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Sant Kabir Nagar News: राप्ती के बढ़ते जलस्तर से करमैनी-बेलौली तटबंध पर बढ़ा दबाव
Sun, 14 Jul 2024 11:32 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 14 Jul 2024 11:32 PM IST
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- खतरे के निशान से 30 सेमी ऊपर बह रही राप्ती
- रविवार को राप्ती का जलस्तर 79.80 मीटर पहुंचा
- सरयू का जलस्तर घटने से गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मेंहदावल क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को राप्ती के जलस्तर में वृद्धि हुई और शाम होते-होते खतरे के निशान से राप्ती सात सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। वहीं रविवार को नदी 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। जिससे करमैनी-बेलौली तटबंध सहित कई स्थानों पर जलस्तर का दबाव पड़ना शुरू हो गया है। इसके अलावा सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से दो मीटर नीचे है, जिससे बंधे से सटे लोगों को राहत मिली है।
मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार को राप्ती का जलस्तर सुबह आठ बजे 79.54 मीटर मापा गया जो लाल निशान से चार सेंटीमीटर अधिक था। दोपहर बाद जलस्तर बढ़कर लाल निशान से सात सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। रविवार को जलस्तर में बढ़ोतरी रुकी नहीं, बल्कि सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 79.70 मीटर पहुंच गया। दोपहर 12 बजे के बाद राप्ती का जलस्तर पांच सेंटीमीटर और बढ़ गया। जिससे नदी का जलस्तर 79.80 मीटर पर पहुंच गया।
लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विभागीय अधिकारी जहां सतर्कता बरत रहे हैं वहीं डुमरिया बाबू बेलोली, नौगो, जोरवा, विशुनपुर वांगर समेत कई स्थानों पर जलस्तर का दबाव तटबंध पर पड़ रहा है। तटबंध से पानी सटकर बह रहा है। लगातार जलस्तर बढ़ने से तटबंध से सटे गांव के साथ ही अगल-बगल के गांव में लोग जलस्तर को लेकर दहशत में है।
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ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारी तटबंध पर डेरा डाले हुए हैं। अवर अभियंता वीरेंद्र यादव ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के बाद भी तटबंध पर कोई खतरा नहीं है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है और लगातार तटबंध एवं जलस्तर की निगरानी कराई जा रही है। जहां-जहां जलस्तर सटा है वहां तटबंध की निगरानी हो रही है। आवश्यक बढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं। बाढ़ की आशंका पूरी तरह से निराधार है।
घट रहा सरयू का जलस्तर, संक्रामक बीमारियों से बचाव के उपाय बताए
धनघटा। सरयू नदी के जलस्तर में बिड़हरघाट पर लगातार गिरावट जारी है। रविवार की शाम नदी का पानी घट कर 78.600 मीटर पर पहुंच गया। तीन दिनों में करीब 400 सेंटीमीटर नदी का पानी घटने की बात सिंचाई विभाग कर्मी बता रहे हैं। जिन गांवों के समीप बाढ़ का पानी पहुंच गया था। उन गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर लोगों को संक्रामक बीमारियों से बचाव के उपाय बताए।
तीन दिन पहले सरयू नदी का जलस्तर बढ़ते हुए 79.00 पर पहुंच गया था। खतरे के निशान से 79.400 से महज 40 सेंटीमीटर नदी नीचे रह गई थी। लेकिन नदी के बाढ़ का पानी समीपवर्ती गांवों की और बढ़ते हुए फसलों को डूबा दिया था। गायघाट दक्षिणी, ढोल बजा, गुनवतिया, चकदहा, दौलतपुर, सियाराम अधीन, सियर कला, नारायनपुर, मदरहा, आगापुर गुलरिहा, पटौवा टोला गांव के करीब पानी पहुंचने से गांव के लोगों का रास्ता अवरूद्ध होना शुरू हो गया था।
नदी के जलस्तर में कमी आना शुरू हुई तो गांव के करीब से पानी हट गया। लेकिन गांव के किनारे गड्ढ़ों में पानी भरने और कीचड़ से संक्रामक बीमारियों की फैलने की आशंका प्रबल हो गई है। इसके मद्देनजर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली के अध्यक्ष डॉ. रमेश सोनकर स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बंधे से दक्षिण बसे गांव में पहुंचकर लोगों को बीमारियों से बचाव की जानकारी दी।
सीएचसी अधीक्षक ने कहा कि तेज बुखार, पेट दर्द जैसी समस्या आने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। इसमें की गई लापरवाही घातक हो सकती है। वहीं सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि सरयू नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट जारी है। रविवार की शाम नदी का पानी 78.600 मीटर पर पहुंच गया।
