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अपात्रों का बांट दिया आवास, पात्र कर रहे इंतजार
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छप्पर के मकान में कठैचा गांव निवासी सुनीता का परिवार।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
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अपात्रों का बांट दिया आवास, पात्र कर रहे इंतजार
चार ब्लॉकों के 19 अपात्र लाभार्थियों से वसूली गई 76 लाख की रकम
आवास पाने की आस में झोपड़ी में गुजर-बसर कर रहे पात्र लाभार्थी
संतकबीरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के आवंटन में मनमानी चल रही है। जिले के अलग-अलग ब्लॉकों में 19 अपात्रों को आवास बांट दिया गया। जबकि पात्र आवास पाने की इंतजारी कर रहे हैं। बारिश का मौसम है। पात्र झोपड़ी और जर्जर कच्चे मकानों में परिवार के साथ रहने को लाचार हैं।
शासन ने बेघर पात्र गरीबों को पक्का घर मुहैया कराए जाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण संचालित की है। इस योजना के तहत वर्ष 2020-21 में 21,565 लोगों को आवास दिए जाने का लक्ष्य मिला था। इसमें से 21,551 आवास स्वीकृत हुआ। जबकि 14 आवास आज तक स्वीकृत ही नहीं हो पाया। विभाग ने 21,527 लोगों को प्रथम किस्त की धनराशि दी। लक्ष्य के मुताबिक 21,448 आवास ही पूर्ण हो पाए। जबकि 117 आवास अभी अपूर्ण हैं। इसी तरह वर्ष 2021-22 में 12,046 लोगों को आवास दिए जाने का लक्ष्य मिला था। इसमें से 11,938 लोगों का आवास स्वीकृत हुआ। जबकि108 आवास अभी तक स्वीकृत हीं नहीं हो पाए हैं। 11,686 लोगों को प्रथम किस्त दी गई। जबकि 11,488 आवास ही पूर्ण हो पाए हैं। अभी तक 558 आवास पूर्ण हैं। शिकायत पर हुई जांच में 19 अपात्रों को आवास आवंटित किए जाने का मामला सामने आया। उसके बाद विभाग के जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई से बचने के लिए जिम्मेदारों ने अपात्रों को जारी धनराशि की वसूली करके नोडल खाता लखनऊ में भेजवा दिया। इधर, पात्र लाभार्थी सूची में नाम होते हुए भी आवास अभी तक नहीं पा सके हैं। नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के परमेश्वरपुर की रहने वाली विजय लक्ष्मी पत्नी स्वर्गीय हनुमंत विद्यालय में भोजन बनाती हैं। इसके साथ ही बिसाता का सामान लेकर गांव-गांव बेचकर घर का खर्च चला रही हैं। इनकी बहन राजलक्ष्मी पत्नी स्वर्गीय राजदेव की भी माली हालत ठीक नहीं है। इसी गांव की कमला देवी पत्नी स्वर्गीय मोतीलाल भी बेहद गरीबी में जिंदगी गुजार रही हैं। इन सभी लोगों का कहना है कि इनका नाम सूची में है, लेकिन अभी तक आवास नहीं मिल पाया है। लोग झोपड़ी में गुजर-बसर कर रहे हैं। पौली ब्लॉक क्षेत्र के मटौली गांव निवासी चंदा पत्नी प्रेमपाल, अनीता पत्नी बबलू, यमुना पुत्र गरीब दास और रोसया बाजार निवासी मैना, रीना, तहरून्निशा ऐसे तमाम परिवार हैं जो पात्र होते हुए भी अभी तक आवास योजना का लाभ नहीं पा सके हैं। ये गरीब परिवार गर्मी, ठंडी और बारिश के मौसम में झोपड़ी में जिंदगी गुजार रहे हैं। संवाद
अपात्र पाए गए लोग
बघौली ब्लॉक में तसीबुन्निशा पत्नी मकबूल, गंगोत्री पत्नी चंद्रजीत, फूलमती पत्नी राम प्रकाश, पुष्पावती पत्नी राकेश अपात्र पाई गईं। जबकि मेंहदावल ब्लॉक में शांति और मालती अपात्र मिली हैं। खलीलाबाद ब्लॉक में बासमती, आशा, विजयवंता, सिद्धू, मीना, नीलम, ज्ञानमती, रासिदा खातून अपात्र पाई गई है। बेहलर कला ब्लॉक क्षेत्र में जुगुन्निशा, मायत्री, रामावती देवी, शारदा देवी और उर्मिला अपात्र मिली हैं। इन सभी लाभार्थियों को प्रथम किस्त की धनराशि 40,000 रुपये की दर से दे दी गई थी।
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कोट
यह सच है कि बघौली, मेंहदावल, खलीलाबाद और बेलहर ब्लॉकों में 19 अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दे दिया गया था। इन लाभार्थियों को प्रथम किस्त की रकम 40 हजार रुपये की दर से जारी हुई थी। जांच में मामला पकड़ में आया तो सभी से कुल 76 लाख की रकम की वसूली कराई गई। वसूली की गई रकम नोडल खाता लखनऊ में भेजवा दिया गया। सूची में जिन लाभार्थियों का नाम है, उन्हें वरीयता क्रम के अनुसार आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है। जो आवास स्वीकृत नहीं हुए हैं, उसे स्वीकृत करने और अपूर्ण आवासों को पूरा कराने के लिए संबंधित बीडीओ को चेतावनी दी गई है।
