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पूरी रात उमस और अंधेरे में गुजारी रात, पेयजल संकट भी बढ़ा
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बिजली न रहने के कारण शहर में छाया रहा अंधेरा ।
- फोटो : KHALILABAD
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पूरी रात उमस और अंधेरे में गुजारी रात, पेयजल संकट भी बढ़ा
- बिजलीकर्मियों के हड़ताल से चहुओर हाहाकर
- वैकल्पिक व्यवस्था फेल, लाचार नजर आया प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। निजीकरण के विरोध में विद्युतकर्मियों की हड़ताल से जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गुल है और लोगों को उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ रहा है। 36 घंटे का समय बीतने के बाद भी बिजली आपूर्ति शुरू होने की संभावना नहीं दिख रही है। उधर बिजलीकर्मी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। कर्मियों ने एलान किया है कि जब तक निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं लिया जाता है तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर विद्युत कर्मियों ने सोमवार से कामकाज ठप कर दिया और अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना पर बैठ गए। इसका असर यह है कि पूरे जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। शहर से लेकर गांव तक बिजली गुल है। चहुंओर हाहाकार मचा हुआ है। बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण लोगों को पूरी रात अंधेरे में उमस भरी गर्मी के बीच गुजारना पड़ा। इस दौरान प्रशासन ने विद्युत आपूर्ति बहाल रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन का प्रयास विफल साबित हुआ। दूसरी तरफ विद्युत कर्मियों ने मंगलवार को भी हड़ताल जारी रखी। इस दौरान अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना पर बैठे कर्मियों ने एलान किया कि जब तक सरकार निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं ले लेती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अधिशाषी अभियंता इं. राजकुमार सिंह की अध्यक्षता में हुए धरना में अधीक्षण अभियंता इं. धर्मेश कुमार लाल ने कहा कि सरकार मनमानी पर उतारू है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरना में इं. अरूण गुप्ता, वीरेंद्र शुक्ला, संजय यादव, केएम यादव, धनंजय सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुनील प्रजापति, रमेश चौबे, अभय प्रताप, एसबी ठाकुर, राजन चौबे, प्रेम प्रकाश वर्मा, अच्छेलाल पटेल, अजय गुप्ता, केएल यादव, बृजेश गुप्ता, शाहिद अंसारी, सन्नी देओल, भानुप्रताप, चंद्रभूषण, मिथिलेश शाह, रामकरन, गुलाब यादव, सुरेंद्र कुमार, संतोष यादव, राजेंद्र श्रीवास्तव, हफीजुर्रहमान, सूरज कुमार, अमरनाथ, धीरेंद्र यादव, राशिद खान, कुलदीप, दिलीप मौर्य, श्रवण कुमार, रमेश उपाध्याय, हेमलता, विभव रंजन, अमित कुमार, शशिकांत, राघवेंद्र प्रताप, श्रीकांत शुक्ल, अवनीश कुमार आदि मौजूद रहे।
शहर में पेयजल आपूर्ति हुई बाधित
विद्युत कर्मियों की हड़ताल से ध्वस्त हुई बिजली आपूर्ति के चलते खलीलाबाद शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हुई। हालांकि पालिका प्रशासन ने कुछ समय के लिए पेयजल आपूर्ति की लेकिन लगातार बिजली गायब रहने से पेयजल की सप्लाई बाधित हो गई। शहर के दिलीप कुमार, महेश कुमार आदि ने कहा कि बिजली संकट के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी। पेयजल का भी संकट झेलना पड़ा।
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वैकल्पिक व्यवस्था फेल
विद्युत कर्मियों के हड़ताल को लेकर जिला प्रशासन ने आपूर्ति बहाल रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई थी और अप्रेटिंस धारकों के साथ लेखपालों को विद्युत सब स्टेशनों पर लगाया था, लेकिन प्रशासन की यह व्यवस्था फेल नजर आई। अधिकतर विद्युत सब स्टेशनों पर कोई नजर नहीं आया। जो अप्रेटिंस धारक लगाए गए थे, उन्हें भी समझ में नहीं आ रहा है कि विद्युत आपूर्ति कैसे बहाल रखा जाए।
डीएम ने हाइडिल पहुंचकर लिया जायजा
