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नागपंचमी के दिन हुए विवाद का मामला
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मझरिया गांव के सामने सड़क पर रहा सन्नाटा।
- फोटो : KHALILABAD
महिलाओं की गिरफ्तारी से गांव के लोग दहशत में
मंझरिया और भटौली गांव में अभी भी पसरा है सन्नाटा
नागपंचमी के दिन हुआ था विवाद, एक युवक की हो गई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
बेलहर। बखिरा थाना क्षेत्र के भटौली और मंझरिया केवटहिया के ग्रामीणों के बीच नागपंचमी के दिन हुए खूनी संघर्ष के बाद हुई पुलिसिया कार्रवाई तथा किसी अनहोनी से भयभीत ग्रामीण घटना के एक सप्ताह बाद भी गांव लौटने से डर रहे हैं। रविवार को पुलिस ने मंझरिया गांव के 11 महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसके बाद गांव में सन्नाटा पसरा है।
नागपंचमी के दिन मंझरिया पठान और भटौली गांव के बीच कबड्डी को लेकर विवाद हो गया था। जिसके बाद दोनों गांव के लोगों ने आपस में जमकर मारपीट की थी। इस घटना में मंझरिया टोला केवटहिया के निवासी मजनू उर्फ उमेश को गंभीर चोट लगी थी। इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने दुर्गजोत रूधौली मार्ग जाम कर दिया था और पुलिस पर पत्थरबाजी की थी। जिस पर पुलिस ने 50 अज्ञात पर सड़क जाम, लोक सेवकों पर हमला करने आदि का केस दर्ज किया था। वीडियोग्राफी के आधार पर रविवार को पुलिस ने मंझरिया केवटहिया की 11 महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद ग्रामीण दहशत में आ गए और गांव से पलायन कर गए। सोमवार को गांव में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा था। हालांकि रविवार को एसडीएम मेंहदावल प्रेम प्रकाश अंजोर ने केवटहिया और भटौली गांव में पहुंच कर लोगों को निर्भिक होकर रहने की अपील की थी और सुरक्षा का भरोसा दिलाया था लेकिन पुलिसिया कार्रवाई की वजह से गांव में सिर्फ महिलाएं और बच्चे ही है। जबकि पुरूष गांव से गायब है। एसओ बखिरा सुुधीर सिंह ने बताया कि लोग निर्भिक होकर गांव में रहे। जो लोग दोषी है उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई होगी। निर्दोष का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
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मंझरिया और भटौली गांव में अभी भी पसरा है सन्नाटा
नागपंचमी के दिन हुआ था विवाद, एक युवक की हो गई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
बेलहर। बखिरा थाना क्षेत्र के भटौली और मंझरिया केवटहिया के ग्रामीणों के बीच नागपंचमी के दिन हुए खूनी संघर्ष के बाद हुई पुलिसिया कार्रवाई तथा किसी अनहोनी से भयभीत ग्रामीण घटना के एक सप्ताह बाद भी गांव लौटने से डर रहे हैं। रविवार को पुलिस ने मंझरिया गांव के 11 महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसके बाद गांव में सन्नाटा पसरा है।
नागपंचमी के दिन मंझरिया पठान और भटौली गांव के बीच कबड्डी को लेकर विवाद हो गया था। जिसके बाद दोनों गांव के लोगों ने आपस में जमकर मारपीट की थी। इस घटना में मंझरिया टोला केवटहिया के निवासी मजनू उर्फ उमेश को गंभीर चोट लगी थी। इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीणों ने दुर्गजोत रूधौली मार्ग जाम कर दिया था और पुलिस पर पत्थरबाजी की थी। जिस पर पुलिस ने 50 अज्ञात पर सड़क जाम, लोक सेवकों पर हमला करने आदि का केस दर्ज किया था। वीडियोग्राफी के आधार पर रविवार को पुलिस ने मंझरिया केवटहिया की 11 महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद ग्रामीण दहशत में आ गए और गांव से पलायन कर गए। सोमवार को गांव में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा था। हालांकि रविवार को एसडीएम मेंहदावल प्रेम प्रकाश अंजोर ने केवटहिया और भटौली गांव में पहुंच कर लोगों को निर्भिक होकर रहने की अपील की थी और सुरक्षा का भरोसा दिलाया था लेकिन पुलिसिया कार्रवाई की वजह से गांव में सिर्फ महिलाएं और बच्चे ही है। जबकि पुरूष गांव से गायब है। एसओ बखिरा सुुधीर सिंह ने बताया कि लोग निर्भिक होकर गांव में रहे। जो लोग दोषी है उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई होगी। निर्दोष का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
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