- सुदामा प्रसाद, डीडीओ/परियोजना निदेशक, डीआरडीए
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चार ब्लॉकों के 19 अपात्र लाभार्थियों से वसूली गई 76 लाख की रकम
आवास पाने की आस में झोपड़ी में गुजर-बसर कर रहे पात्र लाभार्थी
संतकबीरनगर। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के आवंटन में मनमानी चल रही है। जिले के अलग-अलग ब्लॉकों में 19 अपात्रों को आवास बांट दिया गया। जबकि पात्र आवास पाने की इंतजारी कर रहे हैं। बारिश का मौसम है। पात्र झोपड़ी और जर्जर कच्चे मकानों में परिवार के साथ रहने को लाचार हैं।
शासन ने बेघर पात्र गरीबों को पक्का घर मुहैया कराए जाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण संचालित की है। इस योजना के तहत वर्ष 2020-21 में 21,565 लोगों को आवास दिए जाने का लक्ष्य मिला था। इसमें से 21,551 आवास स्वीकृत हुआ। जबकि 14 आवास आज तक स्वीकृत ही नहीं हो पाया। विभाग ने 21,527 लोगों को प्रथम किस्त की धनराशि दी। लक्ष्य के मुताबिक 21,448 आवास ही पूर्ण हो पाए। जबकि 117 आवास अभी अपूर्ण हैं। इसी तरह वर्ष 2021-22 में 12,046 लोगों को आवास दिए जाने का लक्ष्य मिला था। इसमें से 11,938 लोगों का आवास स्वीकृत हुआ। जबकि108 आवास अभी तक स्वीकृत हीं नहीं हो पाए हैं। 11,686 लोगों को प्रथम किस्त दी गई। जबकि 11,488 आवास ही पूर्ण हो पाए हैं। अभी तक 558 आवास पूर्ण हैं। शिकायत पर हुई जांच में 19 अपात्रों को आवास आवंटित किए जाने का मामला सामने आया। उसके बाद विभाग के जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई से बचने के लिए जिम्मेदारों ने अपात्रों को जारी धनराशि की वसूली करके नोडल खाता लखनऊ में भेजवा दिया। इधर, पात्र लाभार्थी सूची में नाम होते हुए भी आवास अभी तक नहीं पा सके हैं। नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के परमेश्वरपुर की रहने वाली विजय लक्ष्मी पत्नी स्वर्गीय हनुमंत विद्यालय में भोजन बनाती हैं। इसके साथ ही बिसाता का सामान लेकर गांव-गांव बेचकर घर का खर्च चला रही हैं। इनकी बहन राजलक्ष्मी पत्नी स्वर्गीय राजदेव की भी माली हालत ठीक नहीं है। इसी गांव की कमला देवी पत्नी स्वर्गीय मोतीलाल भी बेहद गरीबी में जिंदगी गुजार रही हैं। इन सभी लोगों का कहना है कि इनका नाम सूची में है, लेकिन अभी तक आवास नहीं मिल पाया है। लोग झोपड़ी में गुजर-बसर कर रहे हैं। पौली ब्लॉक क्षेत्र के मटौली गांव निवासी चंदा पत्नी प्रेमपाल, अनीता पत्नी बबलू, यमुना पुत्र गरीब दास और रोसया बाजार निवासी मैना, रीना, तहरून्निशा ऐसे तमाम परिवार हैं जो पात्र होते हुए भी अभी तक आवास योजना का लाभ नहीं पा सके हैं। ये गरीब परिवार गर्मी, ठंडी और बारिश के मौसम में झोपड़ी में जिंदगी गुजार रहे हैं। संवाद
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अपात्र पाए गए लोग
बघौली ब्लॉक में तसीबुन्निशा पत्नी मकबूल, गंगोत्री पत्नी चंद्रजीत, फूलमती पत्नी राम प्रकाश, पुष्पावती पत्नी राकेश अपात्र पाई गईं। जबकि मेंहदावल ब्लॉक में शांति और मालती अपात्र मिली हैं। खलीलाबाद ब्लॉक में बासमती, आशा, विजयवंता, सिद्धू, मीना, नीलम, ज्ञानमती, रासिदा खातून अपात्र पाई गई है। बेहलर कला ब्लॉक क्षेत्र में जुगुन्निशा, मायत्री, रामावती देवी, शारदा देवी और उर्मिला अपात्र मिली हैं। इन सभी लाभार्थियों को प्रथम किस्त की धनराशि 40,000 रुपये की दर से दे दी गई थी।
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यह सच है कि बघौली, मेंहदावल, खलीलाबाद और बेलहर ब्लॉकों में 19 अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दे दिया गया था। इन लाभार्थियों को प्रथम किस्त की रकम 40 हजार रुपये की दर से जारी हुई थी। जांच में मामला पकड़ में आया तो सभी से कुल 76 लाख की रकम की वसूली कराई गई। वसूली की गई रकम नोडल खाता लखनऊ में भेजवा दिया गया। सूची में जिन लाभार्थियों का नाम है, उन्हें वरीयता क्रम के अनुसार आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है। जो आवास स्वीकृत नहीं हुए हैं, उसे स्वीकृत करने और अपूर्ण आवासों को पूरा कराने के लिए संबंधित बीडीओ को चेतावनी दी गई है।
- सुदामा प्रसाद, डीडीओ/परियोजना निदेशक, डीआरडीए