृष व सिंह लग्न स्थिर लग्न होते हैं। इन दोनों में लक्ष्मी पूजा का महत्व सबसे ज्यादा है। वृष लग्न सायंकाल 6:54 से 8:50 बजे रात तक है। सिंह लग्न रात 12:39 से 2:56 बजे तक है।