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Sant Kabir Nagar News: कताई मिल भूमि की रजिस्ट्री की तैयारी, टेक्सटाइल पार्क से विकास को लगेंगे पंख

Mon, 03 Aug 2026 11:28 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर Updated Mon, 03 Aug 2026 11:28 PM IST
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Preparations underway for the registration of the spinning mill land; Textile Park set to give wings to development.
संतकबीरनगर। बंद पड़ी मगहर कताई मिल में टेक्सटाइल पार्क बनाने की राह और आसान हो गई है। इसके लिए अब भूमि की रजिस्ट्री की तैयारी चल रही है। इस पर अमल होने के बाद उद्यमियों को एक ही परिसर में तमाम सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही जिले में होजरी उद्योग को रफ्तार मिलेगी। शासन ने टेक्सटाइल हब बनाने की घोषणा पहले ही कर दी थी।
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वर्ष 2020-21 में होजरी उद्योग को एक जनपद एक उत्पाद योजना में शामिल किया गया था। खलीलाबाद में बड़े पैमाने पर होजरी का कारोबार होता है। इसके अलावा मुखलिसपुर, नाथनगर, काली जगदीशपुर, महुली, हरिहरपुर, अमरडोभा आदि स्थानों पर भी होजरी उद्योग संचालित हो रहा है। इससे करीब 2500 से अधिक परिवार जुड़े हैं। टेक्सटाइल पार्क बनाने की पहल से जिले के होजरी कारोबारियों की उम्मीद बढ़ गई है। इस मामले में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग ने ग्राउंड सर्वे कराने की प्रक्रिया पूरी कर ली हैं। अब भूमि के रजिस्ट्री की तैयारी चल रही हे। भूमि की रजिस्ट्री होने के बाद यहां पर मशीनों के लगाने का कार्य शुरू होगा, जिससे यहां उद्यमियों को एक ही छत के नीचे तमाम सुविधाएं उपलब्ध हो सकेगी।
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1200 परिवार को मिलती थी दो वक्त की रोटी
संत कबीर सहकारी सूती कताई मिल के बंद हो जाने से लगभग 12 सौ मजदूर व उनके परिवार बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। साथ ही मगहर कस्बा भी आर्थिक रूप से कमजोर हो गया है। वजह यह है कि कर्मचारियों के वेतन का एक बड़ा हिस्सा कस्बे की बाजारों, किरायेदारी में खर्च होता था। सूती कताई मिल बंद हुए लगभग 29 वर्ष बीत चुके हैं, अब इसकी सुध आई है। 7 जनवरी 1977 में सूबे के तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के कार्यकाल में संतकबीर सहकारी सूती कताई मिल की स्थापना की गई थी जिसका उद्घाटन संजय गांधी के द्वारा किया गया था। इस मिल में 1978 से सूती धागे का उत्पादन शुरू हुआ और कम ही दिनों में बाजार में अपनी मजबूत पकड़ मजबूत कर ली थी। बुनकर बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण बुनकरों को सुलभता से सूत मिल जाया करता था। मिल चालू होने से क्षेत्र के अलावा कस्बे के लोगों के हुनरमंद हाथों को भी काम मिला।मिल मजदूर संगठन के अस्तित्व में आ जाने से वर्ष 1981 में मिल प्रबंधन व मजदूर संगठन के बीच गोली कांड हो जाने के बाद लगभग मिल 28 दिन तक बंद हो गई थी। इसके आपसी सहमति के बाद 8 वर्ष तक पुनः मिल का उत्पादन सुचारू रूप से चलता रहा। वर्ष 1989 में सूती मिल में आग लगने के कारण काफी नुकसान हो जाने से यह मिल लगभग दो वर्ष तक बंद पड़ी रही। वर्ष 1992 में पुनः सूती मिल चालू हुई, लेकिन मुनाफे की जगह घाटे के कारण लगातार नहीं चल सकी और बंद हो गई।
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मगहर टेक्सटाइल पार्क की स्वीकृति औद्योगिक विकास की ऐतिहासिक उपलब्धि
उत्तर प्रदेश सरकार ने मगहर स्थित बंद कताई मिल परिसर में टेक्सटाइल पार्क की स्थापना के लिए स्वीकृति प्रदान की है। यह जनपद के औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। इस परियोजना से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश, रोजगार सृजन तथा वस्त्र उद्योग को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश इंडस्ट्रीज एसोसिएशन पिछले दो-तीन वर्षों से मगहर स्थित बंद कताई मिल परिसर के पुनर्जीवन एवं औद्योगिक उपयोग के लिए निरंतर प्रयासरत रहा है। टेक्सटाइल पार्क स्थापित होने से रेडीमेड गारमेंट निर्माण, निटिंग, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, डिज़ाइन, कौशल विकास, कॉमन फैसिलिटी सेंटर तथा अनेक सहायक उद्योगों का विकास होगा। इससे हजारों युवाओं और महिलाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा संत कबीर नगर पूर्वांचल के प्रमुख टेक्सटाइल एवं गारमेंट उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित हो सकेगा।
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