{"_id":"64b44229d85b45dac000081c","slug":"powerlooms-stopped-due-to-power-crisis-crisis-on-weaving-industry-khalilabad-news-c-7-1-gkp1052-241702-2023-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sant Kabir Nagar News: बिजली संकट से थम रहे पावरलूम, बुनकरी उद्योग पर संकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sant Kabir Nagar News: बिजली संकट से थम रहे पावरलूम, बुनकरी उद्योग पर संकट
Mon, 17 Jul 2023 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Mon, 17 Jul 2023 12:46 AM IST
विज्ञापन
बिजली न रहने के कारण बंद पड़ा पावरलूम।
-खलीलाबाद कस्बे में करीब 210 पावरलूम है।
कोविड महामारी के दौरान 50 से अधिक पावरलूम हो चुके हैं बंद
-बुनकरों की रोजी-रोटी पर बढ़ा संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर में बुनकरी उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है। पहले सूत की महंगाई ने कारोबार को चौपट किया। अब रही सही कसर बिजली की मनमानी कटौती ने पूरी कर दी है। बिजली संकट से पावर लूम थम जा रहे हैं। इससे बुनकरी उद्योग पर संकट गहरा गया है। कारोबारी अब इसे धंधे से मुंह मोड़ रहे हैं।
खलीलाबाद कस्बे में करीब 210 पावरलूम हैं। कोविड महामारी के दौरान इनमें से 50 से अधिक पावरलूम बंद हो गए। इसके बाद सूत के दामों में बढ़ोतरी हो गई। जिससे बुनकरों की समस्या बढ़ गई। इससे बुनकर अभी उबर भी नहीं पाए हैं कि लगातार हो रही बिजली की कटौती के कारण पावरलूूम बंद करना पड़ रहा है। बिजली आने-जाने का कोई समय नहीं रह गया है। बार-बार बिजली कटने से समस्या आ रही है। इससे कारोबार चौपट हो रहा है। पिछले तीन दिनों से विद्युत निगम दिन में आठ से दस बार बिजली कटौती कर रहा है। इसका असर पावरलूम उद्योग पर सर्वाधिक पड़ा है।
00000000000000000000000000000000000
जरूरत के हिसाब से बिजली नहीं मिल रही है। कोई समय सारिणी नहीं है कि कब बिजली जाएगी। जो बिजली मिल रही है वह लोकल फाॅल्ट के कारण नहीं मिल पा रही है। जिससे कारोबार पर असर पड़ा है। बिजली का समय फिक्स होना चाहिए।
विज्ञापन
हाजी इमामुद्दीन अंसारी, बुनकर
00000000000000000000000000
सरकार किसानों की तरह बुनकरों को भी फिक्स रेट पर बिजली उपलब्ध कराती थी। अप्रैल 2023 से किसानों की बिजली फ्री हो गई है। जबकि बुनकरों की बिजली का रेट 71 रुपये 50 पैसे से बढ़ाकर 440 रुपये प्रति लूम कर दिया गया है। जो बुनकरों के साथ अन्याय है।
अबरार, बुनकर
00000000000000000000000000
पावरलूम उद्योग की बर्बादी का सबसे बड़ा कारण बिजली कटौती है। बार-बार विद्युत कटौती से पावरलूम उद्योग पूरी तरह बंद होने के कगार पर है। जहां अन्य राज्यों में पावरलूम उद्योग के लिए विद्युत सब्सिडी दी जाती है। वहीं सरकार कुछ सुनने को तैयार नहीं। पावरलूम उद्योग के साथ सदा सौतेला व्यवहार किया गया। विद्युत परेशानी के कारण ही मजदूर पूरी मजदूरी नहीं मिलने पर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
अब्दुल क्यूम, बुनकर
00000000000000000000
पावरलूम सेक्टर से मजदूरों के पलायन में सबसे अहम भूमिका पावरकट ने ही निभाई है। विद्युुत व्यवधान से मजदूरों की मजदूरी में नुकसान होता है। इस कारण वे मजदूरी की आस में दूसरी ओर जा रहे हैं।
