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जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर गर्म हुई राजनीति
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जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर गर्म हुई राजनीति
भाजपा में प्रत्याशी के चयन से पहले उठने लगे विरोध के स्वर
अभी तक सिर्फ सपा ने घोषित किया है अध्यक्ष पद का प्रत्याशी
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर जिले की राजनीति गर्माने लगी है। यह हाल तब है जब अब तक सिर्फ सपा ने प्रत्याशी घोषित किया है।
जनपद में जिला पंचायत सदस्य की 30 सीटें हैं। इसमें से सपा के सात, बसपा के पांच, भाजपा के तीन, एआईएमआईएम का एक और 14 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। 19 नंबर वार्ड से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीते बलिराम यादव तीन दिन पूर्व ही सपा में शामिल हो गए। उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी भी घोषित कर दिया गया। अन्य दलों में अभी तक प्रत्याशी चयन नहीं हो पाया है। रविवार को शहर के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में वार्ड नंबर आठ से बसपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीते कृष्णा चौरसिया ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इससे यह कयास लगाए जाने लगे कि उन्हें भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतार सकती है।
इसे लेकर कई भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अलग बैठक कर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाने लगाया और बाहरी लोगों को तरजीह देने का आरोप लगाया। नाराज लोग संघर्ष को प्रदेश नेतृत्व तक ले जाने की बात कह रहे हैं। इससे प्रतीत हो रहा है कि कहीं न कहीं जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर पार्टी में एकजुटता नहीं है। पार्टी दो गुटों में बंटती दिख रही है।
सूत्रों के मुताबिक गुटबाजी के कारण ही चुनाव में भाजपा जिला पंचायत सदस्य की सिर्फ तीन सीट ही जीत सकी। अभी 20 दिन पूर्व हैंसर मंडल के पूर्व अध्यक्ष का तत्कालीन एसओ से विवाद हो गया था। उस प्रकरण में जब कार्यकर्ताओं को उपेक्षा का एहसास हुआ तो पूर्व मंडल अध्यक्ष समेत 40 कार्यकर्ताओं ने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया था। वैसे बाद में तत्कालीन एसओ को वहां से हटा दिया गया।
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शहर में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य कृष्णा चौरसिया को भाजपा की सदस्यता दिलाई गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी की घोषणा पार्टी हाईकमान करेगा। जहां तक रहा सवाल कुछ लोगों के जरिए विरोध प्रदर्शन किए जाने की तो इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। सभी को अपनी बात कहने की स्वतंत्रता है। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा के तीन सदस्य चुनाव जीते है, लेकिन कई प्रत्याशी बहुत कम मतों के अंतर से चुनाव हारे हैं। पार्टी सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान करती है। पार्टी का जिला पंचायत सदस्यों भरपूर समर्थन मिल रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा का ही होगा।
- बद्री प्रसाद यादव, जिलाध्यक्ष, भाजपा
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भाजपा में प्रत्याशी के चयन से पहले उठने लगे विरोध के स्वर
अभी तक सिर्फ सपा ने घोषित किया है अध्यक्ष पद का प्रत्याशी
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर जिले की राजनीति गर्माने लगी है। यह हाल तब है जब अब तक सिर्फ सपा ने प्रत्याशी घोषित किया है।
जनपद में जिला पंचायत सदस्य की 30 सीटें हैं। इसमें से सपा के सात, बसपा के पांच, भाजपा के तीन, एआईएमआईएम का एक और 14 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीते हैं। 19 नंबर वार्ड से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीते बलिराम यादव तीन दिन पूर्व ही सपा में शामिल हो गए। उन्हें जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी भी घोषित कर दिया गया। अन्य दलों में अभी तक प्रत्याशी चयन नहीं हो पाया है। रविवार को शहर के एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में वार्ड नंबर आठ से बसपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीते कृष्णा चौरसिया ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इससे यह कयास लगाए जाने लगे कि उन्हें भाजपा जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतार सकती है।
इसे लेकर कई भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अलग बैठक कर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाने लगाया और बाहरी लोगों को तरजीह देने का आरोप लगाया। नाराज लोग संघर्ष को प्रदेश नेतृत्व तक ले जाने की बात कह रहे हैं। इससे प्रतीत हो रहा है कि कहीं न कहीं जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर पार्टी में एकजुटता नहीं है। पार्टी दो गुटों में बंटती दिख रही है।
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सूत्रों के मुताबिक गुटबाजी के कारण ही चुनाव में भाजपा जिला पंचायत सदस्य की सिर्फ तीन सीट ही जीत सकी। अभी 20 दिन पूर्व हैंसर मंडल के पूर्व अध्यक्ष का तत्कालीन एसओ से विवाद हो गया था। उस प्रकरण में जब कार्यकर्ताओं को उपेक्षा का एहसास हुआ तो पूर्व मंडल अध्यक्ष समेत 40 कार्यकर्ताओं ने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया था। वैसे बाद में तत्कालीन एसओ को वहां से हटा दिया गया।
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शहर में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य कृष्णा चौरसिया को भाजपा की सदस्यता दिलाई गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशी की घोषणा पार्टी हाईकमान करेगा। जहां तक रहा सवाल कुछ लोगों के जरिए विरोध प्रदर्शन किए जाने की तो इससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। सभी को अपनी बात कहने की स्वतंत्रता है। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में भाजपा के तीन सदस्य चुनाव जीते है, लेकिन कई प्रत्याशी बहुत कम मतों के अंतर से चुनाव हारे हैं। पार्टी सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान करती है। पार्टी का जिला पंचायत सदस्यों भरपूर समर्थन मिल रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा का ही होगा।
- बद्री प्रसाद यादव, जिलाध्यक्ष, भाजपा