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Sant Kabir Nagar News: दीये बनाने में जुटे कुम्हार, चाक ने पकड़ी रफ्तार
Thu, 24 Oct 2024 12:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Thu, 24 Oct 2024 12:03 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। रोशनी का पर्व दीपावली की तैयारी में लोग जुटे हुए हैं। ऐसे में मिट्टी के दीयों का अपना ही आकर्षण होता है। इन दिनों दीयों को बनाने के लिए कुम्हार जुटे हैं। 31 अक्तूबर को दिवाली है। दीयों की मांग को देखते हुए कुम्हारों की चाक की रफ्तार भी बढ़ गई है। मिट्टी के आकर्षक दीये, चौकड़ा व गणेश लक्ष्मी की मूर्ति बनाने में दिन-रात जुटे हैं।
शहर के बड़गों में रहने वाले संतराम प्रजापति अपने घर आंगन में इलेक्ट्रिक चाक पर मिट्टी के दीये तैयार करने में लगे हैं। इस काम में उनका पूरा परिवार भी दीये और पूजा में काम आने वाले मिट्टी का चौकड़ा बना रहे हैं। दीयों को बनाने के काफी ऑर्डर मिले हैं।
कुम्हारों का कहना है कि इस बार 80 हजार दीये बनाने का लक्ष्य है। इससे उनकी आमदनी होगी, लेकिन शहर में मिट्टी न मिलने के कारण उन्हें परेशानी होती है। ग्रामीण क्षेत्रों से मिट्टी मंगानी पड़ती है, जो महंगी होती है। इसमें ज्यादा खर्च पड़ रहा है, लेकिन पुस्तैनी काम को आगे बढ़ाने के लिए वह इस काम को कर रहे हैं।
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संतकबीरनगर। रोशनी का पर्व दीपावली की तैयारी में लोग जुटे हुए हैं। ऐसे में मिट्टी के दीयों का अपना ही आकर्षण होता है। इन दिनों दीयों को बनाने के लिए कुम्हार जुटे हैं। 31 अक्तूबर को दिवाली है। दीयों की मांग को देखते हुए कुम्हारों की चाक की रफ्तार भी बढ़ गई है। मिट्टी के आकर्षक दीये, चौकड़ा व गणेश लक्ष्मी की मूर्ति बनाने में दिन-रात जुटे हैं।
शहर के बड़गों में रहने वाले संतराम प्रजापति अपने घर आंगन में इलेक्ट्रिक चाक पर मिट्टी के दीये तैयार करने में लगे हैं। इस काम में उनका पूरा परिवार भी दीये और पूजा में काम आने वाले मिट्टी का चौकड़ा बना रहे हैं। दीयों को बनाने के काफी ऑर्डर मिले हैं।
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कुम्हारों का कहना है कि इस बार 80 हजार दीये बनाने का लक्ष्य है। इससे उनकी आमदनी होगी, लेकिन शहर में मिट्टी न मिलने के कारण उन्हें परेशानी होती है। ग्रामीण क्षेत्रों से मिट्टी मंगानी पड़ती है, जो महंगी होती है। इसमें ज्यादा खर्च पड़ रहा है, लेकिन पुस्तैनी काम को आगे बढ़ाने के लिए वह इस काम को कर रहे हैं।
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