नसीम, बुनकर
0000000000000000000000000000
ओवरलोड के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। इसके बाद भी पूरा प्रयास हो रहा है कि बिजली आपूर्ति मिले। जल्द में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा।
रणधीर कुमार, अधिशासी अभियंता
विज्ञापन
कोविड महामारी के दौरान 50 से अधिक पावरलूम हो चुके हैं बंद
-बुनकरों की रोजी-रोटी पर बढ़ा संकट
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर में बुनकरी उद्योग संकट के दौर से गुजर रहा है। पहले सूत की महंगाई ने कारोबार को चौपट किया। अब रही सही कसर बिजली की मनमानी कटौती ने पूरी कर दी है। बिजली संकट से पावर लूम थम जा रहे हैं। इससे बुनकरी उद्योग पर संकट गहरा गया है। कारोबारी अब इसे धंधे से मुंह मोड़ रहे हैं।
खलीलाबाद कस्बे में करीब 210 पावरलूम हैं। कोविड महामारी के दौरान इनमें से 50 से अधिक पावरलूम बंद हो गए। इसके बाद सूत के दामों में बढ़ोतरी हो गई। जिससे बुनकरों की समस्या बढ़ गई। इससे बुनकर अभी उबर भी नहीं पाए हैं कि लगातार हो रही बिजली की कटौती के कारण पावरलूूम बंद करना पड़ रहा है। बिजली आने-जाने का कोई समय नहीं रह गया है। बार-बार बिजली कटने से समस्या आ रही है। इससे कारोबार चौपट हो रहा है। पिछले तीन दिनों से विद्युत निगम दिन में आठ से दस बार बिजली कटौती कर रहा है। इसका असर पावरलूम उद्योग पर सर्वाधिक पड़ा है।
विज्ञापन
00000000000000000000000000000000000
जरूरत के हिसाब से बिजली नहीं मिल रही है। कोई समय सारिणी नहीं है कि कब बिजली जाएगी। जो बिजली मिल रही है वह लोकल फाॅल्ट के कारण नहीं मिल पा रही है। जिससे कारोबार पर असर पड़ा है। बिजली का समय फिक्स होना चाहिए।
विज्ञापन
हाजी इमामुद्दीन अंसारी, बुनकर
00000000000000000000000000
सरकार किसानों की तरह बुनकरों को भी फिक्स रेट पर बिजली उपलब्ध कराती थी। अप्रैल 2023 से किसानों की बिजली फ्री हो गई है। जबकि बुनकरों की बिजली का रेट 71 रुपये 50 पैसे से बढ़ाकर 440 रुपये प्रति लूम कर दिया गया है। जो बुनकरों के साथ अन्याय है।
अबरार, बुनकर
00000000000000000000000000
पावरलूम उद्योग की बर्बादी का सबसे बड़ा कारण बिजली कटौती है। बार-बार विद्युत कटौती से पावरलूम उद्योग पूरी तरह बंद होने के कगार पर है। जहां अन्य राज्यों में पावरलूम उद्योग के लिए विद्युत सब्सिडी दी जाती है। वहीं सरकार कुछ सुनने को तैयार नहीं। पावरलूम उद्योग के साथ सदा सौतेला व्यवहार किया गया। विद्युत परेशानी के कारण ही मजदूर पूरी मजदूरी नहीं मिलने पर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
अब्दुल क्यूम, बुनकर
00000000000000000000
पावरलूम सेक्टर से मजदूरों के पलायन में सबसे अहम भूमिका पावरकट ने ही निभाई है। विद्युुत व्यवधान से मजदूरों की मजदूरी में नुकसान होता है। इस कारण वे मजदूरी की आस में दूसरी ओर जा रहे हैं।
नसीम, बुनकर
0000000000000000000000000000
ओवरलोड के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। इसके बाद भी पूरा प्रयास हो रहा है कि बिजली आपूर्ति मिले। जल्द में बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार होगा।
रणधीर कुमार, अधिशासी अभियंता