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Sant Kabir Nagar News: ग्राम प्रधान के चेहरा दिखाए बिना नहीं होगा भुगतान
Tue, 06 May 2025 11:23 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Tue, 06 May 2025 11:23 PM IST
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सेमरियावां। अब ग्राम प्रधान बाहर रहकर अपना डोंगल दूसरे को देकर ग्राम पंचायत के खातों से भुगतान नहीं करा सकेंगे। फेस की स्कैनिंग के बिना पैसा नहीं निकलेगा। सभी ग्राम पंचायतों में जियोफेंसिंग सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किया जा रहा है। इंस्टॉलेशन का काम पूरा होने पर इसे पूरी तरह प्रभावी कर दिया जाएगा। प्रधान और सचिवों का फेस स्कैन करने और निर्धारित सीमा के अंदर से ही भुगतान हो सकेगा।
अबतक ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर गेटवे पर भुगतान होता रहा है। इससे ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर गेटवे से हटकर भुगतान पर विराम लगेगा। अब पंचायत सचिव और प्रधान का चेहरा पहचानने के बाद लोकेशन बेस्ड गेटवे (जियोफेंसिंग) पर भुगतान को प्रभावी किया जाएगा। फेस की स्कैनिंग के लिए प्रधान और सचिव की फोटो सत्यापन का काम तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
सेमरियावां ब्लाॅक के 113 ग्राम पंचायतों में से 8 ग्राम पंचायतों में जियोफेंसिंग सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो चुका है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों का प्रशिक्षण भी हो चुका है। बताया गया है कि अब प्रधान, सचिव या पंचायत सहायक में से किसी एक को अपने फेस की स्कैनिंग करानी होगी। इससे बाद ही ग्राम पंचायत में होने वाले विकास कार्यों में उपयोग होने वाले बजट की निकासी हो सकेगी।
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वहीं, शासन गांवों में विकास कार्यों, सामग्री खरीदारी और अन्य भुगतान किए जाने के लिए गांवों में बने पंचायत भवन या मिनी सचिवालय से गेटवे पोर्टल पर व्यवस्था दी गई है, बावजूद ग्राम विकास अधिकारी गेटवे से हटकर भुगतान करते हैं। आए दिन ऐसे भुगतान के मामले सामने आते हैं। इसे देखते हुए शासन ने व्यवस्था में बदलाव किया है।
पंचायतीराज विभाग ने लोकेशन बेस्ट गेटवे पोर्टल फेस पहचान कर लॉगइन और भुगतान की व्यवस्था दी है। सभी भुगतान ग्राम पंचायत सचिवालय से ही किए जाने की अनिवार्यता के साथ ही फेस रीड कराए जाने की व्यवस्था प्रभावी होगी। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर ग्राम सचिव कहीं से भी भुगतान कर देते थे। अब इस पर रोक लगेगी। संवाद
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ये है जियोफेंसिंग
जियोफेंसिंग का इस्तेमाल स्थान की निगरानी के लिए किया जाता है। जियोफेंसिंग एक आभासी सीमा है जो किसी विशिष्ट स्थान के आसपास बनाई जाती है। इसका उपयोग यह ट्रैक करने के लिए किया जाता है कि कोई व्यक्ति उस क्षेत्र में है या नहीं।
कोट
ग्राम पंचायतों के भुगतान के लिए इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जा रहा है। अब प्रधान और सचिवों का फेस रीड करने के बाद भी भुगतान की प्रक्रिया पूरी होगी। फेस स्कैनिंग के लिए ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव, पंचायत सहायक के फोटो सत्यापन का कार्य प्रगति पर है। जल्द ही पूर्ण हो जाएगा। फिर यह प्रक्रिया पूरी तरह से प्रभावी हो जाएगी।
-दीप श्रीवास्तव, एडीओ पंचायत, सेमरियावां
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अबतक ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर गेटवे पर भुगतान होता रहा है। इससे ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर गेटवे से हटकर भुगतान पर विराम लगेगा। अब पंचायत सचिव और प्रधान का चेहरा पहचानने के बाद लोकेशन बेस्ड गेटवे (जियोफेंसिंग) पर भुगतान को प्रभावी किया जाएगा। फेस की स्कैनिंग के लिए प्रधान और सचिव की फोटो सत्यापन का काम तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
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सेमरियावां ब्लाॅक के 113 ग्राम पंचायतों में से 8 ग्राम पंचायतों में जियोफेंसिंग सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो चुका है। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों का प्रशिक्षण भी हो चुका है। बताया गया है कि अब प्रधान, सचिव या पंचायत सहायक में से किसी एक को अपने फेस की स्कैनिंग करानी होगी। इससे बाद ही ग्राम पंचायत में होने वाले विकास कार्यों में उपयोग होने वाले बजट की निकासी हो सकेगी।
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वहीं, शासन गांवों में विकास कार्यों, सामग्री खरीदारी और अन्य भुगतान किए जाने के लिए गांवों में बने पंचायत भवन या मिनी सचिवालय से गेटवे पोर्टल पर व्यवस्था दी गई है, बावजूद ग्राम विकास अधिकारी गेटवे से हटकर भुगतान करते हैं। आए दिन ऐसे भुगतान के मामले सामने आते हैं। इसे देखते हुए शासन ने व्यवस्था में बदलाव किया है।
पंचायतीराज विभाग ने लोकेशन बेस्ट गेटवे पोर्टल फेस पहचान कर लॉगइन और भुगतान की व्यवस्था दी है। सभी भुगतान ग्राम पंचायत सचिवालय से ही किए जाने की अनिवार्यता के साथ ही फेस रीड कराए जाने की व्यवस्था प्रभावी होगी। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर ग्राम सचिव कहीं से भी भुगतान कर देते थे। अब इस पर रोक लगेगी। संवाद
ये है जियोफेंसिंग
जियोफेंसिंग का इस्तेमाल स्थान की निगरानी के लिए किया जाता है। जियोफेंसिंग एक आभासी सीमा है जो किसी विशिष्ट स्थान के आसपास बनाई जाती है। इसका उपयोग यह ट्रैक करने के लिए किया जाता है कि कोई व्यक्ति उस क्षेत्र में है या नहीं।
कोट
ग्राम पंचायतों के भुगतान के लिए इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जा रहा है। अब प्रधान और सचिवों का फेस रीड करने के बाद भी भुगतान की प्रक्रिया पूरी होगी। फेस स्कैनिंग के लिए ग्राम प्रधान व ग्राम सचिव, पंचायत सहायक के फोटो सत्यापन का कार्य प्रगति पर है। जल्द ही पूर्ण हो जाएगा। फिर यह प्रक्रिया पूरी तरह से प्रभावी हो जाएगी।
-दीप श्रीवास्तव, एडीओ पंचायत, सेमरियावां