जिलाधिकारी दिव्या मित्तल विद्युत आपूर्ति बहाल कराने के लिए लगातार प्रयास करती नजर आई। उन्होंने रात्रि के समय में खलीलाबाद के हाइडिल में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के विद्युत सब स्टेशनों पर प्रशासनिक अधिकारी लगातार भ्रमण करते नजर आए।
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- बिजलीकर्मियों के हड़ताल से चहुओर हाहाकर
- वैकल्पिक व्यवस्था फेल, लाचार नजर आया प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। निजीकरण के विरोध में विद्युतकर्मियों की हड़ताल से जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गुल है और लोगों को उमस भरी गर्मी से जूझना पड़ रहा है। 36 घंटे का समय बीतने के बाद भी बिजली आपूर्ति शुरू होने की संभावना नहीं दिख रही है। उधर बिजलीकर्मी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। कर्मियों ने एलान किया है कि जब तक निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं लिया जाता है तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर विद्युत कर्मियों ने सोमवार से कामकाज ठप कर दिया और अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना पर बैठ गए। इसका असर यह है कि पूरे जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। शहर से लेकर गांव तक बिजली गुल है। चहुंओर हाहाकार मचा हुआ है। बिजली आपूर्ति ठप होने के कारण लोगों को पूरी रात अंधेरे में उमस भरी गर्मी के बीच गुजारना पड़ा। इस दौरान प्रशासन ने विद्युत आपूर्ति बहाल रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन का प्रयास विफल साबित हुआ। दूसरी तरफ विद्युत कर्मियों ने मंगलवार को भी हड़ताल जारी रखी। इस दौरान अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना पर बैठे कर्मियों ने एलान किया कि जब तक सरकार निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं ले लेती है तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अधिशाषी अभियंता इं. राजकुमार सिंह की अध्यक्षता में हुए धरना में अधीक्षण अभियंता इं. धर्मेश कुमार लाल ने कहा कि सरकार मनमानी पर उतारू है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धरना में इं. अरूण गुप्ता, वीरेंद्र शुक्ला, संजय यादव, केएम यादव, धनंजय सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुनील प्रजापति, रमेश चौबे, अभय प्रताप, एसबी ठाकुर, राजन चौबे, प्रेम प्रकाश वर्मा, अच्छेलाल पटेल, अजय गुप्ता, केएल यादव, बृजेश गुप्ता, शाहिद अंसारी, सन्नी देओल, भानुप्रताप, चंद्रभूषण, मिथिलेश शाह, रामकरन, गुलाब यादव, सुरेंद्र कुमार, संतोष यादव, राजेंद्र श्रीवास्तव, हफीजुर्रहमान, सूरज कुमार, अमरनाथ, धीरेंद्र यादव, राशिद खान, कुलदीप, दिलीप मौर्य, श्रवण कुमार, रमेश उपाध्याय, हेमलता, विभव रंजन, अमित कुमार, शशिकांत, राघवेंद्र प्रताप, श्रीकांत शुक्ल, अवनीश कुमार आदि मौजूद रहे।
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शहर में पेयजल आपूर्ति हुई बाधित
विद्युत कर्मियों की हड़ताल से ध्वस्त हुई बिजली आपूर्ति के चलते खलीलाबाद शहर में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हुई। हालांकि पालिका प्रशासन ने कुछ समय के लिए पेयजल आपूर्ति की लेकिन लगातार बिजली गायब रहने से पेयजल की सप्लाई बाधित हो गई। शहर के दिलीप कुमार, महेश कुमार आदि ने कहा कि बिजली संकट के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी। पेयजल का भी संकट झेलना पड़ा।
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वैकल्पिक व्यवस्था फेल
विद्युत कर्मियों के हड़ताल को लेकर जिला प्रशासन ने आपूर्ति बहाल रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई थी और अप्रेटिंस धारकों के साथ लेखपालों को विद्युत सब स्टेशनों पर लगाया था, लेकिन प्रशासन की यह व्यवस्था फेल नजर आई। अधिकतर विद्युत सब स्टेशनों पर कोई नजर नहीं आया। जो अप्रेटिंस धारक लगाए गए थे, उन्हें भी समझ में नहीं आ रहा है कि विद्युत आपूर्ति कैसे बहाल रखा जाए।
डीएम ने हाइडिल पहुंचकर लिया जायजा
जिलाधिकारी दिव्या मित्तल विद्युत आपूर्ति बहाल कराने के लिए लगातार प्रयास करती नजर आई। उन्होंने रात्रि के समय में खलीलाबाद के हाइडिल में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के विद्युत सब स्टेशनों पर प्रशासनिक अधिकारी लगातार भ्रमण करते नजर आए।