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भाजपा नेता के केस में पुलिस ने लगाई अंतिम रिपोर्ट
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भाजपा नेता के केस में पुलिस ने लगाई अंतिम रिपोर्ट
- हैंसर ब्लॉक प्रमुख ने भाजपा के जिला मंत्री पर दर्ज कराया था केस
- साक्ष्य के अभाव में केस समाप्त किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। हैंसर ब्लॉक पर प्रमुख और भाजपा नेता के बीच हुए विवाद का मामला एक बार फिर चर्चा में है। ब्लॉक प्रमुख की ओर से भाजपा नेता के खिलाफ दर्ज कराए गए केस में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी है। साक्ष्य नहीं मिलने पर केस समाप्त कर दिया गया। इसकी जानकारी भाजपा नेता के वकील ने अदालत में अर्जी दाखिल करके ली है।
हैंसर ब्लॉक परिसर में 30 दिसंबर को भाजपा के जिला मंत्री फतेहबहादुर सिंह उर्फ जोखई सिंह तथा ब्लॉक प्रमुख प्रिंस अगम सिंह के बीच विवाद हुआ था। जिसमें दोनों पक्षों की तरफ से एक दूसरे के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। ब्लॉक प्रमुख प्रिंस अगम सिंह ने भाजपा नेता फतेहबहादुर समेत चार नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ बलवा, गाली गलौज, जानमाल की धमकी, तोड़फोड़ व सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज दर्ज कराया था। जिसकी विवेचना एसओ आरके गौतम ने किया। विवेचना के दौरान विवेचक मुकदमे के वादी प्रमुख प्रिंस अगम सिंह, बीडीओ ज्ञानेंद्र सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी सुरेश बहादुर सिंह, चंदन सिंह, ब्लॉक कर्मी हीरालाल चौहान आदि का बयान दर्ज किया। विवेचक के मुताबिक वादी का बयान, घटनास्थल का निरीक्षण, अवलोकन, अभिलेखीय साक्ष्य में पाया गया कि 30 दिसंबर 2020 को प्रिंस अगम सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह ग्राम भैसही थाना धनघटा की ओर से स्वयं पुरानी रंजिश को लेकर विपक्षी फतेहबहादुर सिंह पुत्र तिलकधारी सिंह निवासी कोड़ईचा पर अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कराया गया। विवेचना में कोई ऐसा साक्ष्य उपलब्ध नहीं हो सका जिससे प्रमाणित किया जा सके कि फतेहबहादुर सिंह व अन्य ने प्रिंस अगम सिंह व अन्य को गाली गलौज या जानमाल की धमकी दी। साक्ष्य के अभाव में अभियोग में अंतिम रिपोर्ट लगाते हुए केस समाप्त कर दिया गया। जबकि फतेहबहादुुुर की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे की विवेचना अभी चल रही है। सीओ अंबरीष भदौरिया ने बताया कि विवेचक ने गहनता से मुकदमे की विवेचना की। विवेचक ने साक्ष्य के अभाव में अंतिम रिपोर्ट लगा दिया।
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- हैंसर ब्लॉक प्रमुख ने भाजपा के जिला मंत्री पर दर्ज कराया था केस
- साक्ष्य के अभाव में केस समाप्त किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। हैंसर ब्लॉक पर प्रमुख और भाजपा नेता के बीच हुए विवाद का मामला एक बार फिर चर्चा में है। ब्लॉक प्रमुख की ओर से भाजपा नेता के खिलाफ दर्ज कराए गए केस में पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट लगा दी है। साक्ष्य नहीं मिलने पर केस समाप्त कर दिया गया। इसकी जानकारी भाजपा नेता के वकील ने अदालत में अर्जी दाखिल करके ली है।
हैंसर ब्लॉक परिसर में 30 दिसंबर को भाजपा के जिला मंत्री फतेहबहादुर सिंह उर्फ जोखई सिंह तथा ब्लॉक प्रमुख प्रिंस अगम सिंह के बीच विवाद हुआ था। जिसमें दोनों पक्षों की तरफ से एक दूसरे के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। ब्लॉक प्रमुख प्रिंस अगम सिंह ने भाजपा नेता फतेहबहादुर समेत चार नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ बलवा, गाली गलौज, जानमाल की धमकी, तोड़फोड़ व सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज दर्ज कराया था। जिसकी विवेचना एसओ आरके गौतम ने किया। विवेचना के दौरान विवेचक मुकदमे के वादी प्रमुख प्रिंस अगम सिंह, बीडीओ ज्ञानेंद्र सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी सुरेश बहादुर सिंह, चंदन सिंह, ब्लॉक कर्मी हीरालाल चौहान आदि का बयान दर्ज किया। विवेचक के मुताबिक वादी का बयान, घटनास्थल का निरीक्षण, अवलोकन, अभिलेखीय साक्ष्य में पाया गया कि 30 दिसंबर 2020 को प्रिंस अगम सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह ग्राम भैसही थाना धनघटा की ओर से स्वयं पुरानी रंजिश को लेकर विपक्षी फतेहबहादुर सिंह पुत्र तिलकधारी सिंह निवासी कोड़ईचा पर अपशब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कराया गया। विवेचना में कोई ऐसा साक्ष्य उपलब्ध नहीं हो सका जिससे प्रमाणित किया जा सके कि फतेहबहादुर सिंह व अन्य ने प्रिंस अगम सिंह व अन्य को गाली गलौज या जानमाल की धमकी दी। साक्ष्य के अभाव में अभियोग में अंतिम रिपोर्ट लगाते हुए केस समाप्त कर दिया गया। जबकि फतेहबहादुुुर की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे की विवेचना अभी चल रही है। सीओ अंबरीष भदौरिया ने बताया कि विवेचक ने गहनता से मुकदमे की विवेचना की। विवेचक ने साक्ष्य के अभाव में अंतिम रिपोर्ट लगा दिया।
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