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- रविवार को राप्ती का जलस्तर 79.80 मीटर पहुंचा
- सरयू का जलस्तर घटने से गांव में पहुंची स्वास्थ्य टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मेंहदावल क्षेत्र में स्थित राप्ती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को राप्ती के जलस्तर में वृद्धि हुई और शाम होते-होते खतरे के निशान से राप्ती सात सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। वहीं रविवार को नदी 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। जिससे करमैनी-बेलौली तटबंध सहित कई स्थानों पर जलस्तर का दबाव पड़ना शुरू हो गया है। इसके अलावा सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से दो मीटर नीचे है, जिससे बंधे से सटे लोगों को राहत मिली है।
मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार शनिवार को राप्ती का जलस्तर सुबह आठ बजे 79.54 मीटर मापा गया जो लाल निशान से चार सेंटीमीटर अधिक था। दोपहर बाद जलस्तर बढ़कर लाल निशान से सात सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। रविवार को जलस्तर में बढ़ोतरी रुकी नहीं, बल्कि सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 79.70 मीटर पहुंच गया। दोपहर 12 बजे के बाद राप्ती का जलस्तर पांच सेंटीमीटर और बढ़ गया। जिससे नदी का जलस्तर 79.80 मीटर पर पहुंच गया।
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लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए विभागीय अधिकारी जहां सतर्कता बरत रहे हैं वहीं डुमरिया बाबू बेलोली, नौगो, जोरवा, विशुनपुर वांगर समेत कई स्थानों पर जलस्तर का दबाव तटबंध पर पड़ रहा है। तटबंध से पानी सटकर बह रहा है। लगातार जलस्तर बढ़ने से तटबंध से सटे गांव के साथ ही अगल-बगल के गांव में लोग जलस्तर को लेकर दहशत में है।
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ड्रेनेज खंड द्वितीय के अधिकारी तटबंध पर डेरा डाले हुए हैं। अवर अभियंता वीरेंद्र यादव ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के बाद भी तटबंध पर कोई खतरा नहीं है। तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है और लगातार तटबंध एवं जलस्तर की निगरानी कराई जा रही है। जहां-जहां जलस्तर सटा है वहां तटबंध की निगरानी हो रही है। आवश्यक बढ़ निरोधक कार्य कराए जा रहे हैं। बाढ़ की आशंका पूरी तरह से निराधार है।
घट रहा सरयू का जलस्तर, संक्रामक बीमारियों से बचाव के उपाय बताए
धनघटा। सरयू नदी के जलस्तर में बिड़हरघाट पर लगातार गिरावट जारी है। रविवार की शाम नदी का पानी घट कर 78.600 मीटर पर पहुंच गया। तीन दिनों में करीब 400 सेंटीमीटर नदी का पानी घटने की बात सिंचाई विभाग कर्मी बता रहे हैं। जिन गांवों के समीप बाढ़ का पानी पहुंच गया था। उन गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर लोगों को संक्रामक बीमारियों से बचाव के उपाय बताए।
तीन दिन पहले सरयू नदी का जलस्तर बढ़ते हुए 79.00 पर पहुंच गया था। खतरे के निशान से 79.400 से महज 40 सेंटीमीटर नदी नीचे रह गई थी। लेकिन नदी के बाढ़ का पानी समीपवर्ती गांवों की और बढ़ते हुए फसलों को डूबा दिया था। गायघाट दक्षिणी, ढोल बजा, गुनवतिया, चकदहा, दौलतपुर, सियाराम अधीन, सियर कला, नारायनपुर, मदरहा, आगापुर गुलरिहा, पटौवा टोला गांव के करीब पानी पहुंचने से गांव के लोगों का रास्ता अवरूद्ध होना शुरू हो गया था।
नदी के जलस्तर में कमी आना शुरू हुई तो गांव के करीब से पानी हट गया। लेकिन गांव के किनारे गड्ढ़ों में पानी भरने और कीचड़ से संक्रामक बीमारियों की फैलने की आशंका प्रबल हो गई है। इसके मद्देनजर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली के अध्यक्ष डॉ. रमेश सोनकर स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बंधे से दक्षिण बसे गांव में पहुंचकर लोगों को बीमारियों से बचाव की जानकारी दी।
सीएचसी अधीक्षक ने कहा कि तेज बुखार, पेट दर्द जैसी समस्या आने पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें। इसमें की गई लापरवाही घातक हो सकती है। वहीं सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता सतीश चंद्र ने बताया कि सरयू नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट जारी है। रविवार की शाम नदी का पानी 78.600 मीटर पर पहुंच गया।