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सेंट्रल लैब के लिए मिली जगह, जल्द शुरू होगा कार्य
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जिला अस्पताल में स्थित महिला विंग इसी में बनेगा सेंट्रल लैब।संवाद
- फोटो : KHALILABAD
सेंट्रल लैब के लिए मिली जगह, जल्द शुरू होगा कार्य
- महिला विंग और सामान्य पैथालॉजी लैब में बनाने का प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में इंट्रीग्रेटेड (सेंट्रल) लैब बनाने की योजना को अमल में लाने की कवायद शुरू हो गई है। शासन ने जगह मांगी थी जो अस्पताल प्रशासन ने उपलब्ध करा दी है। अस्पताल के महिला विंग और सामान्य लैब में सेंट्रल लैब को बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। शासन की टीम ने भी इसके लिए सहमति दे दी है। जल्द ही लैब बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
जिला अस्पताल में जांच के लिए अलग-अलग जगहों पर लैब बनाया गया है। कुछ जांच तो अस्पताल के भूमि तल पर होता है तो कुछ जांच प्रथम तल पर किया जाता है। इसके लिए एक जगह से दूसरे जगह पर मरीजों को भाग दौड़ लगानी पड़ती है। जिससे उनका समय भी बर्बाद होता है।
शासन ने मरीजों की दिक्कतों को देखते हुए जिला अस्पताल परिसर में इंट्रीग्रेटेड लैब बनाने का निर्देश जारी किया है। यह लैब बनने से सभी प्रकार के जांच एक जगह उपलब्ध हो जाएंगे। लैब बनाने के लिए पांच हजार वर्ग फीट की जमीन मांगी थी। अस्पताल परिसर में जगह खाली न होने के चलते सीएमएस ने महिला विंग और सामान्य लैब को इसके लिए प्रस्तावित कर दिया है।
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स्वास्थ्य महानिदेशक की टीम ने भी सहमति जताई है। सीएमएस डॉ. ओपी चतुर्वेदी ने कहा कि अस्पताल के महिला विंग को एमसीएच विंग में शिफ्ट कर दिया जाएगा। जिससे महिला विंग में पर्याप्त जगह मिल जाएगी। इसके साथ ही सामान्य लैब को भी प्रस्तावित किया गया है। सामान्य लैब के बगल में छत खाली है उस पर भी लैब का निर्माण हो सकता है। महानिदेशालय की टीम ने इन दोनों जगहों पर सहमति दी है।
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- महिला विंग और सामान्य पैथालॉजी लैब में बनाने का प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में इंट्रीग्रेटेड (सेंट्रल) लैब बनाने की योजना को अमल में लाने की कवायद शुरू हो गई है। शासन ने जगह मांगी थी जो अस्पताल प्रशासन ने उपलब्ध करा दी है। अस्पताल के महिला विंग और सामान्य लैब में सेंट्रल लैब को बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। शासन की टीम ने भी इसके लिए सहमति दे दी है। जल्द ही लैब बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
जिला अस्पताल में जांच के लिए अलग-अलग जगहों पर लैब बनाया गया है। कुछ जांच तो अस्पताल के भूमि तल पर होता है तो कुछ जांच प्रथम तल पर किया जाता है। इसके लिए एक जगह से दूसरे जगह पर मरीजों को भाग दौड़ लगानी पड़ती है। जिससे उनका समय भी बर्बाद होता है।
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शासन ने मरीजों की दिक्कतों को देखते हुए जिला अस्पताल परिसर में इंट्रीग्रेटेड लैब बनाने का निर्देश जारी किया है। यह लैब बनने से सभी प्रकार के जांच एक जगह उपलब्ध हो जाएंगे। लैब बनाने के लिए पांच हजार वर्ग फीट की जमीन मांगी थी। अस्पताल परिसर में जगह खाली न होने के चलते सीएमएस ने महिला विंग और सामान्य लैब को इसके लिए प्रस्तावित कर दिया है।
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स्वास्थ्य महानिदेशक की टीम ने भी सहमति जताई है। सीएमएस डॉ. ओपी चतुर्वेदी ने कहा कि अस्पताल के महिला विंग को एमसीएच विंग में शिफ्ट कर दिया जाएगा। जिससे महिला विंग में पर्याप्त जगह मिल जाएगी। इसके साथ ही सामान्य लैब को भी प्रस्तावित किया गया है। सामान्य लैब के बगल में छत खाली है उस पर भी लैब का निर्माण हो सकता है। महानिदेशालय की टीम ने इन दोनों जगहों पर सहमति दी है।